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Hindi News ›   Chandigarh ›   Nursing Staff of Bathinda AIIMS does not know how to wear PPE kit

पंजाब: बठिंडा एम्स का नर्सिंग स्टाफ पीपीई किट पहनना नहीं जानता, कोविड ड्यूटी से किया इनकार 

Thu, 20 May 2021 04:12 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 20 May 2021 04:12 PM IST
सार

मंत्री ओपी सोनी ने शंका जाहिर की कि इन स्टाफ नर्सों द्वारा किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा बनते हुए इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, जिस कारण अनुशासनहीनता करने पर मेल नर्सिंग स्टाफ को तुरंत वापस भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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Nursing Staff of Bathinda AIIMS does not know how to wear PPE kit
PPE Kit - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बठिंडा एम्स के नर्सिंग स्टाफ को पीपीई किट पहनना नहीं आता, इसलिए उन्होंने कोविड ड्यूटी से मना कर दिया है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने संकट की इस घड़ी में इसे अनुशासनहीनता बताया है।

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पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के कोविड केयर वार्ड में ड्यूटी के लिए दो दिन पहले बठिंडा एम्स से आए मेल नर्सिंग स्टाफ ने खाने-पीने और रहने की सही सुविधाएं न देने का आरोप लगाते हुए रोष जताया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सभी को बुधवार को वापस भेज दिया। राजिंदरा के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एचएस रेखी ने सभी आरोपों का खंडन करते स्टाफ को उच्च अधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर वापस भेजे जाने की पुष्टि की।
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मेल नर्सिंग स्टाफ के मुताबिक फिजिकल एजूकेशन कॉलेज के हॉस्टल में चार-चार लोगों को एक-एक कमरा दिया गया, जबकि सभी कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रहे हैं। अगर एक व्यक्ति को कोरोना होता है, तो बाकी भी आसानी से संक्रमित हो जाएंगे। ऊपर से हास्टल के शौचालय बहुत गंदे हैं। वहां पानी का प्रबंध नहीं है। कमरों के पंखे सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। मच्छरों की दिक्कत है और सबसे अहम उन्हें अच्छी क्वालिटी का खाना नहीं दिया जा रहा है। मेल नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया कि उन्होंने इसकी शिकायत जब अस्पताल प्रबंधन से की तो उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। ऊपर से उनके साथ गलत व्यवहार किया। 
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मेल नर्सिंग स्टाफ की ओर से सुविधाओं की कमी को लेकर रोष जताने के जवाब में बुधवार को अस्पताल प्रशासन ने सारे स्टाफ को वापस भेज दिया। सरकारी मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डा. राजन सिंगला ने कहा कि मेल नर्सिंग स्टाफ को खाने-पीने व रहने की बढ़िया सुविधाएं दी गई थीं। प्रिंसिपल ने कहा कि मेल नर्सिंग स्टाफ पूरी तरह से ट्रेंड नहीं था, इसलिए उनकी जरूरत नहीं थी, ऐसे में उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर वापस भेज दिया। जरूरत पड़ेगी, तो अस्पताल अपने स्तर पर स्टाफ की भरती करेगा। 

चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने कहा कि कोविड-19 के कारण पैदा संकट में लोक सेवा से भागे एम्स बठिंडा के नर्सिंग स्टाफ ने अपने पेशे के साथ दगा की है। नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार पर उन्होंने राजनीतिक साजिश की भी आशंका जताई है। मंत्री सोनी ने बताया कि एम्स बठिंडा में बीते समय में 400 स्टाफ नर्सों को भर्ती किया गया था। मौजूदा समय में एम्स बठिंडा में स्तर 2 के 45 बेड और स्तर 3 के 20 बेड ही काम कर रहे हैं। महामारी के बढ़ते संकट को देखते हुए नर्सिंग स्टाफ को 50-50 के ग्रुपों में राज्य के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ड्यूटी के लिए भेजा गया था। 

मंगलवार को मेल नर्सिंग स्टाफ द्वारा कहा गया कि उन्हें पीपीई किट पहननी नहीं आती और वार्ड में ड्यूटी के दौरान नमूने लेने में भी उन्होंने असमर्थता जाहिर की। इसके अलावा उच्च अधिकारियों के साथ बदतमीजी भी की गई।


हॉस्टल में हैं सभी सुविधाएं
सोनी ने बताया कि एम्स बठिंडा से स्टाफ नर्सों के लिए हॉस्टल में सभी सुविधाएं की गई थीं। साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, बिस्तर का प्रबंध करवाया गया था। मेस में बढ़िया खाने का भी प्रबंध किया गया था। बाकी सभी मांगों को भी साथ-साथ पूरा कर दिया गया था। इसके बाद भी हर रूम में कूलर, अस्पताल आने-जाने के लिए एसी बस और फ्रिज नहीं देने पर शोर मचाया जा रहा था।

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