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इंश्योरेंस क्लेम न देने पर ओरिएंटल इंश्योरेंस सेवा में दोषी करार

Tue, 03 May 2016 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 03 May 2016 01:51 AM IST
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Oriental Insurance convicted for not providing insurance claims service
उपभोक्ता आयोग - फोटो : DEMO Pics

हादसे में बेटे की मौत पर सेक्टर-38 निवासी हरनाम कौर को इंश्योरेंस क्लेम के लिए उपभोक्ता फोरम से राहत मिली है। फोरम ने सेक्टर-17डी स्थित ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से महिला को क्लेम न देने पर कंपनी को सेवा में कोताही बरतने का दोषी पाया है।

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साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह शिकायतकर्ता को फौरन क्लेम दें। इसके अलावा शिकायतकर्ता को मानसिक और शारीरिक परेशानी के तौर पर 7 हजार रुपये बतौर मुआवजा देने को भी कहा है। साथ ही फोरम ने अदालती खर्च के रूप में भी 5 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। वहीं फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को सख्त लहजे में चेताया है कि अगर फैसले की कॉपी मिलने के 30 दिनों के अंदर इसका पालना नहीं किया तो क्लेम राशि सहित 7 हजार रुपये पर 9 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा। हरनाम कौर ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ पिछले साल सितंबर में शिकायत दी थी।
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हरनाम कौर ने शिकायत में कहा था कि उनके बेटे तेजिंदर सिंह ने नई बाइक खरीदी थी। जिसका बीमा उसने ओरिएंटल इंश्योरेंस से कराया था। पॉलिसी के तहत बाइक से हादसा होने पर इसके मालिक का 1 लाख रुपये का बीमा था। हरनाम कौर के बेटे का 24 अक्तूबर 2014 को एक्सीडेंट हो गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं। कई दिन तक इलाज इलाज कराने के बाद उनके बेटे तेजिंदर की 6 नवंबर 2015 को मोहाली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
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इस पर शिकायतकर्ता ने इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजा क्लेम किया था। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से जांच कराई गई। लेकिन प्रतिवादी पक्ष क्लेम देने में आनाकानी करता रहा। इसके बाद हरनाम कौर ने इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी।


वहीं इंश्योरेंस कंपनी ने अपने जवाब में कहा है कि क्लेम फॉर्म पर पीजीआईएमईआर और फोर्टिस अस्पताल की ओर से हस्ताक्षर होने थे। क्योंकि तेजिंदर का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। कंपनी ने संबंधित कागजात मांगे तो उन्होंने वह उपलब्ध करवाने के बजाय यह शिकायत दायर कर दी।

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