चंडीगढ़: स्मार्ट कैमरों के बावजूद नहीं थम रही गाड़ियों की रफ्तार, एक माह में पांच गुना से ज्यादा हुए चालान
चंडीगढ़ में सड़क हादसों में भी कोई कमी नहीं आई है। पुलिस के अनुसार रात के समय लोग सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चला रहे हैं। इस महीने कैमरे के साथ लगे रडार में एक कार की 128 प्रति घंटा किलोमीटर की रफ्तार कैद हो चुकी है।
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चंडीगढ़ में भले ही स्मार्ट कैमरे लग गए हैं, लेकिन वाहनों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। स्मार्ट कैमरे लगने के बाद एक महीने में मैनुअल चालान से 5 गुना से भी ज्यादा चालान काटे गए हैं। स्मार्ट कैमरे से चालान शुरू होने के बाद तेज रफ्तार और लाल बत्ती तोड़ने के 27 मार्च से 27 अप्रैल तक कुल 22 हजार 148 लोगों के चालान हुए जबकि उससे पिछले महीने 26 फरवरी से 26 मार्च तक मैनुअल तरीके से 4 हजार 83 लोगों के चालान हुए। इनमें फर्क देखें तो स्मार्ट कैमरे लगने के बाद पिछले महीने के मुताबिक 18 हजार 65 ज्यादा चालान हुए।
आंकड़ों के अनुसार सड़क हादसों में भी कोई कमी नहीं आई है। पुलिस के अनुसार रात के समय लोग सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चला रहे हैं। इस महीने कैमरे के साथ लगे रडार में एक कार की 128 प्रति घंटा किलोमीटर की रफ्तार कैद हो चुकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग किस तरह से रात के समय सड़कों पर फर्राटे भर रहे हैं। बता दें कि 27 मार्च को स्मार्ट कैमरे से चालान शुरू किए गए थे।
देर रात मटका चौक पर तेजरफ्तार कार पलटी
बुधवार देर रात भी तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। मटका चौक पर तेजरफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कार सवार दो युवक बाल-बाल बच गए। पुलिस ने दोनों को इलाज के लिए सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई। चौक पर पहुंचने पर उन्होंने ब्रेक भी मारे लेकिन रफ्तार तेज होने के कारण कार पलटी खाती हुई काफी दूर तक गई। हादसे से चौक के पास लगा डिवाइडर भी टूट गया। सूचना के बाद सेक्टर-3 थाने से जांच अधिकारी एएसआई स्वर्ण सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं मौके पर पहुंचे पीसीआर कर्मी वरिंद्र ने बताया कि युवक नयागांव से आए थे और सेक्टर-17 में जाना था। उन्होंने हादसे का कारण बताते हुए कहा कि तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित हो गई।
आंकड़े बोलते हैं
चालान 26 फरवरी 2022 से 26 मार्च तक 27 मार्च से 27 अप्रैल तक फर्क
तेजरफ्तार से वाहन चलाने के 4038 13527 9489
कुल 4083 22148 18065
सड़क हादसों में नहीं आई कमी
हादसे मौत घायल
जनवरी 12 2 10
फरवरी 27 7 15
मार्च 24 6 19
अप्रैल 28 तक 18 5 21
2020 से 2021 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या हुई दोगुनी
2021 में सड़क हादसों का ग्राफ काफी बढ़ गया। 2020 में 143 हादसों में जहां 46 लोगों की मौत हुई थी वहीं 2021 में 185 हादसों में 87 लोग जान गंवा चुके हैं। शहर के पूर्वी इलाके में हुए हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। साल 2020 में पूर्वी इलाके में 18 लोगों की जान गई जबकि 2021 में 36 लोगों की मौत हुई। 2021 में 84 ऐसे घातक हादसे हुए, जिसमें 86 लोगों की मौत हुई। इनमें से ज्यादातर हादसों का मुख्य कारण रैश ड्राइविंग और ओवर स्पीड रहा। वहीं बिना हेलमेट पहने दो पहिया वाहन चलाने से ज्यादातर मौत हुई।