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पाक जेल में कैद सैनिक की बेटी का मोदी के नाम मार्मिक पत्र, पढ़िए

Thu, 19 May 2016 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तरनतारन(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, तरनतारन(पंजाब) Updated Thu, 19 May 2016 10:31 AM IST
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pakistan jail kot lakhpat prisoner balvinder singh daughter baljinder kaur letter to pm modi
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद बलविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद भारतीय सैनिक बलविंदर सिंह की बेटी ने पीएम मोदी को बेहद मार्मिक पत्र लिखा है।शहीद करार दिए गए पिता के जिंदा होने की खबर सुनकर बलजिंदर कौर खुशी से फूली न समाई, लेकिन उसे एक डर सता रहा है। वो ये कि कहीं उसके पिता का हाल भी सरबजीत सिंह जैसा न हो जाए।
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इसके लिए बलजिंदर कोन ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है कि प्रधानमंत्री साहिब जैसे दो वर्ष बाद आपको अपनी मां को मिलकर बहुत खुशी महसूस हुई। उसी प्रकार आप यह सोचे कि मैं अपने जिस बाप को जन्म के बाद देख नहीं सकी, उनका प्यार मुझे मिल जाए तो मेरी दुनिया तो बदल ही जाएगी।
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इसके साथ ही आपको उन सैनिकों के परिवारों का आशीर्वाद मिलेगा जो अभी भी पाकिस्तान की जेलों में जिंदगी और मौत बीच जूझ रहे हैं। पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चब्बा कलां निवासी बलजिंदर कौर ने अपने पिता बलविंदर सिंह के ‘दीदार’(दर्शन) करने लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह लिखा है।
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पाक की कोट लखपत जेल में बंद है बलविंदर सिंह

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पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद बलविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
बलजिंदर कौर ने बुधवार को प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया पिता भारतीय फौज की रेजीमेंट के सिपाही थे। वह 1971 की पाक से जंग के दौरान लापता हो गए थे। बलजिंदर कौर ने दावा किया कि जंग के बाद उसके पिता बलविंदर सिंह को शहीद करार दे दिया गया था, परंतु वह अभी जिंदा है और पाक की कोट लखपत जेल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

बलविंदर सिंह की पत्नी हरबंस कौर ने बताया कि 1971 की जंग के बाद वह भले विधवाओं वाला जीवन व्यतीत कर रही है और 20 हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिल रही है, परंतु दिल में अभी तक यहीं आता है कि मैं विधवा नहीं सुहागिन हूं।

हरबंस कौर ने बताया कि जंग से वापस न आने कारण फौज ने मेरे पति को शहीद का खिताब दे दिया था और उस समय मैं गर्भवती थी। बाद में बलजिंदर कौर ने जन्म लिया। मेरी जिंदगी की आखिरी तमन्ना है कि मेरी बेटी को अपने पिता का प्यार नसीब हो। इस मौके पर सूबेदार हरबंस सिंह, वरिंदर सिंह, प्रगट सिंह, सुरजीत सिंह, सुलक्खण सिंह, दलजीत सिंह भी मौजूद थे।

शारीरिक और मानसिक रूप से किया जा रहा परेशान

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पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद बलविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
बलजिंदर कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि उनके परिवार को पेंशन नहीं चाहिए और न ही किसी प्रकार की कोई सरकारी ग्रांट की लालसा है। बलजिंदर कौर ने कहा मुझे तुरंत पाकिस्तान का वीजा दिया जाए, ताकि मैं खुद पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में जाकर अपने पिता को मिल सकूं।

बलजिंदर कौर ने कहा कि मैंने देश के गृहमंत्री और विदेश मंत्री को भी पत्र लिखकर बताया है कि मेरे पिता 1971 की लड़ाई के शहीद नहीं हुए हैं। वह पाकिस्तान की जेल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उन्हें अन्य सैनिकों की तरह शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। कहीं ऐसा न हो कि पहले सरबजीत और बाद में कृपाल सिंह की तरह मेरे पिता का हाल हो जाए।

ऐसे मिली सैनिक बलविंदर सिंह के जिंदा होने की खबर
सैनिक बलविंदर सिंह की पत्नी हरबंस कौर (68) व बेटी बलजिंदर कौर ने कहा कि 2 मई 2016 को कस्बा भिखीविंड में शहीद सरबजीत सिंह भिखीविंड की बरसी समागम आयोजित किया गया था। जिसमें वह और पाकिस्तान से रिहा हुए कुछ कैदी व उनके के परिवार भी आए हुए थे। वहां मौजूद 2012 में पाकि जेल से रिहा हुए सुरजीत सिंह निवासी तलवंडी साबो के परिजनों ने उन्हें बताया कि सुरजीत सिंह सैनिक बलविंदर सिंह से मिल चुके है। जिन्होंने अपना गांव चंब्बा कलां के रुप में बताया है।

 
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