फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Organized crime control unit Claim, foreign arms smuggling case is related to Naxalites

पंजाब: ओकू का दावा- बिहार के नक्सलियों से जुड़े विदेशी हथियार तस्करी मामले के तार

Fri, 09 Oct 2020 12:44 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 09 Oct 2020 12:44 AM IST
विज्ञापन
Organized crime control unit Claim, foreign arms smuggling case is related to Naxalites
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विदेशी हथियारों की तस्करी मामले की नए सिरे से जांच कर रही पंजाब पुलिस की संगठित अपराध नियंत्रण इकाई (ओकू) ने दावा किया है कि इस केस के आरोपियों के तार बिहार के नक्सलियों से जुड़े हुए हैं।

विज्ञापन


गुरुवार को जिला अदालत में चंडीगढ़ के गन डीलर सतीश कुमार की नियमित जमानत, उनकी पत्नी शिवम गन हाउस की मालकिन मनमोहन कौर और फरीदकोट के दिवंगत अकाली नेता के बेटे सोहेल बराड़ की अग्रिम जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान ओकू ने यह जानकारी दी। इसके बाद अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इन तीनों याचिकाओं को खारिज कर दिया। 
विज्ञापन


ओकू ने इस केस में पहले के जांच अधिकारी पर भी जानबूझकर मामले से संबंधित कई लोगों पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं। उस समय केस में गैरकानूनी गतिविधि एक्ट की धारा 16 भी लगाई गई थी जिसे प्रभावशाली आरोपियों को बचाने से मंशा से हटा लिया गया था। ओकू टीम ने कहा कि उन्होंने सतीश कुमार से 21 विदेशी हथियार बरामद किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि सतीश मामले के मुख्य आरोपी व भगोड़े रणजीत सिंह डुपला व मानसा के कल्याण गन हाउस के मालिक रणजीत सिंह गुरु के साथ मिलकर विदेशी हथियारों का अवैध कारोबार चला रहा था। डुपला और रणजीत बरेली के राजेश कुमार गुप्ता और मुंगेर (बिहार) के उमाकांत यादव से संपर्क में थे, जिनके तार बिहार में नक्सलियों से जुड़े हैं। इसी कारण ओकू ने फिर से इस केस में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम एक्ट लगा दिया है। 

यह है मामला
उत्तर प्रदेश और पंजाब में कई आपराधिक केसों का सामना कर रहे रणजीत सिंह डुपला, उसके सहयोगी गुरचरण सिंह उर्फ रिंका को फरीदकोट पुलिस ने अक्तूबर 2014 में आठ विदेश निर्मित महंगे हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। अवैध ढंग से लाए गए हथियार गन हाउस डीलरों के साथ मिलकर उत्तर भारत में सक्रिय गिरोह और अमीर लोगों को बेच दिए गए थे। 

फरीदकोट पुलिस ने फरवरी 2015 में इन अवैध हथियारों के खरीदारों को क्लीन चिट दे दी थी। अगस्त 2020 में ओकू ने इस मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू कर हथियारों के खरीदार व साजिश में शामिल चंडीगढ़ के गन डीलर सतीश कुमार, करनाल के गन डीलर राज चोपड़ा, मोगा के कारोबारी पंकज बंसल, मुक्तसर के गांव सप्पावाली के भूपिंदर सिंह, दिल्ली के अमित गोयल और कोटकपूरा के रोहित छाबड़ा को नामजद किया।


इनमें से सतीश कुमार व पंकज बंसल को गिरफ्तार भी कर लिया। केस का मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला जमानत मिलने के बाद विदेश फरार हो चुका है जिसे अदालत ने भगोड़ा करार किया हुआ है। अभी इस केस में ओकू कई लोगों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया हुआ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed