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पंजाब में लगेगा एनआरआई का महाकुंभ, भारत-पाकिस्तान के बीच होगा एक मुकाबला, पढ़ें जानकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:29 AM IST
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एनआरआई का महाकुंभ
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पंजाब में एनआरआई का महाकुंभ लगेगा। पंजाब के अलावा हरियाणा और चंडीगढ़ में एनआरआई सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। वहीं भारत पाकिस्तान के बीच एक मुकाबला होगा। इसका मकसद देश में निवेश, एनआरआई के समस्याओं का समाधान और खेलों को बढ़ावा देना है।
इंडस-कनाडा फाउंडेशन के चेयरमैन गुरिंदर सोढी और प्रधान विक्रम बाजवा ने प्रेस क्लब में मीडिया को बताया कि 15 से 19 दिसंबर के बीच सम्मेलन आयोजित होंगे। वीआईपी के शेड्यूल के मुताबिक तारीखों में मामूली बदलाव भी हो सकता है। 15 दिसंबर को उद्घाटन सम्मेलन चंडीगढ़ में होगा।
इसके बाद हरियाणा के शाहाबाद और पंजाब के जालंधर, लुधियाना व अमृतसर में सम्मेलन होंगे। इन चारों जगह ही भारत और पाकिस्तान के पंजाब प्रांतों की टीमों के बीच ननकाना साहिब हॉकी प्रतियोगिता भी होगी। समापन समागम 19 दिसंबर को अमृतसर में होगा।
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उद्घाटन समागम के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, हरियाणा सीएम मनोहर लाल को आमंत्रित किया गया है। वहीं केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर समापन समागम के मुख्य मेहमान होंगे और हॉकी मुकाबले की विजेता टीम को सम्मानित करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जो एनआरआई सम्मेलन कराती थी, उसमें डेढ़ घंटे के अंदर एनआरआई के मुद्दे हल नहीं हो पाते थे इसलिए पांच सम्मेलन कराए जा रहे हैं। हर जगह स्थानीय एनआरआई को बुलाया जाएगा। साथ ही हर जगह स्थानीय उद्यमियों को बुलाया जाएगा, ताकि निवेश की बात सिरे चढ़ सके। हर जगह करीब पांच हजार एनआरआई के पहुंचने की उम्मीद है।
चार माह के लिए खोला जाए करतारपुर कॉरिडोर
विक्रम बाजवा ने बताया कि इमरान खान की ताजपोशी में भारतीय एनआरआई को भी न्योता आया था लेकिन दिल्ली वालों ने कहा कि अगर कोई सीधे यूके से पाक गया तो भारत आने पर उसकी पूरी पड़ताल होगी। इसलिए हम लोग नहीं गए।
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति याहया खान के समय अमेरिका सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने का मुद्दा उठाया था। पीएम नरेंद्र मोदी से भी मांग की गई है कि यूएन जनरल एसेंबली में पाक पीएम से इस बारे में बात करें। एक अक्तूबर से 31 जनवरी तक हर साल करतारपुर कॉरिडोर खोला जाए।
उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी अब भी पंजाब को तरजीह देती है। पर जो लोग वहां पैदा हुए हैं, उनकी प्राथमिकता में पंजाब दूसरे स्थान पर है। अगर करतारपुर कॉरिडोर खुलता है तो उन्हें पंजाब से जोड़ने में मदद मिलेगी। इसी मकसद से एक और पहल के तहत पीएम मोदी से यह भी मांग की जाएगी कि विदेशी विश्वविद्यालयों में श्री गुरु नानक देव जी चेयर स्थापित की जाए।
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इंडस-कनाडा फाउंडेशन के चेयरमैन गुरिंदर सोढी और प्रधान विक्रम बाजवा ने प्रेस क्लब में मीडिया को बताया कि 15 से 19 दिसंबर के बीच सम्मेलन आयोजित होंगे। वीआईपी के शेड्यूल के मुताबिक तारीखों में मामूली बदलाव भी हो सकता है। 15 दिसंबर को उद्घाटन सम्मेलन चंडीगढ़ में होगा।
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इसके बाद हरियाणा के शाहाबाद और पंजाब के जालंधर, लुधियाना व अमृतसर में सम्मेलन होंगे। इन चारों जगह ही भारत और पाकिस्तान के पंजाब प्रांतों की टीमों के बीच ननकाना साहिब हॉकी प्रतियोगिता भी होगी। समापन समागम 19 दिसंबर को अमृतसर में होगा।
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उद्घाटन समागम के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, हरियाणा सीएम मनोहर लाल को आमंत्रित किया गया है। वहीं केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर समापन समागम के मुख्य मेहमान होंगे और हॉकी मुकाबले की विजेता टीम को सम्मानित करेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जो एनआरआई सम्मेलन कराती थी, उसमें डेढ़ घंटे के अंदर एनआरआई के मुद्दे हल नहीं हो पाते थे इसलिए पांच सम्मेलन कराए जा रहे हैं। हर जगह स्थानीय एनआरआई को बुलाया जाएगा। साथ ही हर जगह स्थानीय उद्यमियों को बुलाया जाएगा, ताकि निवेश की बात सिरे चढ़ सके। हर जगह करीब पांच हजार एनआरआई के पहुंचने की उम्मीद है।
चार माह के लिए खोला जाए करतारपुर कॉरिडोर
विक्रम बाजवा ने बताया कि इमरान खान की ताजपोशी में भारतीय एनआरआई को भी न्योता आया था लेकिन दिल्ली वालों ने कहा कि अगर कोई सीधे यूके से पाक गया तो भारत आने पर उसकी पूरी पड़ताल होगी। इसलिए हम लोग नहीं गए।
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति याहया खान के समय अमेरिका सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने का मुद्दा उठाया था। पीएम नरेंद्र मोदी से भी मांग की गई है कि यूएन जनरल एसेंबली में पाक पीएम से इस बारे में बात करें। एक अक्तूबर से 31 जनवरी तक हर साल करतारपुर कॉरिडोर खोला जाए।
उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी अब भी पंजाब को तरजीह देती है। पर जो लोग वहां पैदा हुए हैं, उनकी प्राथमिकता में पंजाब दूसरे स्थान पर है। अगर करतारपुर कॉरिडोर खुलता है तो उन्हें पंजाब से जोड़ने में मदद मिलेगी। इसी मकसद से एक और पहल के तहत पीएम मोदी से यह भी मांग की जाएगी कि विदेशी विश्वविद्यालयों में श्री गुरु नानक देव जी चेयर स्थापित की जाए।