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सड़क हादसे में मरने वाले के परिवार को 12.51 लाख का मुआवजा देने के आदेश, ट्रक के टायर के नीचे आने से 2018 में हुई थी मौत
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चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने सड़क हादसे में मरे 23 साल के बृजेश कुमार के परिवार को 12.51 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार 27 दिसंबर 2018 को मोहाली के बलौंगी निवासी बृजेश के पिता जगदीश कुमार प्रजापति और माता मंजू देवी ने सेक्टर-37 निवासी ट्रक ड्राइवर गुरजंत सिंह, मालिक वरिंदर सिंह और इफको टोकियो इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ याचिका दायर की थी।
जानकारी के अनुसार बृजेश मोहाली के सेक्टर-91 से अपने घर बलौंगी साइकिल से आ रहा था। उसका दोस्त चंदन प्रजापति भी उसके पीछे आ रहा था। रात के करीब 10:30 बजे जैसे ही वह फेज-8 के टर्न प्वाइंट पर पहुंचे तो गलत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मारी। इस कारण वह ट्रक के पिछले टायर के नीचे आ गया। उसे मोहाली के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां पर गंभीर चोट आने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसके माता-पिता ने लापरवाही से ड्राइविंग करने का तर्क देते हुए 40 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। इस पर गुरजंत और वरिंदर ने कहा कि उनकी लापरवाही के कारण यह हादसा नहीं हुआ है बल्कि बृजेश की लापरवाही से हुआ है। वहीं इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसके साथ ही वह नियमों का पालन भी नहीं कर रहा था। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मृतक के परिवार को 12.51 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत ने बीमा कंपनी और आरोपियों को बराबर 9 प्रतिशत ब्याज के साथ यह राशि 15 दिन में अदा करने को कहा।
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जानकारी के अनुसार बृजेश मोहाली के सेक्टर-91 से अपने घर बलौंगी साइकिल से आ रहा था। उसका दोस्त चंदन प्रजापति भी उसके पीछे आ रहा था। रात के करीब 10:30 बजे जैसे ही वह फेज-8 के टर्न प्वाइंट पर पहुंचे तो गलत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मारी। इस कारण वह ट्रक के पिछले टायर के नीचे आ गया। उसे मोहाली के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां पर गंभीर चोट आने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसके माता-पिता ने लापरवाही से ड्राइविंग करने का तर्क देते हुए 40 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। इस पर गुरजंत और वरिंदर ने कहा कि उनकी लापरवाही के कारण यह हादसा नहीं हुआ है बल्कि बृजेश की लापरवाही से हुआ है। वहीं इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसके साथ ही वह नियमों का पालन भी नहीं कर रहा था। दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मृतक के परिवार को 12.51 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत ने बीमा कंपनी और आरोपियों को बराबर 9 प्रतिशत ब्याज के साथ यह राशि 15 दिन में अदा करने को कहा।
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