अकाली दल में बड़ा बदलाव: अब ‘एक परिवार एक टिकट’ का सिद्धांत लागू, यूथ अकाली दल व SOI का होगा पुनर्गठन
शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अकाली दल अध्यक्ष ने घोषणा की है कि आगामी विधानसभा चुनाव में 50 से कम उम्र के पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित करके अगली पीढ़ी के नेताओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
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नेतृत्व परिवर्तन की जोरदार मांग का सामना कर रहे शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने शुक्रवार को पार्टी में कई बुनियादी बदलाव करने की घोषणा की। उन्होंने पार्टी में ‘एक परिवार एक टिकट’ का सिद्धांत लागू करने के साथ ही पार्टी के अध्यक्ष के लिए 5-5 साल के दो कार्यकाल दिए जाने का एलान किया।
तीसरी बार पद संभालने के लिए पार्टी अध्यक्ष को अगले पांच साल का अवकाश लेना होगा। इस नए परिवर्तन से बादल परिवार से सिर्फ एक ही सदस्य चुनाव लड़ेगा। गौरतलब है कि बादल परिवार से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया चुनाव लड़ते रहे हैं। अगर ‘एक परिवार एक टिकट’ का सिद्धांत लागू होता है तो उक्त तीनों प्रमुख नेता शिअद के टिकट पर चुनाव लड़ने के पात्र नहीं रहेंगे। वहीं, अध्यक्ष पद को लेकर किए गए फैसले के तहत सुखबीर बादल अगले दस साल तक पार्टी अध्यक्ष रह सकते हैं। सुखबीर ने पार्टी का नया संगठनात्मक ढांचा स्थापित करने का भी एलान किया है।
50 साल से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को 50 फीसदी टिकट
शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अकाली दल अध्यक्ष ने घोषणा की है कि आगामी विधानसभा चुनाव में 50 से कम उम्र के पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित करके अगली पीढ़ी के नेताओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
संगठनात्मक ढांचे का चुनाव 30 नवंबर तक
सुखबीर ने बताया कि केंद्रीय निकाय चुनाव की देखरेख में नए संगठनात्मक ढांचे के चुनाव 30 नवंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। राज्य के सभी हलकों में पूरी कवायद की देखरेख के लिए 117 ऑब्जर्वरों को नियुक्त किया जाएगा। बूथ कमेटियों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो बूथ अध्यक्ष का चयन करेंगी। बाद में सर्कल अध्यक्षों का चुनाव होगा, जो जिला अध्यक्षों का चुनाव करेंगे।
यूथ अकाली दल व एसओआई का होगा पुनर्गठन
यूथ अकाली दल और एसओआई का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके साथ ही सिख छात्र संघ को पुनर्जीवित किया जाएगा। यूथ अकाली दल के सदस्यों के लिए अधिकतम आयु 35 साल होगी और अध्यक्ष पद के लिए आयु में पांच साल की छूट दी जाएगी। इसी तरह एसओआई और एसएसएफ सदस्यों की ऊपरी आयु केवल 30 साल होगी और इन संगठनों में केवल छात्रों को ही नामांकित किया जाएगा।
ये भी लिए गए फैसले
- सरकार बनने पर जिला और प्रदेश अध्यक्ष के पद कार्यकर्ताओं को दिए जाएंगे
- अब से जिला अध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ेंगे
- एससी व पिछड़े वर्ग को पार्टी में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा
- बुद्धिजीवियों और विद्वानों का एक सलाहकार बोर्ड के गठन किया जाएगा
- यह बोर्ड अध्यक्ष को महत्वपूर्ण मामलों पर सलाह देगा
- अब से पार्टी में सभी सिख पदाधिकारी ‘साबत सूरत’ होंगे
- संसदीय बोर्ड बनेगा, जो प्रत्याशियों के बारे में सुझाव देगा