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फाइलों में अटका अंबाला-पंचकूला निगम भंग का प्रस्ताव
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Jan 2018 09:36 AM IST
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Panchkula municipal corporation
- फोटो : File Photo
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अंबाला और पंचकूला नगर निगम को भंग करने का प्रस्ताव मंगलवार को हुई कैबिनेट के एजेंडे से ड्रॉप कर दिया गया। क्योंकि अभी तक ये प्रस्ताव फाइलों में ही लटका हुआ है। हालांकि यह प्रस्ताव पिछले दिनों हुई कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक में पास हो गया था। लेकिन मंगलवार को औपचारिक कैबिनेट की बैठक में आने से पहले ये प्रस्ताव अपनी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया। लिहाजा कैबिनेट के एजेंडे में इसे शामिल नहीं किया गया।
लेकिन दूसरी ओर, सेहत मंत्री अनिल विज इस प्रस्ताव को बिना कैबिनेट केही सर्कुलेशन के जरिए पास करवाना चाहते हैं। मंत्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला नगर निगम भंग करने के लिए तेजी से प्रक्रिया चल रही है। इसे कैबिनेट मीटिंग के बजाए सीधे मंत्रियों से हस्ताक्षर कराकर एजेंडे को पास कर दिया जाएगा। उनके अनुसार संभावना है कि अगले सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
अभी वित्त विभाग में अटकी है फाइल
विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी इस प्रस्ताव संबंधी फाइल हरियाणा वित्ती विभाग में अटकी हुई है। वित्त विभाग से कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से मोहर लग जाएगी। अंबाला नगर निगम के साथ ही पंचकूला नगर निगम से हटाकर कालका और पिंजौर को भी नई नगर परिषद का तोहफा मिल जाएगा। पंचकूला नगर निगम पहले की तरह से यथावत बना रहेगा। वहीं अंबाला में पहले की तरह से अंबाला कैंट और शहर दो नई नगर परिषदें गठित हो जाएगी। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद फिर नए सिरे से वार्ड बंदी की कवायद शुरू की जाएगी जिसके बाद इन परिषदों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व की हुड्डा सरकार में अंबाला और पंचकूला को नगर निगम का तोहफा मिला था। अंबाला नगर निगम में जहां कैंट और सिटी की नगर परिषदों को आपस में जोड़ा गया था तो वहीं पंचकूला नगर निगम में पंचकूला और कालका-पिंजौर का समायोजन हुआ था। इनका जिनका कार्यकाल इसी साल जुलाई तक खत्म हो रहा है।
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लेकिन दूसरी ओर, सेहत मंत्री अनिल विज इस प्रस्ताव को बिना कैबिनेट केही सर्कुलेशन के जरिए पास करवाना चाहते हैं। मंत्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला नगर निगम भंग करने के लिए तेजी से प्रक्रिया चल रही है। इसे कैबिनेट मीटिंग के बजाए सीधे मंत्रियों से हस्ताक्षर कराकर एजेंडे को पास कर दिया जाएगा। उनके अनुसार संभावना है कि अगले सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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अभी वित्त विभाग में अटकी है फाइल
विभागीय सूत्रों के अनुसार अभी इस प्रस्ताव संबंधी फाइल हरियाणा वित्ती विभाग में अटकी हुई है। वित्त विभाग से कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से मोहर लग जाएगी। अंबाला नगर निगम के साथ ही पंचकूला नगर निगम से हटाकर कालका और पिंजौर को भी नई नगर परिषद का तोहफा मिल जाएगा। पंचकूला नगर निगम पहले की तरह से यथावत बना रहेगा। वहीं अंबाला में पहले की तरह से अंबाला कैंट और शहर दो नई नगर परिषदें गठित हो जाएगी। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद फिर नए सिरे से वार्ड बंदी की कवायद शुरू की जाएगी जिसके बाद इन परिषदों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी।
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उल्लेखनीय है कि पूर्व की हुड्डा सरकार में अंबाला और पंचकूला को नगर निगम का तोहफा मिला था। अंबाला नगर निगम में जहां कैंट और सिटी की नगर परिषदों को आपस में जोड़ा गया था तो वहीं पंचकूला नगर निगम में पंचकूला और कालका-पिंजौर का समायोजन हुआ था। इनका जिनका कार्यकाल इसी साल जुलाई तक खत्म हो रहा है।