हरियाणा विस सत्र: भर्तियों में फर्जीवाड़े पर गरमाया सदन का माहौल, वेल में पहुंचे विधायक, तीन घंटे हुआ शोर-शराबा
अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा का पढ़ा लिखा योग्य युवा सरकार के प्रति गुस्से में है। वे अपने भविष्य को लेकर नाउम्मीद हैं। अब खर्ची-पर्ची नहीं रुपयों का बैग भरा मिला है। ऐसे में ईमानदारी से नौकरी मिलने की गारंटी कहां है। एचपीएससी के चेयरमैन के पद पर मध्य प्रदेश वन विभाग कैडर के अफसर को लगाया दिया, क्या हरियाणा में कोई योग्य व्यक्ति नहीं मिला। आज तक जितने भी घोटाले हुए हैं, उनमें किसी पर इस सरकार ने कार्रवाई नहीं की। इस मामले की सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराई जाए तो ही सच सामने आएगा।
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एचपीएससी-एचएसएससी की भर्तियों में फर्जीवाड़े पर सोमवार को सदन का माहौल गरमाया रहा। विपक्षी विधायकों ने तीन घंटे तक खूब शोर-शराबा किया। कांग्रेस विधायकों के साथ ही इनेलो के अभय चौटाला, निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान और बलराज कुंडू ने भी सरकार पर शब्दबाण चलाए। सभी विपक्षी विधायक सीबीआई या हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराने की मांग पर अड़े रहे लेकिन सरकार इस पर राजी नहीं हुई।
स्पीकर को माहौल शांत कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कांग्रेस विधायक दो बार वेल में पहुंच गए। इस पर स्पीकर ने नेम करने की चेतावनी देकर स्थिति नियंत्रित की। कांग्रेस के 10 से अधिक विधायकों, अभय व कुंडू के काम रोको प्रस्ताव की शुरुआत विधायक किरण चौधरी ने की। उन्होंने सरकार ने एचपीएससी भर्ती घोटाले को लेकर 24 सवाल पूछे। इस पर सदन में काफी बहस हुई। सीएम मनोहर लाल के जवाब के दौरान भी किरण टोका-टोकी करती रहीं। उन्होंने घोटोले में बड़ी मछलियों की संलिप्तता पर सरकार के मौन होने के आरोप भी लगाए। उनके बाद कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान ने एचपीएससी और एचएसएससी को घोटालों का अड्डा बताकर सरकार को निशाने पर लिया।
विपक्षी विधायक बोले- बडे़ ओहदेदारों के बिना यह घोटाला संभव नहीं
कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने भर्ती घोटाले को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि दोनों आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को बर्खास्त कर मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। उनके पदों पर रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। कुंडू ने कहा कि सरकार के बडे़ ओहदेदारों के बिना यह घोटाला संभव ही नहीं। सांगवान ने कहा कि बंसीलाल के बाद कोई ईमानदार मुख्यमंत्री नहीं हुआ। बंसीलाल के समय पारदर्शी तरीके से भर्तियां हुईं।
इस दौरान स्पीकर का दायित्व निभा रहे डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने भाजपा विधायक अभय यादव को इस मुद्दे पर बोलने का मौका दिया। इसका नेता प्रतिपक्ष समेत सभी विपक्षी विधायकों ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि जो विधायक प्रस्ताव लाए हैं, उन्हें ही बोलने का अवसर दें। अगर अन्य विधायकों को भी बुलवाना है तो चर्चा के लिए पांच घंटे का समय रखें।
शायराना अंदाज में एक दूसरे पर हमला
विधानसभा में नेताओं ने एक दूसरे पर शायराना अंदाज में अपनी बात कही और दूसरों पर हमला बोला। नौकरियों में गड़बड़ी को लेकर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, मैं तो चिराग हूं, दुश्मनी मेरी अंधेरों से रहती है, हवा तो यूं ही मेरे खिलाफ रहती है। इस पर कांग्रेस विधायक डॉ. रघबीर कादियान ने कहा, तू इधर-उधर की बात न कर ये बता कारवां क्यों लूटा, मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है। कादियान ने कहा कि इस मामले की सीबीआई से जांच हो। वहीं, भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है, कातिल खुद ही पूछे कि हुआ क्या है। इनेलो के अभय चौटाला और निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि ये बहुत ही गंभीर मुद्दा है लेकिन ऐसा लगता है कि यह कोई मुशायरा हो।