फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Onion Supply from afganistan

अब चिंता न करें, पड़ोस से आ रहा प्याज, संकट में वर्षों पुराना यह दोस्त देश बखूबी निभा रहा साथ

Tue, 10 Dec 2019 11:50 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 10 Dec 2019 11:50 AM IST
विज्ञापन
Onion Supply from afganistan
फाइल फोटो

अब प्याज की चिंता न करें, क्योंकि पड़ोस से काफी प्याज आ रहा है। संकट की घड़ी में इस पड़ोसी देश ने भारत का हमेशा ही साथ निभाया है। इस बार भी निभा रहा है और यहां बात हो रही है अफगानिस्तान की, जिसने पिछले छह दिनों में प्याज के 190 ट्रक भारत भेजे हैं।

विज्ञापन


शनिवार को वाघा सीमा के रास्ते अफगानिस्तान से 85 ट्रक प्याज अटारी सड़क सीमा पर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) में पहुंचे थे। सोमवार को 27 ट्रक प्याज आईसीपी में पहुंचे। इससे पहले भी सितंबर में अफगानिस्तान से प्याज के लगभग 30 से अधिक ट्रक भारत आए थे।
विज्ञापन


पाकिस्तान के साथ व्यापार करने वाले व्यापारी मानव तनेजा के अनुसार अफगानिस्तान से 35 से 40 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज भारत पहुंच रहा है। प्याज में कोई भी कस्टम ड्यूटी नहीं है। इसलिए आईसीपी से प्याज सीधा थोक मंडियों में पहुंच रहा है जहां प्याज 65 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया की प्याज रिटेलर ने प्याज के दाम को बढ़ाया हुआ है। रिटेलर अफगानी प्याज को नासिक का प्याज बताकर बेच कर अधिक दाम वसूल रहे हैं। अफगानिस्तान के प्याज की गुणवत्ता बेशक नासिक के प्याज से कम है, इसके बावजूद अफगानी प्याज में स्वाद है।

मानव तनेजा के अनुसार, अफगानिस्तान से शनिवार को 85 ट्रक प्याज आईसीपी में पहुंचा था। मजदूरों की हड़ताल के कारण प्याज के कुछ ट्रक वापस पाकिस्तान वाघा में भेज दिए थे। प्याज के यह ट्रक सोमवार को आईसीपी में पहुंचे। अफगानिस्तान से भारी मात्रा में आए प्याज के कारण आईसीपी में स्थित सभी गोदाम भर गए हैं।

प्याज को दिल्ली सहित कई अन्य मंडियों में सप्लाई करने के लिए व्यापारी ट्रक यूनियन से संपर्क स्थापित कर रहे हैं। पुलवामा हमले के बाद भारत-पाक के बीच द्विपक्षीय संबंधों के टूट जाने के बाद बंद हुए व्यापार के कारण आईसीपी में काम करने वाले 1400 कुलियों को लगभग 9 माह के बाद काम नसीब हुआ है।

इसी तरह अफगानिस्तान से आने वाले प्याज ने बंद पड़े ट्रक यूनियन के दफ्तर का बंद पड़ा ताला भी खुला है। याद रहे कि अफगानिस्तान का प्याज मोटा होता है। अफगानी प्याज और भारतीय प्याज के स्वाद में अंतर भी होता है। देश में प्याज की फसल बाढ़ में बह जाने के बाद किल्लत आ गई है।

जानकारी मिली है कि भारतीय व्यापारी थोक मंडियों में भेजे गए प्याज की बिक्री पर नजर रख रहे हैं। यदि अफगानिस्तान के प्याज की बिक्री ठीक रही तो भारतीय व्यापारी अफगानिस्तान से प्याज का आयात करेंगें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed