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चंडीगढ़ में अब निजी स्कूल-कॉलेजों को भी घरेलू दर पर मिलेगी बिजली
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चंडीगढ़। शहर के निजी स्कूलों और कॉलेजों को अब घरेलू दर पर बिजली मिलेगी। संयुक्त बिजली विनियम आयोग ने इस संबंध में यूटी प्रशासन के बिजली विभाग को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं, आयोग ने बिजली विभाग से रायपुर कलां और सारंगपुर गांव के सब-स्टेशन की रिपोर्ट मांगी है।
इंडियन सिटीजंस फोरम के प्रधान एसके नैय्यर और सचिव नरेंद्र शर्मा ने संयुक्त बिजली विनियम आयोग के सामने यह मुद्दा उठाया था। आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में यह फैसला सुनाया है। फोरम ने कहा था कि शहर में सरकारी स्कूलों व कॉलेजों को घरेलू दर पर बिजली दी जा रही है, लेकिन निजी स्कूलों व कॉलेजों से भेदभाव किया जा रहा है। उन्हें व्यावसायिक दर पर बिजली दी जा रही है। इस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने आदेश जारी किए कि सभी निजी व सरकारी स्कूल व कॉलेज और शिक्षण संस्थाओं को घरेलू दरों के अंतर्गत चार्ज किया जाना चाहिए। वहीं, आयोग के साथ हुई बैठक में मुद्दा उठा था कि शहर में बिजली का नया कनेक्शन देने के लिए जो समय तय किया गया है, उस समय के अंदर कनेक्शन नहीं मिल रहे हैं। आयोग ने बिजली विभाग से नए कनेक्शन और उसे देने में लगने वाले समय का ब्यौरा मांगा है।
रायपुर कलां और गांव सारंगपुर के सब-स्टेशन की मांगी रिपोर्ट
इंडियन सिटीजंस फोरम के सदस्यों ने आयोग को बताया कि रायपुरकलां और सारंगपुर गांव में 66 केवी सब-स्टेशन 8 वर्ष पहले बन चुके हैं, लेकिन अभी तक वहां बिजली की लाइनों का विस्तार नहीं किया गया है। इस विषय में आयोग ने संज्ञान लेते हुए आदेश दिए गए हैं कि तीन महीने के अंदर इस काम को पूरा करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। इसके अलावा इस मामले की रिपोर्ट भी मांगी है। शहर में घरेलू व गैर घरेलू बिजली की खपत के बिल दो महीने के बाद दिए जाते हैं। यदि गलती से बिजली के बिल का भुगतान न हो पाए तो उस पर 4 फीसदी का सरचार्ज विभाग की ओर से लगाया किया जाता है। इंडियन सिटीजन फोरम के सदस्यों ने कहा कि यह सरचार्ज 2 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस विषय में आयोग ने संज्ञान लेते आदेश जारी किए कि सरचार्ज सालाना 24 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। इंडियन सिटीजंस फोरम के प्रधान एसके नैय्यर और नरेंद्र शर्मा ने आयोग का आभार जताया कि उनके इन फैसलों से लोगों को काफी राहत प्रदान की गई है।
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इंडियन सिटीजंस फोरम के प्रधान एसके नैय्यर और सचिव नरेंद्र शर्मा ने संयुक्त बिजली विनियम आयोग के सामने यह मुद्दा उठाया था। आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में यह फैसला सुनाया है। फोरम ने कहा था कि शहर में सरकारी स्कूलों व कॉलेजों को घरेलू दर पर बिजली दी जा रही है, लेकिन निजी स्कूलों व कॉलेजों से भेदभाव किया जा रहा है। उन्हें व्यावसायिक दर पर बिजली दी जा रही है। इस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने आदेश जारी किए कि सभी निजी व सरकारी स्कूल व कॉलेज और शिक्षण संस्थाओं को घरेलू दरों के अंतर्गत चार्ज किया जाना चाहिए। वहीं, आयोग के साथ हुई बैठक में मुद्दा उठा था कि शहर में बिजली का नया कनेक्शन देने के लिए जो समय तय किया गया है, उस समय के अंदर कनेक्शन नहीं मिल रहे हैं। आयोग ने बिजली विभाग से नए कनेक्शन और उसे देने में लगने वाले समय का ब्यौरा मांगा है।
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रायपुर कलां और गांव सारंगपुर के सब-स्टेशन की मांगी रिपोर्ट
इंडियन सिटीजंस फोरम के सदस्यों ने आयोग को बताया कि रायपुरकलां और सारंगपुर गांव में 66 केवी सब-स्टेशन 8 वर्ष पहले बन चुके हैं, लेकिन अभी तक वहां बिजली की लाइनों का विस्तार नहीं किया गया है। इस विषय में आयोग ने संज्ञान लेते हुए आदेश दिए गए हैं कि तीन महीने के अंदर इस काम को पूरा करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। इसके अलावा इस मामले की रिपोर्ट भी मांगी है। शहर में घरेलू व गैर घरेलू बिजली की खपत के बिल दो महीने के बाद दिए जाते हैं। यदि गलती से बिजली के बिल का भुगतान न हो पाए तो उस पर 4 फीसदी का सरचार्ज विभाग की ओर से लगाया किया जाता है। इंडियन सिटीजन फोरम के सदस्यों ने कहा कि यह सरचार्ज 2 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस विषय में आयोग ने संज्ञान लेते आदेश जारी किए कि सरचार्ज सालाना 24 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। इंडियन सिटीजंस फोरम के प्रधान एसके नैय्यर और नरेंद्र शर्मा ने आयोग का आभार जताया कि उनके इन फैसलों से लोगों को काफी राहत प्रदान की गई है।
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