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दूसरे राज्य भी करना चाहते हैं हरियाणा के ‘ई-गवर्नेंस’ का अनुसरण, एक छत के नीचे 493 सुविधाएं
Sat, 14 Sep 2019 10:13 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 14 Sep 2019 10:13 AM IST
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‘ई-गवर्नेंस’ की दिशा में हरियाणा की रफ्तार अब तेज होने लगी है। इतना ही नहीं हरियाणा के ये प्रयास देश भर में अपना प्रभाव दिखाने लगे हैं। नतीजतन अब दूसरे राज्य भी हरियाणा के ‘ई-गवर्नेंस’ सिस्टम का अनुसरण करना चाहते हैं। इसी सोच के साथ दूसरे राज्यों की सरकारों ने अपने अफसरों को हरियाणा से ‘ई-गवर्नेंस’ के गुर सीखने भेजा है।
पहले चरण में मिजोरम, लक्ष्यदीप, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्यप्रदेश, मणिपुर, तमिलनाडु, नई दिल्ली और बिहार से आए प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अफसरों ने हरियाणा के विशेषज्ञों से इस सिस्टम की ट्रेनिंग ली है। केंद्र सरकार के अधीनस्थ मिनीस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी के तत्वावधान में महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पंजाब एडिमिनीस्ट्रेशन के सहयोग से इस ट्रेनिंग सैशन को करवाया गया था।
इस दौरान हरियाणा सरकार के आईटी कंसल्टेंट रेवेन्यू घनश्याम बंसल, एनआईसी हरियाणा के साइंसटिस्ट ई गुरप्रीत सैनी व आलोक श्रीवास्तव समेत अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न राज्यों के इन अफसरों को बताया कि किस तरह हरियाणा ‘ई-गवर्नेंस’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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पहले चरण में मिजोरम, लक्ष्यदीप, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्यप्रदेश, मणिपुर, तमिलनाडु, नई दिल्ली और बिहार से आए प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अफसरों ने हरियाणा के विशेषज्ञों से इस सिस्टम की ट्रेनिंग ली है। केंद्र सरकार के अधीनस्थ मिनीस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी के तत्वावधान में महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पंजाब एडिमिनीस्ट्रेशन के सहयोग से इस ट्रेनिंग सैशन को करवाया गया था।
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इस दौरान हरियाणा सरकार के आईटी कंसल्टेंट रेवेन्यू घनश्याम बंसल, एनआईसी हरियाणा के साइंसटिस्ट ई गुरप्रीत सैनी व आलोक श्रीवास्तव समेत अन्य विशेषज्ञों ने विभिन्न राज्यों के इन अफसरों को बताया कि किस तरह हरियाणा ‘ई-गवर्नेंस’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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पूरी लैंड मैनेजमेंट ऑनलाइन, दफ्तरों के धक्के भी हुए कम
दूसरे राज्यों से आए इन अफसरों को बताया गया कि किस तरह हरियाणा सरकार ने अपनी विभिन्न विभागों की 493 सिटीजन सर्विसेज को एक छत के नीचे ऑनलाइन कर दिया है। जिसके चलते अब कामों के लिए सरकारी कार्यालयों में लोगों को ज्यादा भटकना नहीं पड़ता है। इसके लिए अंत्तोदय सरल पोर्टल, सरल केंद्रों की व्यवस्था जिला एवं ब्लाक स्तर पर की जा रही है।
व्यक्ति अपने काम के लिए यहां आवेदन करता है और अपने काम का स्टेट्स वे ऑनलाइन खुद चैक भीकर सकता है। इसके अलावा अफसरों को प्रदेश के इंटीग्रेटिड लैंड इंर्फोमेशन मैनेजमेंट सिस्टम की भी जानकारी देते हुए उन्हे बताया गया कि प्रदेश में अब लैंड रिकार्ड से लेकर प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन तक सारा काम ऑनलाइन होता है।
इसके लिए ई-गिरदावरी, ई-अप्वाइंटमेंट, ई-रजिस्ट्रेशन, ई-स्टैम्पिंग व वैब हेलरिस संबंधी पोर्टल तैयार किए गए हैं। वैब हेलरिस के जरिए ही शहरी व ग्रामीण इलाकों में लोगों की जमीनों का मालिकाना हक की समग्रता को ऑनलाइन ही मेनटेन किया जाता है। इसके अलावा ई-गवर्नेंस का एक बड़ा उदाहरण सीएम विंडो भी है। व्यक्ति अपनी शिकायत इस पर ऑनलाइन दर्ज करवाता है और निपटान तक शिकायत का पूरा स्टेट्स देख सकता है।
हरियाणा सरकार ने ई-गवर्नेंस को लेकर जो सपना देखा था, वो अब इस कदर साकार हो रहा है कि दूसरे राज्य भी इसका अनुसरण करना चाहते हैं। यह सरकार की दूरदर्शी सोच का नतीजा है। हरियाणा में ई-गवर्नेंस का दायरा और बढ़ाया जाएगा। ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।
-घनश्याम बंसल, आईटी सलाहकार एवं विशेषज्ञ, हरियाणा
व्यक्ति अपने काम के लिए यहां आवेदन करता है और अपने काम का स्टेट्स वे ऑनलाइन खुद चैक भीकर सकता है। इसके अलावा अफसरों को प्रदेश के इंटीग्रेटिड लैंड इंर्फोमेशन मैनेजमेंट सिस्टम की भी जानकारी देते हुए उन्हे बताया गया कि प्रदेश में अब लैंड रिकार्ड से लेकर प्रापर्टी रजिस्ट्रेशन तक सारा काम ऑनलाइन होता है।
इसके लिए ई-गिरदावरी, ई-अप्वाइंटमेंट, ई-रजिस्ट्रेशन, ई-स्टैम्पिंग व वैब हेलरिस संबंधी पोर्टल तैयार किए गए हैं। वैब हेलरिस के जरिए ही शहरी व ग्रामीण इलाकों में लोगों की जमीनों का मालिकाना हक की समग्रता को ऑनलाइन ही मेनटेन किया जाता है। इसके अलावा ई-गवर्नेंस का एक बड़ा उदाहरण सीएम विंडो भी है। व्यक्ति अपनी शिकायत इस पर ऑनलाइन दर्ज करवाता है और निपटान तक शिकायत का पूरा स्टेट्स देख सकता है।
हरियाणा सरकार ने ई-गवर्नेंस को लेकर जो सपना देखा था, वो अब इस कदर साकार हो रहा है कि दूसरे राज्य भी इसका अनुसरण करना चाहते हैं। यह सरकार की दूरदर्शी सोच का नतीजा है। हरियाणा में ई-गवर्नेंस का दायरा और बढ़ाया जाएगा। ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।
-घनश्याम बंसल, आईटी सलाहकार एवं विशेषज्ञ, हरियाणा