पंचायत चुनाव: 3 दिन में शादी करो तो नई बहू लड़ सकेगी चुनाव
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चौधर का मुहूर्त न बिगड़े, इसके लिए चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार हर तोड़ निकालने में जुट गए हैं। मां अनपढ़ होने के कारण चुनाव नहीं लड़ सकेगी तो आनन-फानन में बेटे की शादी करने की तैयारी है ताकि पढ़ी-लिखी दुल्हन को मैदान में उतारा जा सके। इसके लिए उम्मीदवार डीडीपीओ (जिला विकास पंचायत अधिकारी) कार्यालय में शादी का मुहूर्त पूछने पहुंच रहे हैं।
उम्मीदवार पूछ रहे हैं कि अगर तुरंत शादी की जाए तो क्या नई-नवेली दुल्हन चुनाव लड़ सकती है। अधिकारी तोड़ भी बता रहे हैं कि अगर तीन दिन के भीतर (17-19 दिसंबर) शादी कर ली जाए तो दुल्हन चुनाव लड़ने के योग्य हो जाएगी। तीन दिन में मतदाता फार्म भरकर देना होगा और बाकी काम विभाग करेगा।
पंचायत चुनाव में लागू की गई शर्तों ने कई गांवों का सियासी समीकरण बिगाड़ दिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन गांवों में आ रही है, जहां सरपंच का पद अनुसूचित जाति की महिलाओं के आरक्षित है। इन गांवों में पढ़ी-लिखी उम्मीदवार मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में युवा तुरंत शादी कर पढ़ी-लिखी दुल्हन को मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं।
कई इच्छुक ग्रामीण ऐसे भी हैं, जिनके बेटों की शादी तो तय हो चुकी है लेकिन शादी की तारीख बाद की रखी गई थी। वे भी इन तीन दिनों के अंदर ही शादी करने की जुगत में लग गए हैं।
इस तरह सामने आया मामला
रोहतक डीडीपीओ नरेंद्र सारवान बुधवार सुबह कार्यालय पहुंचे तो वहां पहले ही महम ब्लाक के भैणी चंद्रपाल गांव के कुछ लोग खड़े थे। यह गांव सरपंच का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है।
डीडीपीओ के पास जाकर उनमें से एक ने पूछा कि अगर बेटे की अभी शादी करके बहू लाते हैं तो क्या वह चुनाव लड़ सकती है। इस पर डीडीपीओ ने उसको बताया कि अगर अगले तीन दिन के अंदर बहू लाकर मतदाता फार्म भरवा दिया जाता है तो वह चुनाव लड़ सकती है। उनको यह भी बताया गया कि चुनाव लड़ने के लिए 21 वर्ष की उम्र होनी जरूरी है।