चंडीगढ़: चौथी लहर के खतरे से जागे अभिभावक, टीकाकरण केंद्रों पर बढ़ी बच्चों की संख्या
स्वास्थ्य विभाग टीकारकण अभियान को शत प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में अब मजदूर और श्रमिक वर्ग के लिए विशेष शिविर लगाने की तैयारी है। ये शिविर शहर के ऐसे क्षेत्रों में लगाए जाएंगे जहां इस वर्ग के लोग बहुतायत में हैं।
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चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण के साथ ही बच्चों के टीकाकरण का ग्राफ भी बढ़ने लगा है। संक्रमण के डर से अब अभिभावक अपने बच्चों को खुद टीकाकरण केंद्र पर लेकर आ रहे हैं। मंगलवार को जीएमएसएच-16 में टीकाकरण केंद्र पर लाभार्थियों की संख्या बढ़ी हुई नजर आई। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण बढ़ने के कारण अब अभिभावक टीके के महत्व को समझने लगे हैं। यह सकारात्मक संकेत है। अब जरूरी है कि बिना कुछ सोचे जल्द से जल्द सभी चिह्नित बच्चों को टीके की पहली खुराक लगवा दी जाए ताकि चौथी लहर आने पर भी स्थिति गंभीर न होने पाए।
बता दें कि शहर में 12-14 साल के 45 हजार बच्चों को टीका लगाया जाना है। अब तक 17478 बच्चों को ही टीके की पहली खुराक लगाई जा सकी है। वहीं, 1707 बच्चे दूसरी खुराक ले चुके हैं। एक हफ्ते पहले तक लाभार्थियों की संख्या बेहद निराशाजनक थी लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। प्रतिदिन 500 से 800 बच्चे टीकाकरण करा रहे हैं।
दिहाड़ी मजदूरों के लिए विशेष शिविर की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग टीकारकण अभियान को शत प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रत्येक स्तर पर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में अब मजदूर और श्रमिक वर्ग के लिए विशेष शिविर लगाने की तैयारी है। ये शिविर शहर के ऐसे क्षेत्रों में लगाए जाएंगे जहां इस वर्ग के लोग बहुतायत में हैं। मौके पर काउंसलिंग कर टीकाकरण किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस वर्ग को अब तक टीके का महत्व नहीं पता है।
बच्चों में विशेष सुरक्षा चक्र
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. रविन्द्र खैवाल का कहना है कि छोटे बच्चों में विशेष सुरक्षा चक्र होता है। कोरोना की तीनों लहरों में सबसे कम छोटे बच्चे संक्रमित हुए लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही ठीक नहीं। जब तक जन्म से एक से 11 साल तक के बच्चों के लिए टीका नहीं आता तब तक संक्रमण से बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन करना है। घर के बड़ों को मास्क, सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी के मानकों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए अन्यथा उनकी गलती का खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ेगा।
संक्रमण के साथ बढ़ रही है बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार
| तिथि | टीकाकरण | संक्रमित मरीज |
| 21 अप्रैल | 606 | 06 |
| 22 अप्रैल | 699 | 06 |
| 23 अप्रैल | 1966 | 07 |
| 24 अप्रैल | 1075 | 09 |
| 25 अप्रैल | 740 | 09 |
बच्चों के टीकाकरण अभियान को रफ्तार मिलने लगी है। अभिभावक संक्रमण और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सचेत हो रहे हैं। बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों और अस्पतालों में टीकाकरण केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। -डॉ. मंजीत सिंह, राज्य टीकाकरण अधिकारी