फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Opposition parties are targeting the Haryana government over the liquor scam case

हरियाणा: शराब घोटाले में विपक्ष की घेराबंदी तेज, हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग

Sun, 09 Aug 2020 01:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 09 Aug 2020 01:39 PM IST
विज्ञापन
Opposition parties are targeting the Haryana government over the liquor scam case
अभय चौटाला, दीपेंद्र हुड्डा।

हरियाणा में हुए शराब घोटाले पर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। इसी मसले पर विपक्ष लगातार सरकार पर वार कर रहा है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और कांग्रेस ने सरकार पर इस मामले में मिलीभगत का आरोप लगाया है। इनेलो नेता और विधायक अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के दौरान शराब की लाखों बोतलें अधिकारियों के साथ सरकार में बैठे लोगों ने मिलीभगत करके डिस्टलरी से निकालकर महंगे दामों पर बेच दी। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि एसईटी आबकारी कमिश्नर को दोषी करार दे रही है और आबकारी मंत्री उन्हें क्लीनचिट देकर सीधे सरकार को चुनौती दे रहे हैं, क्योंकि ये एसईटी मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद ही गठित हुई थी। इनेलो नेता ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान पुलिस के नाके हर तरफ लगे हुए थे फिर ये शराब की तस्करी कैसे हुई? गृहमंत्री विजिलेंस जांच के नाम पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते।
विज्ञापन


उधर, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि शराब घोटाले के असली गुनहगारों और चहेते शराब माफियाओं को बचाने के लिए सरकार आबकारी और गृहमंत्री के टकराव का ड्रामा कर रही है। शराब घोटाले के असली घोटालेबाजों तक पहुंचने के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दीपेंद्र ने कहा कि वे पहले दिन से ही इस बात की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब सारी दुनिया कोरोना से लड़ रही थी, तब हरियाणा सरकार में उच्च पदों पर बैठे लोग शराब घोटाले, रजिस्ट्री घोटाले को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आबकारी मंत्री और गृह मंत्री खुले तौर पर शराब घोटाले में एक दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में दोनों मंत्रियों के पद पर रहते निष्पक्ष जांच संभव नहीं, इसलिए दोनों को जांच पूरी होने तक अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार सरकार अपने ही बुने जाल में फंस गई है। शराब घोटाले को दबाने की तमाम साजिशें नाकाम हो रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed