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पाकिस्तान और आईएसआई की एक और खतरनाक साजिश, ऑपरेट किया जा रहा खालिस्तानी फेसबुक
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:16 AM IST
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पाकिस्तान अपनी नापाक करतूतों से बाज नहीं आ रहा है। अब वह खालिस्तानी फेसबुक को ऑपरेट कर रहा है, जिसका मकसद पंजाब में माहौल खराब करना है। भारतीय सैन्य अफसरों के नाम से फर्जी सर्कुलर और नकली भारतीय जवानों के फर्जी वीडियो वॉयरल करने के बाद यह पाकिस्तान की नई करतूत है, ताकि भारत में खालिस्तानी सोच को मजबूती देकर देश को बांटना है।
यह फेसबुक इस्लामाबाद से ऑपरेट की जा रही है, जिससे 1397 लोग जुड़े हुए हैं। भारतीय सेना की एक विशेष विंग ने इस फेसबुक को पकड़कर पाकिस्तान की इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) की इस साजिश का पर्दाफाश किया है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि ये फेसबुक पिछले कुछ समय से ज्यादा सक्रिय है।
इस फेसबुक पर खालीस्तानी सोच के नेताओं की फोटो पोस्ट पर लगातार भ्रामक सामग्रियों का प्रचार किया जा रहा है। इसके जरिये पंजाब में भी इसी सोच को मजबूत करने की कोशिश करते हुए खालिस्तानी समर्थकों को अपने साथ जोड़ा जा रहा है। खालिस्तानी सोच के समर्थक कई जत्थेदारों के फोटो भी इस फेसबुक पर देश को बांटने वाली टिप्पणियों के साथ पोस्ट किए जा रहे हैं।
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यह फेसबुक इस्लामाबाद से ऑपरेट की जा रही है, जिससे 1397 लोग जुड़े हुए हैं। भारतीय सेना की एक विशेष विंग ने इस फेसबुक को पकड़कर पाकिस्तान की इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (आईएसआई) की इस साजिश का पर्दाफाश किया है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि ये फेसबुक पिछले कुछ समय से ज्यादा सक्रिय है।
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इस फेसबुक पर खालीस्तानी सोच के नेताओं की फोटो पोस्ट पर लगातार भ्रामक सामग्रियों का प्रचार किया जा रहा है। इसके जरिये पंजाब में भी इसी सोच को मजबूत करने की कोशिश करते हुए खालिस्तानी समर्थकों को अपने साथ जोड़ा जा रहा है। खालिस्तानी सोच के समर्थक कई जत्थेदारों के फोटो भी इस फेसबुक पर देश को बांटने वाली टिप्पणियों के साथ पोस्ट किए जा रहे हैं।
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फेसबुक से जुड़े लोगों की पड़ताल में जुटी एजेंसियां
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सेना की विशेष विंग ने इस बात का तो खुलासा कर दिया है कि ये फेसबुक पाकिस्तान के इस्लामाबाद से आईएसआई द्वारा ऑपरेट की जा रही है, लेकिन इस फेसबुक के साथ जुड़े खालिस्तानी सोच के लोगों तक पहुंचने की कोशिशें जारी हैं। सेना ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से भी इस इनपुट को शेयर किया है, जिसके बाद सेना समेत अन्य खुफिया एजेंसियां इन लोगों की पड़ताल में जुटी हुई हैं।
पंजाब व कश्मीर के अलगाववादियों में भी लिंक
सैन्य सूत्रों ने बताया कि ऐसा इनपुट भी मिला है कि दोनों राज्यों के अलगाववादी साल में गोपनीय जगहों पर बैठकें भी करते हैं। ये बैठकें एक साल पंजाब और दूसरे साल कश्मीर में होती हैं, जिसमें देश विरोधी साजिशें रची जाती हैं। देश को बांटने की नापाक सोच रखने वाले पंजाब और कश्मीर के कट्टर अलगाववादियों में भी लिंक है।
‘रेफरेंडम 2020’ भी आईएसआई अफसरों का षड्यंत्र
केंद्रीय खुफिया एजेंसी के सूत्रों की मानें तो खालिस्तान समर्थन में उठी ‘रेफरेंडम 2020’ की मांग के पीछे भी आईएसआई का षड्यंत्र है। आईएसआई के नौ अफसरों को इस नापाक साजिश में लगाया गया है। इन्हीं के इशारे पर कट्टरपंथी सिख संगठन विदेशों में रेफरेंडम 2020 का मुद्दा उठा रहे हैं। पिछले दिनों ब्रिटेन में इन कट्टरपंथियों ने इस बाबत एक रैली भी की थी।
पंजाब व कश्मीर के अलगाववादियों में भी लिंक
सैन्य सूत्रों ने बताया कि ऐसा इनपुट भी मिला है कि दोनों राज्यों के अलगाववादी साल में गोपनीय जगहों पर बैठकें भी करते हैं। ये बैठकें एक साल पंजाब और दूसरे साल कश्मीर में होती हैं, जिसमें देश विरोधी साजिशें रची जाती हैं। देश को बांटने की नापाक सोच रखने वाले पंजाब और कश्मीर के कट्टर अलगाववादियों में भी लिंक है।
‘रेफरेंडम 2020’ भी आईएसआई अफसरों का षड्यंत्र
केंद्रीय खुफिया एजेंसी के सूत्रों की मानें तो खालिस्तान समर्थन में उठी ‘रेफरेंडम 2020’ की मांग के पीछे भी आईएसआई का षड्यंत्र है। आईएसआई के नौ अफसरों को इस नापाक साजिश में लगाया गया है। इन्हीं के इशारे पर कट्टरपंथी सिख संगठन विदेशों में रेफरेंडम 2020 का मुद्दा उठा रहे हैं। पिछले दिनों ब्रिटेन में इन कट्टरपंथियों ने इस बाबत एक रैली भी की थी।