OP Chautala sentenced: कांग्रेस नेता की शिकायत पर 2005 में दर्ज हुआ था केस, तय आय से 189 प्रतिशत अधिक थी संपत्ति
26 मार्च 2010 को सीबीआई ने ओपी चौटाला के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर 6.9 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति होने की बात कही थी। चौटाला को 21 मई को दोषी करार दिया गया था।
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आय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व सीएम ओपी चौटाला को आज दिल्ली कोर्ट ने सजा सुनाई। यह केस पूर्व सीएम, उनके बेटे अजय चौटाला और अभय चौटाला पर चल रहा है। मामला कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर 2005 में दर्ज किया गया था।
26 मार्च 2010 को सीबीआई ने चौटाला के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर 6.9 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति होने की बात कही थी। सीबीआई ने आरोप पत्र में आरोप लगाया था कि 1993 और 2006 के बीच चौटाला की इनकम उनकी 3.22 करोड़ रुपये की आय से 189 प्रतिशत अधिक थी। सीबीआई ने 106 गवाह पेश किए और गवाही पूरी करने में करीब सात साल लगे। चौटाला का बयान चार्जशीट के सात साल बाद 16 जनवरी 2018 को दर्ज हो सका।
ईडी ने पंचकूला और सिरसा में अटैच की थी प्राॅपर्टी
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने चौटाला की पंचकूला और सिरसा स्थित प्रॉपर्टी अटैच कर दी थी। ईडी ने मनसा देवी कांप्लेक्स, सेक्टर-4 स्थित कोठी नंबर-6 (पी) को अटैच कर दिया था। इसके अलावा सिरसा में तेजाखेड़ा निवास स्थित चौटाला फार्म हाउस को अटैच कर दिया गया था। तेजाखेड़ा फार्म हाउस के बंद पड़े हिस्से में किसी का भी हस्तक्षेप नहीं होता, जबकि बाकी हिस्से में आना जाना लगा रहता है। करीब 198 कनाल, 15 मरला भूमि के तेजा खेड़ा फार्म हाउस के आधे हिस्से पर ईडी का कब्जा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला पर आय से अधिक संपत्ति मामले में ईडी ने कार्रवाई शुरू की थी। 2019 के चार दिसंबर को छापा मारा था। इस दौरान इनेलो सुप्रीमो चौटाला के कब्जे वाले हिस्से को ईडी की टीम ने अटैच कर दिया था। तेजा खेड़ा फार्म हाउस की जगह पहले पोल्ट्री फार्म था। ये हिस्सा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के हिस्से में आया तो वर्ष 1978 में अभय सिंह चौटाला द्वारा निर्माण किया गया। इसके बाद सरकार आने के बाद निर्माण कार्य को बढ़ाया गया। हालांकि चौटाला परिवार यहां पर शिफ्ट भी हुआ।