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जीएमसीएच 32 की ओपीडी बंद, आईसीयू और इमरजेंसी के मरीजों को जबरदस्ती घर भेजा

Fri, 10 Dec 2021 02:27 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 02:27 AM IST
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OPD of GMCH 32 closed, ICU and emergency patients forcibly sent home
चंडीगढ़। नीट काउंसलिंग में देरी के खिलाफ विरोध कर रहे जीएमसीएच- 32 के रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल वीरवार को और व्यापक हो गई। जूनियर रेजीडेंट के साथ सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी काम बंद विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ओपीडी के साथ ही इमरजेंसी सेवा भी ठप कर दी गई। इससे ओपीडी में आए मरीजों के साथ ही इमरजेंसी, वार्ड और आईसीयू में भर्ती मरीजों को इलाज उपलब्ध नहीं हो सका। स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन के निर्देश पर ज्यादातर मरीजों की छुट्टी कर दी गई। वहीं इमरजेंसी मेें आने वाले सभी रेफर मामले पीजीआई भेज दिए गए। इससे पीजीआई पर अन्य दिनों की तुलना में मरीजों का दबाव कुछ ज्यादा रहा। पीजीआई के रेजीडेंट डॉक्टरों ने फिलहाल काम बंद नहीं किया है, लेकिन वे भी शुक्रवार से काली पट्टी बांधकर विरोध का समर्थन करेंगे।
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10 बजे के बाद देखे इक्का-दुक्का मरीज
सुबह 9 बजे से सीनियर डॉक्टर भी जूनियर के साथ हड़ताल पर चले गए। इससे अस्पताल की ओपीडी में सुबह 8 बजे से आए मरीजों को परामर्श के लिए घंटों इलाज करना पड़ा। कुछेक ओपीडी तो खाली ही रही, वहीं कुछ में सीनियर डॉक्टर 10 बजे के बाद पहुंचे। उन्होंने इक्का-दुक्का मरीजों को देखा और फिर चले गए। मरीजों का कहना है कि अगर जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं तो सीनियर को कुछ ज्यादा काम कर लेना चाहिए। सीनियर डॉक्टरों को अगर कुछ दिन अतिरिक्त काम करना पड़े तो उन्हें पीछे नहीं हटना चाहिए।
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इमरजेंसी में नहीं आए वरिष्ठ चिकित्सक
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था को संभालने के लिए सभी वरिष्ट डॉक्टरों को इमरजेंसी, ओपीडी और वार्ड में अतिरिक्त सेवा देने को कहा गया है, लेकिन वीरवार को कहीं भी ऐसा होता नजर नहीं आया। इमरजेंसी से लेकर आईसीयू तक में मरीज दर्द से कराह रहे थे, लेकिन उनका इलाज करने वाला कोई नहीं था। नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों को राहत देने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन वे निराश ही रहे। ऐसी स्थिति देखकर ज्यादातर मरीजों को उनके परिजन छुट्टी कराकर कहीं और ले गण्। वहीं स्थिति से बचाव के लिए सुबह 9 बजे से पहले दर्जनों मरीजों की जबरदस्ती छुट्टी कर दी गई।
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इनसेट-
जीएमसीएच 32 में मरीजों की संख्या
यूनिट सामान्य दिन वीरवार को हड़ताल के दौरान
इमरजेंसी 375 22
ओपीडी 3000 120
वार्ड 600 235
कोट-
शुक्रवार से पीजीआई के सभी रेजीडेंट डॉक्टर रोष व्यक्त करने के लिए काली पट्टी बांधकर ड्यूटी करेंगे। आगे की रणनीति उसके बाद तय किया जाएगा।
-डॉ. उत्तम ठाकुर, अध्यक्ष पीजीआई रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन
कोट-
रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल का कारण क्षेत्रीय स्तर पर नहीं सुलझाया जा सकता। अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास कर रहा है कि मरीजों को ज्यादा परेशान न होना पड़े। उम्मीद है एक दो दिन में हड़ताल समाप्त हो जाएगी।
-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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