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मुखबिर भी ढूंढ न पाए बेबी के हत्यारे को
अमर उजाला चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Jan 2014 09:04 AM IST
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पलसौरा बेबी मर्डर का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने कई प्रयास किए, लेकिन हर थ्योरी पुलिस की उलटी पड़ती जा रही है। डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद पुलिस की एसआईटी टीम सुराग नहीं लगा पाई है।
अब तो पुलिस के मुखबर भी हाथ खड़े करने लग गए हैं। मुखबरों ने भी सुराग लगाने के लिए काफी प्रयास किए हैं। मालूम हो कि 1 दिसंबर को नाबालिग का शव फर्नीचर मार्केट के पिछली तरफ जंगल में बोरी में मिला था।
उस समय पूर्व एसएसपी नौनिहाल सिंह ने एसआईटी का गठन करते हुए जांच का प्रभारी डीएसपी क्राइम सतबीर सिंह को बनाया था, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाया है।
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नवनियुक्त एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल ने भी इस जांच को प्राथमिकता देते हुए कई टिप्स दिए, लेकिन गिल की गाइडलाइन सुराग लगाने में असफल रही है।
पुलिस ने सुराग बताने के लिए 3 दिसंबर को 1 लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी। जबकि अब बच्ची के अभिभावक मांग कर रहे है कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए।
इस मामले में पुलिस पुराने अपराधियों का रिकार्ड भी खंगाल कर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन मामूली सुराग भी हाथ नहीं लगा है। पुलिस का मानना था कि हत्यारे ने पेठा विक्रेताओं से खाली बोरी ली होगी। पेठा विक्रेताओं से पूछताछ करने का भी कोई फायदा नहीं लगा है।
1 दिसंबर को मिला था बच्ची का शव
चार दिन से लापता 11 वर्षीय बच्ची का लहूलुहान शव एक दिसंबर शाम को सेक्टर 52 की फर्नीचर मार्केट के पास जंगल में बोरी में बंद मिला था। शव को पुलिस ने नहीं, बल्कि एक राहगीर ने ढूंढा था।
बच्ची के गले में प्लास्टिक की रस्सी लिपटी थी और गला दबाने के निशान थे। उसके मुंह और कपड़ों पर खून लगा था। बच्ची 27 दिसंबर से घर से अपनी सहेली को मिलने के लिए निकली थी।
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अब तो पुलिस के मुखबर भी हाथ खड़े करने लग गए हैं। मुखबरों ने भी सुराग लगाने के लिए काफी प्रयास किए हैं। मालूम हो कि 1 दिसंबर को नाबालिग का शव फर्नीचर मार्केट के पिछली तरफ जंगल में बोरी में मिला था।
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उस समय पूर्व एसएसपी नौनिहाल सिंह ने एसआईटी का गठन करते हुए जांच का प्रभारी डीएसपी क्राइम सतबीर सिंह को बनाया था, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाया है।
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नवनियुक्त एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल ने भी इस जांच को प्राथमिकता देते हुए कई टिप्स दिए, लेकिन गिल की गाइडलाइन सुराग लगाने में असफल रही है।
पुलिस ने सुराग बताने के लिए 3 दिसंबर को 1 लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी। जबकि अब बच्ची के अभिभावक मांग कर रहे है कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए।
इस मामले में पुलिस पुराने अपराधियों का रिकार्ड भी खंगाल कर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन मामूली सुराग भी हाथ नहीं लगा है। पुलिस का मानना था कि हत्यारे ने पेठा विक्रेताओं से खाली बोरी ली होगी। पेठा विक्रेताओं से पूछताछ करने का भी कोई फायदा नहीं लगा है।
1 दिसंबर को मिला था बच्ची का शव
चार दिन से लापता 11 वर्षीय बच्ची का लहूलुहान शव एक दिसंबर शाम को सेक्टर 52 की फर्नीचर मार्केट के पास जंगल में बोरी में बंद मिला था। शव को पुलिस ने नहीं, बल्कि एक राहगीर ने ढूंढा था।
बच्ची के गले में प्लास्टिक की रस्सी लिपटी थी और गला दबाने के निशान थे। उसके मुंह और कपड़ों पर खून लगा था। बच्ची 27 दिसंबर से घर से अपनी सहेली को मिलने के लिए निकली थी।