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ऑनलाइन पढ़ाई के साथ खेतों में लगा रहीं धान, मुश्किल में बनीं पिता का सहारा

Sat, 08 Aug 2020 04:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत छिब्बर, फरीदकोट
नवनीत छिब्बर, फरीदकोट Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 08 Aug 2020 04:48 AM IST
सार

  • फरीदकोट के गांव घुमियारा में 8वीं और 9वीं कक्षा की छात्रा प्रभजोत व आकाशदीप ने संभाली घर की जिम्मेदारी
  • दोनों बहनों की हिम्मत की मिसाल देते हैं स्कूल वाले

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Paddy planting in fields with online education and supported father in trouble
आकाशदीप कौर... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संकट की घड़ी में जब परिवार के सामने आजीविका चलाने की चुनौती आई तो बेटियां पिता के साथ खड़ी हो गईं। खेतों में धान लगाया, साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी की। चुनौतियां कैसी भी हों, हार न मानने वालों की ही जीत होती है। फरीदकोट के गांव घुमियारा की प्रभजोत कौर और आकाशदीप कौर इसे साबित कर रही हैं। गरीबी और बेरोजगारी से जूझ रहे पिता का एक ही सपना है कि बेटियां ऊंची उड़ान भरें ताकि उनका जीवन संवर सके।

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प्रभजोत गांव के ही सरकारी मिडल स्कूल में 8वीं की छात्रा हैं, जबकि आकाशदीप 9वीं की। संक्रमणकाल में स्कूल तो बंद हुए ही, पिता बूटा सिंह का काम भी जाता रहा। बूटा सिंह कोरोना काल से पहले मैरिज पैलेस में नौकरी कर अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। मैरिज पैलेस का धंधा ठप हुआ तो बूटा सिंह के सामने परिवार को चलाने की चुनौती आ गई।
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धान का सीजन शुरू हुआ तो खेतों में मजदूरी की। खेत में मजदूरी कर अकेले चार बच्चों वाले परिवार की आजीविका मुश्किल थी। ऐसे में प्रभजोत कौर और आकाशदीप कौर पिता के साथ मुश्किल समय से जूझ पड़ीं। खेतों में धान की पनीरी लगाई। खेत में मजदूरी करते हुए ही ऑनलाइन पढ़ाई करती हैं। एक ही मोबाइल से वर्चुअल क्लास बारी-बारी से ज्वाइन करती हैं और ऑनलाइन टेस्ट भी देती हैं।
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पिता भावुक
गांव के ही सरकारी स्कूल से तीसरी कक्षा तक शिक्षित पिता बूटा सिंह बेटियों की लगन व समर्पण देख भावुक हो जाते हैं। बूटा सिंह चाहते हैं कि उनकी बेटियां उच्च शिक्षा हासिल कर अपने पैरों पर खड़ी हों। इसके लिए वह हर मुश्किल का सामना करने को तैयार हैं। प्रभजोत व आकाशदीप की बड़ी बहन फरीदकोट के घुद्दुवाला में संत बाबा राम सिंह कॉलेज में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा हैं।

छोटा भाई लखविंदर सिंह गांव के ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। बूटा सिंह कहते हैं कि वह तो गरीबी की मार के चलते शिक्षा हासिल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने स्वाध्याय को कभी नहीं छोड़ा। पिता गर्व से बताते हैं कि उनकी बेटियां उनका सहारा हैं। खेतों में मजदूरी के साथ घर का काम भी संभालती हैं।

होनहार है प्रभजोत कौर

Paddy planting in fields with online education and supported father in trouble
पिता बूटा सिंह के साथ प्रभजोत... - फोटो : अमर उजाला

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मीडिया कोआर्डिनेटर हरदीप सिद्धू बताते हैं कि प्रभजोत घुमियारा के सरकारी मिडिल स्कूल की होनहार स्टूडेंट हैं। पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल की अन्य गतिविधियों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं।

बच्चियों का संवारेंगे भविष्य
फरीदकोट के जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी परमिंदर सिंह बराड़ व स्कूल के इंचार्ज हरबरिंदर सिंह सेखों कहते हैं कि उन्हें इस बात का गर्व है कि ये होनहार बच्चियां उनके स्कूल की विद्यार्थी हैं। इनका कहना है कि बच्चियों की शिक्षा में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। इनके भविष्य के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

(फेसबुक ने इस शृंखला के लिए हमारे साथ भागीदारी की है, लेकिन इस कड़ी में प्रकाशित होने वाले समाचारों पर कोई संपादकीय नियंत्रण नहीं लगाया है।)

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