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साक्षी के कोच का दावा, अगर ऐसा हो जाए तो रूस से ज्यादा मेडल जीते भारत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
Updated Sun, 28 Aug 2016 09:09 AM IST
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साक्षी मलिक
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रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक के कोच प्रदीप मलिक ने एक दावा करते हुए बड़ा सुझाव दिया है। प्रदीप मलिक का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में अगर साई सेंटरों की व्यवस्था की जाए देश कुश्ती में और बेहतर कर सकता है। यहां तक कि भारत कुश्ती के सिरमौर कहे जाने वाले रूस जैसे देश से भी आगे निकल जाएगा।
यह दावा महिला कुश्ती चीफ कोच कुलदीप मलिक ने किया है। मलिक सोनीपत लौटे तो उन्होंने अमर उजाला के साथ अपने विचार साझा किए। बता दें कि रियो ओलंपिक में महिला पहलवान साक्षी मलिक ने जहां कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला, वहीं कुश्ती का इकलौता मेडल जीतने के पीछे कोच कुलदीप मलिक का अहम योगदान रहा।
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यह दावा महिला कुश्ती चीफ कोच कुलदीप मलिक ने किया है। मलिक सोनीपत लौटे तो उन्होंने अमर उजाला के साथ अपने विचार साझा किए। बता दें कि रियो ओलंपिक में महिला पहलवान साक्षी मलिक ने जहां कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला, वहीं कुश्ती का इकलौता मेडल जीतने के पीछे कोच कुलदीप मलिक का अहम योगदान रहा।
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साईं सेंटर जैसी सुविधा मिले तो जीत सकते हैं मेडल
साक्षी मलिक
अमर उजाला से बातचीत में मलिक ने कहा कि अगर साई सेंटर जैसी व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में हो तो हमारा देश खेलों में रसिया से आगे निकल सकता है। यहां खिलाड़ियों की मेहनत में कोई कमी नहीं है। कमी है तो वह खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं की है, जिनमें सुधार किया जाना जरूरी है।
रियो का उदाहरण देते हुए महिला कुश्ती चीफ कोच ने कहा कि वहां खिलाड़ियों के लिए 18 मेट की व्यवस्था की गई थी, जिन पर अलग-अलग देश के पहलवान अभ्यास करते थे। हमारे लिए सुबह 10 बजे से 1 बजे का समय और शाम को 5 बजे से 7 बजे तक का समय दिया जाता था।
रियो का उदाहरण देते हुए महिला कुश्ती चीफ कोच ने कहा कि वहां खिलाड़ियों के लिए 18 मेट की व्यवस्था की गई थी, जिन पर अलग-अलग देश के पहलवान अभ्यास करते थे। हमारे लिए सुबह 10 बजे से 1 बजे का समय और शाम को 5 बजे से 7 बजे तक का समय दिया जाता था।