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फरमानः नगर निगम कर्मचारियों का प्रदर्शन खराब रहा तो अफसर होंगे जिम्मेदार, सैलरी भी कटेगी

Sat, 03 Aug 2019 12:30 PM IST
खुशबू गोयल नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 03 Aug 2019 12:30 PM IST
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officer will responsible for bad performance of employee, nagar nigam chandigarh
फाइल फोटो
चंडीगढ़ नगर निगम के कर्मचारियों ने खराब प्रदर्शन किया तो इसके जिम्मेदार अफसर होंगे। माह के अंत में खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की लिस्ट बनाई जाएगी। उसके बाद उनके पहले सुपरविजन अधिकारी की सैलरी से 50 प्रतिशत, दूसरे की सैलरी से 30 प्रतिशत और चीफ सुपरविजन अथॉरिटी की सैलरी से 20 प्रतिशत की कटौती होगी।
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कमिश्नर के निर्देश की कॉपी मिलते ही निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। कमिश्नर 13 अगस्त की बैठक में इस पूरे प्रकरण को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बता दें कि कर्मचारियों के काम में लगातार लापरवाही की शिकायतें मिल रहीं थीं। कमिश्नर ने कभी कर्मचारियों को समझाया तो कभी अधिकारियों को चेतावनी दी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।
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इसके लिए कमिश्नर ने नई तकनीक निकाली है। कर्मचारी के काम की जवाबदेही अफसरों को दे दी है, अच्छे काम पर प्रोत्साहन तो खराब प्रदर्शन पर खामियाजा भुगतने का निर्देश दे दिया है। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं, जिसके क्षेत्र में कर्मचारियों का ज्यादा खराब प्रदर्शन मिला, उसके खिलाफ एडवाइजर और गवर्नर को भी पत्र लिखा जा सकता है।
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तीनों अफसरों को चेक करनी होगी हाजिरी
कमिश्नर ने निर्देश दिया है कि पहले सुपरविजन अफसर प्रतिदिन हाजिरी चेक करेंगे। इस बात से आश्वस्त करेंगे कि कहीं कोई गलत तरीकेसे तो हाजिरी नहीं भरी जा रही है। यदि ऐसा है तो तत्काल संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर कमिश्नर को सूचना देंगे। दूसरे सुपरविजन अफसर सप्ताह में दो बार कभी भी अचानक निरीक्षण कर हाजिरी चेक करेगा, जिससे कि काम में कोई भी कर्मचारी लापरवाही न कर सके। वहीं, तीसरा सुपरविजन अफसर एक बार औचक निरीक्षण करेगा।

बायोमीट्रिक हाजिरी के साथ रजिस्टर में भी करना होगा दर्ज

कमिश्नर ने इतनी ही सख्ती नहीं की है। काम के नाम पर बाहर घूम रहे अफसरों पर लगाम लगाने के लिए कमिश्नर ने एक और नया तरीका अपनाया है। एक सितंबर से सभी अफसरों की अब बायोमीट्रिक हाजिरी लगेगी। इसके अलावा अपने साथ एक मूवमेंट रजिस्टर भी रखना होगा। इसमें ऑफिस आने व जाने के समय नोट करना होगा। इसके अलावा यदि काम के समय में फील्ड में जाना हो तो जाने और लौटकर आने का समय भी लिखना होगा। इन दोनों अटेंडेंस को चेक करने के बाद सैलरी बनेगी।

वहीं अधिकारियों को समय समय पर रजिस्टर चेक करने को कहा गया है। गलती मिलने पर तत्काल रिपोर्ट देना होगा। साथ ही यदि कोई अफसर सीट पर नहीं मिलता है तो उसकी आधे दिन की सैलरी काट ली जाएगी। इस्टैबिलिसमेंट ब्रांच और आई ब्रांच दोनों को बायोमीट्रिक मशीनें खरीदने से लेकर सभी आवश्यक काम इसी माह में पूरे करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

हर अफसर की डिटेल होगी ऑनलाइन
कमिश्नर ने सभी अफसरों की जानकारी उनके नाम, पिता का नाम, पता और मोबाइल नंबर के साथ ब्रांच इंचार्ज को देने को कहा है। पूरी जानकारी इकट्ठी होने के बाद आईटी डिपार्टमेंट संबंधित अफसर की फील्ड के साथ जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करेगा ताकि आम लोगों को भी आसानी से मिल सके।

अफसरों को दी जाएगी जीपीएस वॉच, रहेगी काम पर निगाह

कमिश्नर ने अफसरों के काम पर निगाह रखने के लिए जीपीएस सिस्टम वॉच मंगवाई है। ब्रांच प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने अपने ब्रांच के अफसर व कर्मचारियों की लिस्ट बनाकर दें। इसमें विशेष रूप से फील्ड अफसरों का नाम जरूर डालने को कहा है। लिस्ट कमिश्नर को मिलने के बाद 14 अक्तूबर तक सभी अफसरों को जीपीएस सिस्टम लगी वॉच दे दी जाएंगी। यदि ट्रैकिंग के समय वॉच हाथ में नहीं मिली तो सैलरी कटना तय है।

समय से होगी पदोन्नति, भर्तियों पर भी चर्चा
कमिश्नर ने कहा कि नियमानुसार जिनकी पदोन्नति होनी है, उन्हें जल्द किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों की भर्ती पर भी चर्चा की जाएगी। अफसर न होने से खत्म हो चुके पदों को फिर से प्रशासन से लागू कराएंगे। इसके लिए सभी ब्रांच अफसरों को निर्देश दे दिए गए हैं। 20 अगस्त तक लिस्ट कमिश्नर के पास आ जाएगी। इस संबंध में निगम की होने वाली बैठक में भी चर्चा होगी।

मनमानी के बाद कमिश्नर का निर्णय
कमिश्नर केके यादव को लगातार कर्मचारियों की शिकायत मिल रही थी। कर्मचारी की ड्यृटी कहीं है और वह काम कहीं और कर रहा था। बीच में एक खुलासा भी हुआ था कि कर्मचारी बिना आदेश के पार्षदों और अधिकारियों के घरों में काम कर रहे हैं। इसमें अफसरों की भी मिलीभगत थी। कमिश्नर ने सभी ऐसी कर्मचारियों की लिस्ट निकाली तो काफी झोल मिला। सख्ती के बाद भी यह लापरवाही नहीं रुकी। सूत्रों की मानें तो कमिश्नर पर इस मामले को लेकर लगातार दवाब भी आ रहा था। इस कारण कमिश्नर ने सख्त निर्णय लिए हैं।

हाउस की मीटिंग में जो वादा किया था, उसे पूरा कर रहा हूं। कर्मचारियों से सही से काम कराएंगे और नियमानुसार अफसरों की पदोन्नति की जाएगी। उम्मीद है कि सभी व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त होंगी।
- केके यादव, नगर निगम कमिश्नर

 
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