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अब कम्युनिटी सेंटरों में छलकेंगे जाम, जानिए क्या होंगे नियम-कानून?
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 10 Apr 2017 09:09 AM IST
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Community Centre
- फोटो : File Photo
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हाईवे के 500 मीटर के दायरे तक शराब बिक्री पर पाबंदी के बाद अब शहर के कम्युनिटी सेंटरों में आयोजित शादी समारोहों में शराब परोसने की मंजूरी मिल गई है। प्रशासन ने जो नई आबकारी नीति की घोषणा की है, उसके अनुसार अब हर कम्युनिटी सेंटर से रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी।
मालूम हो कि 35 हजार रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर प्रशासन और निगम में ठन गई थी। यही कारण था कि तीन साल से शहर के किसी भी कम्युनिटी सेंटर में शराब की मंजूरी नहीं थी। निगम शहर के 42 कम्युनिटी सेंटर की शराब परोसने की रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवाने को तैयार नहीं था। ऐसे में यहां पर शराब परोसने पर पुलिस भी तंग करती थी। मैरिज पैलेेस और बैंक्वट हाल के संचालकों को यह 35 हजार रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवानी होगी। अब सिर्फ आयोजक को शादी के दिन की ही लाइसेंस फीस आबकारी विभाग में जमा करवानी होगी जोकि करीब दो हजार रुपये है।
इन सामुदायिक केंद्रों पर होगी पाबंदी
उन सामुदायिक केंद्रों में शराब परोसने पर पाबंदी रहेगी, जो स्टेट और नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आते हैं। इनमें सेक्टर-27, 28 और 19 का सामुदायिक केंद्र आता है। आबकारी विभाग को सामुदायिक केंद्र में फिर से शराब की मंजूरी से लाइसेंस फीस के तौर पर कमाई भी बढ़ाने की उम्मीद है। निगम के अनुसार नाममात्र सामुदायिक केंद्र हैं जो कि हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आते हैं।
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मालूम हो कि 35 हजार रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर प्रशासन और निगम में ठन गई थी। यही कारण था कि तीन साल से शहर के किसी भी कम्युनिटी सेंटर में शराब की मंजूरी नहीं थी। निगम शहर के 42 कम्युनिटी सेंटर की शराब परोसने की रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवाने को तैयार नहीं था। ऐसे में यहां पर शराब परोसने पर पुलिस भी तंग करती थी। मैरिज पैलेेस और बैंक्वट हाल के संचालकों को यह 35 हजार रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवानी होगी। अब सिर्फ आयोजक को शादी के दिन की ही लाइसेंस फीस आबकारी विभाग में जमा करवानी होगी जोकि करीब दो हजार रुपये है।
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इन सामुदायिक केंद्रों पर होगी पाबंदी
उन सामुदायिक केंद्रों में शराब परोसने पर पाबंदी रहेगी, जो स्टेट और नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आते हैं। इनमें सेक्टर-27, 28 और 19 का सामुदायिक केंद्र आता है। आबकारी विभाग को सामुदायिक केंद्र में फिर से शराब की मंजूरी से लाइसेंस फीस के तौर पर कमाई भी बढ़ाने की उम्मीद है। निगम के अनुसार नाममात्र सामुदायिक केंद्र हैं जो कि हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आते हैं।
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सामुदायिक केंद्रों की बढ़ेगी मांग
Community Centre
- फोटो : File Photo
चोरी चुपके परोसते थे शराब
अभी तक सामुदायिक केंद्र में शराब पर पाबंदी लगाने पर आयोजकों को काफी मुश्किल आती थी। वे चोरी चुपके मेहमानों को शराब पिलाते थे। कई लोगों ने सामुदायिक केंद्र में समारोह करने ही बंद कर दिए थे। इस कारण नगर निगम को भी नुकसान होता था। नॉन एसी सामुदायिक केंद्र का शुल्क 5 और एसी सामुदायिक केंद्र का शुल्क 10 हजार रुपये है। सामुदायिक केंद्र में शराब पर पाबंदी लगने पर कई आयोजक होटल में भी समारोह करने लग गए थे।
डीसी से की थी रजिस्ट्रेशन फीस हटाने की मांग
कम्युनिटी सेंटरों के लिए गठित कमेटी के चेयरमैन एवं पूर्व मेयर अरुण सूद का कहना है कि उन्होंने आबकारी नीति की अधिसूचना जारी होने से पहले निगम की तरफ से डीसी से मांग की थी कि सामुदायिक केंद्रों में शराब की मंजूरी देने के लिए जो रजिस्ट्रेशन फीस की शर्त हटाई जाए। डीसी ने उनकी बात मान ली।
सामुदायिक केंद्रों की बढ़ेगी मांग
शहर के एनएच और स्टेट हाईवे के साथ लगते सेक्टरों के रिहायशी इलाकों में अब बर्थ-डे और अन्य छोटी पार्टियों में भी शराब नहीं परोसी जाएगी। अब तक आयोजक आबकारी विभाग को दो हजार रुपये शुल्क अदा करके एक दिन शराब परोसने का लाइसेंस लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। ऐसे में अब सामुदायिक केंद्रों की मांग बढ़ जाएगी। अब छोटी पार्टियां भी यहां पर होगी।
अभी तक सामुदायिक केंद्र में शराब पर पाबंदी लगाने पर आयोजकों को काफी मुश्किल आती थी। वे चोरी चुपके मेहमानों को शराब पिलाते थे। कई लोगों ने सामुदायिक केंद्र में समारोह करने ही बंद कर दिए थे। इस कारण नगर निगम को भी नुकसान होता था। नॉन एसी सामुदायिक केंद्र का शुल्क 5 और एसी सामुदायिक केंद्र का शुल्क 10 हजार रुपये है। सामुदायिक केंद्र में शराब पर पाबंदी लगने पर कई आयोजक होटल में भी समारोह करने लग गए थे।
डीसी से की थी रजिस्ट्रेशन फीस हटाने की मांग
कम्युनिटी सेंटरों के लिए गठित कमेटी के चेयरमैन एवं पूर्व मेयर अरुण सूद का कहना है कि उन्होंने आबकारी नीति की अधिसूचना जारी होने से पहले निगम की तरफ से डीसी से मांग की थी कि सामुदायिक केंद्रों में शराब की मंजूरी देने के लिए जो रजिस्ट्रेशन फीस की शर्त हटाई जाए। डीसी ने उनकी बात मान ली।
सामुदायिक केंद्रों की बढ़ेगी मांग
शहर के एनएच और स्टेट हाईवे के साथ लगते सेक्टरों के रिहायशी इलाकों में अब बर्थ-डे और अन्य छोटी पार्टियों में भी शराब नहीं परोसी जाएगी। अब तक आयोजक आबकारी विभाग को दो हजार रुपये शुल्क अदा करके एक दिन शराब परोसने का लाइसेंस लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। ऐसे में अब सामुदायिक केंद्रों की मांग बढ़ जाएगी। अब छोटी पार्टियां भी यहां पर होगी।