पठानकोट में बनेगा एनएसजी रीजनल हब सेंटर, गृहमंत्रालय ने मांगी जमीन
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पंजाब में आतंकी गतिविधियों की मिल रही इनपुट के बाद गृह मंत्रालय ने पठानकोट में एनएसजी सेंटर (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) का रीजनल हब बनाने का फैसला किया है। इससे पहले पठानकोट या अमृतसर में सेंटर बनाने के कयास लगाए जा रहे थे पर 2 दिन पहले डीसी पठानकोट को मिले पत्र में गृह मंत्रालय ने डिमांड की है कि पठानकोट एयरफोर्स के साथ लगते किसी इलाके में एनएसजी सेंटर के लिए जमीन तलाशी जाए। जिसके बाद से जिला प्रशासनिक अधिकारी जमीन तलाशने में जुट गए हैं।
मामले की पुष्टि डीसी पठानकोट गुरप्रीत सिंह खैरा ने की। बता दें, 2016 में पठानकोट एयरबेस पर पाक प्रायोजित आतंकी हमले के बाद से पठानकोट में एनएसजी सेंटर जरूरी हो गया था। एयरबेस, मामून मिलिट्री स्टेशन, भारत-पाक सीमा का बड़ा दायरा होने के चलते पठानकोट जिला सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। सांसद और सिने स्टार सनी देओल ने भी पठानकोट में ही एनएसजी रीजनल सेंटर बनाने की मांग की थी।
सनी देओल ने गृह मंत्रालय को था लिखा
अक्टूबर 2019 में जब पठानकोट और अमृतसर जिलों को जगह मुहैया करवाने संबंधी आदेश जारी हुए तो यहां नगर निगम मेयर और तत्कालीन डीसी रामबीर में तन गई। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए, लेकिन जमीन फाइनल न हो सकी। जिसके बाद मेयर अनिल वासुदेवा के जरिये मामला सांसद सनी देओल के पास पहुंचा तो उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए गृह मंत्रालय को पत्र लिख पठानकोट में सेंटर बनाने की पेशकश की। पत्र में उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की सीमा के साथ लगने वाला पठानकोट अति संवेदनशील क्षेत्र है। एनएसजी का सेंटर पठानकोट से किसी दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाना चाहिए। सनी देओल इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से भी मिल चुके हैं।
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी एरिया तक रहेगी नजर
जानकारी के मुताबिक अभी तक देश में कुल 5 एनएसजी सेंटर हैं। अगर पठानकोट में सेंटर बनने की योजना सिरे चढ़ी तो यह देश का छठा रीजनल सेंटर होगा। इससे पहले मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई और दिल्ली में है। पंजाब का पहला सेंटर पठानकोट में बनेगा, जिससे हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब सहित पूरे उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों तक का कार्यभार इस रीजनल सेंटर पर होगा।
सरकार ने पत्र जारी कर जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी है, साथ ही एयरबेस के आसपास जमीन तलाशने को कहा है। जल्द ही जमीन तलाश कर प्रपोजल सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित अथारिटी के अधिकारी विजिट कर जांचेंगे और आखिरी फैसला केंद्र सरकार अपने स्तर पर करेगी।
-गुरप्रीत सिंह खैरा, डीसी, पठानकोट
-केंद्र सरकार ने पत्र जारी कर जमीन की पहचान करने को कहा है, कमिश्नर-कम-डीसी से इस बारे में बात की गई है। निगम के पास डेयरीवाल और मलिकपुर में काफी खाली जमीन है, एनएसजी सेंटर के लिए किसी विभाग से जमीन लेनी पड़ी तो वो भी करेंगे। एनएसजी सेंटर पठानकोट में ही बनवाया जाएगा।
-अनिल वासुदेवा, मेयर, पठानकोट