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Haryana: ई-टेंडरिंग वाले विकास कार्यों में नहीं पंचायतों की रूचि, ढाई माह में महज 882 प्रस्ताव पहुंचे

Fri, 07 Jul 2023 12:48 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/हिसार/करनाल/रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/हिसार/करनाल/रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 07 Jul 2023 12:48 AM IST
सार

हिसार जिले में 260 पंचायतों से विकास कार्यों के 24 करोड़ के अधिक के 724 प्रस्ताव आए हैं। भिवानी की 312 ग्राम पंचायतों में दो से पांच लाख तक के सभी गांवों से प्रस्ताव आए हैं। हालांकि पांच लाख से ऊपर के केवल 48 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव आए हैं।

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Panchayats not interested in e tendering development works in Haryana
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा की पंचायतें पांच लाख से ऊपर की राशि से होने वाले विकास कार्यों में रूचि नहीं दिखा रही हैं। पिछले ढाई माह में पांच लाख से ऊपर के मात्र 882 प्रस्ताव ही आए हैं। इनमें से 219 के टेंडर होकर एजेंसियों को कार्य अलॉट होने के बाद काम शुरू हो चुका है। हालांकि, पांच लाख से नीचे बिना ई-टेंडरिंग के कार्यों की संख्या अधिक है। पंचायतें बिना ई-टेंडरिंग वाले प्रस्तावों को अधिक प्राथमिकता दे रही हैं।

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बता दें कि पहले सरकार ने दो लाख रुपये की राशि से अधिक के विकास कार्यों को ई-टेंडरिंग से कराने को लेकर आदेश जारी किया था। इसके बाद सरपंचों ने इसके विरोध में लंबा आंदोलन चलाया। 17 अप्रैल के बाद सरकार ने दो लाख रुपये की राशि को पांच लाख रुपये तक बढ़ा दिया और अब पांच लाख रुपये से ऊपर की राशि के कार्यों की ई-टेंडरिंग होती है।

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हिसार में 724 प्रस्ताव आए, पांच लाख से ऊपर के केवल 48 प्रस्ताव

हिसार जिले में 260 पंचायतों से विकास कार्यों के 24 करोड़ के अधिक के 724 प्रस्ताव आए हैं। भिवानी की 312 ग्राम पंचायतों में दो से पांच लाख तक के सभी गांवों से प्रस्ताव आए हैं। हालांकि पांच लाख से ऊपर के केवल 48 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव आए हैं। चरखी दादरी में 4.83 करोड़ के 80 प्रस्ताव आए हैं।

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दादरी जिले में 165 ग्राम पंचायतें हैं। ये प्रस्ताव करीब 4.83 करोड़ रुपये के हैं। सिरसा जिले में 349 पंचायतें हैं। इनमें से 250 पंचायतों ने ई-टेंडरिंग के माध्यम लेकर 250 प्रस्ताव भेजे हैं। करीब 56 टेंडर पास हो चुके हैं और विकास कार्य प्रारंभ हो गए हैं।

पंचायत मंत्री के जिले में ई-टेंडरिंग वाले कार्य नहीं आ रहे

पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के जिले फतेहाबाद में पहले ई-टेंडरिंग और अब सरकार द्वारा अपने हाथों में लगभग गांवों के विकास के काम लेने के बाद सरपंचों ने ई-टेंडरिंग करनी ही बंद कर दी है। पंचायती राज विभाग के मुताबिक सरपंचों ने दो से पांच लाख के करीब 200 कामों का इस्टीमेट विभाग के पास भेजा है लेकिन मैटीरियल के दाम सुनिश्चित न होने के कारण कोई भी काम शुरू नहीं हो पाया है।

करनाल में पांच लाख से ऊपर के केवल 22 प्रस्ताव

करनाल में 395 गांवों के लिए करीब 400 कार्यों के प्रस्ताव आए। इनमें दो लाख रुपये से ऊपर के 250 और पांच लाख से ऊपर के 22 कार्यों के प्रस्ताव आए। 57 पर टेंडर लगने के बाद काम शुरू हो चुका हैं। कैथल में 279 गांवों के लिए करीब 200 प्रस्ताव ई-टेंडरिंग से लगाए हैं। इसमें करीब पांच करोड़ रुपये के टेंडर लगे हैं। पानीपत में करीब 150 विकास कार्यों के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से सभी के टेंडर लगाए गए हैं। 25 कार्य पूरे हो चुके हैं और करीब 75 विकास कार्य की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।

सोनीपत और रोहतक में भी रुझान कम

सोनीपत खंड के 20 गांवों में 2.41 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाने हैं। इनमें 16 गांव में विकास कार्य के लिए टेंडर आवंटित किए जा चुके हैं। 9 गांवों में निर्माण शुरू किया जा चुका है। वहीं खरखौदा के 47 गांवों से विकास कार्य के लिए आवेदन मिले हैं। मुरथल खंड के गांवों में 51 विकास कार्य कराए जाने हैं लेकिन एसडीओ का पद खाली होने के कारण टेंडर प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। 

वहीं, रोहतक के लाखनमाजरा में 13 पंचायतों में से छह में दो लाख तक के कार्य चल रहे हैं। कलानौर में 26 पंचायत हैं, इनमें कुछ पंचायतों में दो लाख रुपये तक के काम अभी जारी हैं। सांपला में 21 पंचायत हैं, इनमें से सिर्फ नयाबांस गांव में 16 लाख रुपये के कार्यों का प्रस्ताव आया है। महम में 36 पंचायत हैं। सभी ने प्रस्ताव भेजे हैं और इनमें ई-टेंडरिंग से काम चालू है। 

महेंद्रगढ़ में ई-टेंडरिंग के माध्यम से मात्र दो-तीन काम शुरू हो पाए हैं। खंड में ग्राम पंचायत की ओर से 33 गांवों के 2.17 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए गए हैं। वहीं पंचायत समिति की ओर से 34 कार्यों के 66.73 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए हैं। अभी तक इनका वर्क अलॉट नहीं हुआ है। रेवाड़ी जिले में ई-टेंडरिंग द्वारा 15 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए जा चुके हैं।

219 जिलों में शुरू हुए विकास कार्य

17 अप्रैल के बाद से प्रदेश में 5 लाख से ऊपर के 219 विकास कार्य शुरू हुए हैं। सबसे अधिक गुरुग्राम 48, फतेहाबाद 35, जींद 25, महेंद्रगढ़ 41, झज्जर 6, पलवल 11, पंचकूला 8, रेवाड़ी 15, सिरसा 2, सोनीपत 5, यमुनानगर-कुरुक्षेत्र 4-4, इनमें अंबाला के 2, फरीदाबाद में मात्र 1 पांच लाख से ऊपर का कार्य शुरू हुआ है। वहीं भिवानी, चरखी दादरी, नूंह, रोहतक जिले में 5 लाख से अधिक राशि के विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।

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