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लड़कियों के साथ छेड़छाड़ व अन्य अपराधों पर ऑनलाइन सर्वे, चौंकाने वाली रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 May 2017 04:24 PM IST
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हरियाणा में बलात्कार और छेड़छाड़ के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने आनलाइन सर्वे करवाया गया है, जिसका नतीजा काफी चौंकाने वाला है। ईव टीजिंग को लेकर किए गए इस सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रदेश की ढाई करोड़ की जनता में से 28539 लोगों ने सर्वे में भाग लिया, इनमें 40 फीसदी महिलाएं हैं। दो से 17 मई तक करवाए गए इस 15 दिन के सर्वे में निकल कर आया है कि अधिकतर छेड़छाड़ और फब्तियां कसने के मामले छात्राओं से स्कूल आते-जाते समय होते हैं। जबकि शाम के समय इस तरह की घटनाएं पार्कों, कोचिंग सेंटर और बाजारों में होती हैं।
सर्वे के तहत 85.2 फीसदी महिलाओं का यह जवाब है कि उन्हें ईव टीजिंग से भय लगता है। पुलिस ने कुल 16 तरह के सवाल इस सर्वे के लिए तैयार किए थे। जिसमें प्रदेश की जनता ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। इसमें सामने आया है कि दस में से आठ महिलाएं घर से बाहर कसी जाने वाली फब्तियों से परेशान हैं। सबसे सुरक्षित स्थान महिलाएं कार्य स्थल को मान रही हैं। यहां दस में से सिर्फ एक महिला फब्तियां कसी जाने को लेकर अपनी राय देती हैं। 40 फीसदी से अधिक का कहना है कि फब्तियां कसने वाले ग्रुप में होते हैं।
36 फीसदी का कहना है कि अगर फब्तियां कसने वाला 20 वर्ष से कम आयु का है तो उसकी काउंसलिंग अभिभावकों के सामने की जाने चाहिए। 33 फीसदी का मानना है कि उनकी सरेआम धुनाई होनी चाहिए, जबकि 12 फीसदी उन्हें जेल चाहते हैं। सर्वे से पुलिस ने निष्कर्ष निकाला है कि सार्वजनिक स्थलों, पब्लिक परिवहन, स्थानीय शहरी निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यहां सीसीटीवी कैमरे लगा और पुलिस बल तैनात कर मामलों में कमी लाने के लिए जल्द कदम उठाए जा सकते हैं। एडीजीपी एसआर और लिटीगेशन ओपी सिंह ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आ चुकी है। उसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके आधार पर ही आगामी रणनीति बनाएंगे।
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सर्वे के तहत 85.2 फीसदी महिलाओं का यह जवाब है कि उन्हें ईव टीजिंग से भय लगता है। पुलिस ने कुल 16 तरह के सवाल इस सर्वे के लिए तैयार किए थे। जिसमें प्रदेश की जनता ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। इसमें सामने आया है कि दस में से आठ महिलाएं घर से बाहर कसी जाने वाली फब्तियों से परेशान हैं। सबसे सुरक्षित स्थान महिलाएं कार्य स्थल को मान रही हैं। यहां दस में से सिर्फ एक महिला फब्तियां कसी जाने को लेकर अपनी राय देती हैं। 40 फीसदी से अधिक का कहना है कि फब्तियां कसने वाले ग्रुप में होते हैं।
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36 फीसदी का कहना है कि अगर फब्तियां कसने वाला 20 वर्ष से कम आयु का है तो उसकी काउंसलिंग अभिभावकों के सामने की जाने चाहिए। 33 फीसदी का मानना है कि उनकी सरेआम धुनाई होनी चाहिए, जबकि 12 फीसदी उन्हें जेल चाहते हैं। सर्वे से पुलिस ने निष्कर्ष निकाला है कि सार्वजनिक स्थलों, पब्लिक परिवहन, स्थानीय शहरी निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यहां सीसीटीवी कैमरे लगा और पुलिस बल तैनात कर मामलों में कमी लाने के लिए जल्द कदम उठाए जा सकते हैं। एडीजीपी एसआर और लिटीगेशन ओपी सिंह ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आ चुकी है। उसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके आधार पर ही आगामी रणनीति बनाएंगे।
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