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7 लाख्ा में मिला 0001 नंबर सरेंडर
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 25 Oct 2013 11:29 AM IST
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रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) की ओर से शनिवार को कराई गई वीआईपी नंबरों की नीलामी में 7.01 लाख में 0001 नंबर लेने वाले आवेदक गगनदीप सिंह ने इसे सरेंडर कर दिया। सिंह ने वीरवार को आरएलए कशिश मित्तल से मिलकर नंबर सरेंडर करने के लिए पत्र दे दिया।
अब सिंह की ओर से जमा की गई 25 हजार की अग्रिम राशि जब्त कर ली जाएगी। अब आरएलए 0001 नंबर के लिए हुई बिड में दूसरे स्थान पर रहे आवेदक से संपर्क करेगा। दूसरी सबसे बड़ी बिड 6.75 लाख की थी। उनके रिस्पांस के बाद ही आरएलए यह फैसला लेगा कि इस नंबर की दोबारा से नीलामी करनी है या नहीं।
गौरतलब है कि गगनदीप के भाई तरणजीत सिंह ने पजेरो कार ली थी। इसके लिए 0004 नंबर लेने के लिए उन्होंने नीलामी में गगनदीप को भेजा था। गगनदीप अपने साथ 15 हजार रुपये का ड्राफ्ट लेकर आए थे। वहां आने पर जब उन्होंने देखा कि 0001 नंबर के लिए ज्यादा बोली नहीं लग रही है तो उन्होंने 0001 नंबर ले लिया।
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अब सिंह की ओर से जमा की गई 25 हजार की अग्रिम राशि जब्त कर ली जाएगी। अब आरएलए 0001 नंबर के लिए हुई बिड में दूसरे स्थान पर रहे आवेदक से संपर्क करेगा। दूसरी सबसे बड़ी बिड 6.75 लाख की थी। उनके रिस्पांस के बाद ही आरएलए यह फैसला लेगा कि इस नंबर की दोबारा से नीलामी करनी है या नहीं।
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गौरतलब है कि गगनदीप के भाई तरणजीत सिंह ने पजेरो कार ली थी। इसके लिए 0004 नंबर लेने के लिए उन्होंने नीलामी में गगनदीप को भेजा था। गगनदीप अपने साथ 15 हजार रुपये का ड्राफ्ट लेकर आए थे। वहां आने पर जब उन्होंने देखा कि 0001 नंबर के लिए ज्यादा बोली नहीं लग रही है तो उन्होंने 0001 नंबर ले लिया।
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