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नई अधिसूचना जारी, दो मार्ग ही रहेंगे हाइवे बाकी सभी पर बिकेंगे शराब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 17 Mar 2017 09:22 AM IST
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- फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ में सिर्फ दो ही मार्ग हाईवे रहेंगे। बाकी सभी मार्गों को अधिसूचना रद्द कर प्रशासन ने स्टेट हाईवे से बदलकर मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड कर दिया है। अब इन्हें मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड ही कहा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के हाईवे से 500 मीटर दायरे में शराब के ठेके नहीं होने के आदेश पर प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अपने शराब के ठेके बचाने के लिए लंबी माथापच्ची के बाद तिकड़म लगाने में प्रशासन कामयाब हो गया है।
जो हाईवे बचे हैं इनमें भी दक्षिण मार्ग पहले से ही नेशनल हाईवे है। ट्रिब्यून चौक और फिर पिकाडली चौक से होते हुए यह पंजाब को चला जाता है। मध्य मार्ग इकलौता स्टेट हाईवे बचा है। नई अधिसूचना के तहत सिर्फ मध्य मार्ग को ही स्टेट हाईवे रखा गया है। बाकी सभी मार्गों को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड में बदल दिया गया है। इससे पहले 2005 की अधिसूचना में वी-1, वी-2 वी-3 सड़कों को स्टेट हाईवे का दर्जा दिया गया था। उस समय प्रशासन ने यह सभी मुख्य सड़कें नगर निगम को नहीं देने के लिए इन्हें स्टेट हाईवे का दर्जा दिया था।
लेकिन दिसंबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्टेट और नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे से शराब के ठेके हटाने के आदेश दिए थे। इस कारण चंडीगढ़ के करीब 80 शराब के ठेकों पर बंद होने की तलवार लटक गई थी। ठेके बंद होने से करोड़ों रुपये का रेवेन्यू भी हाथ से चला जाता।
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इस रेवेन्यू की वजह से ही प्रशासन ने स्टेट हाईवे की अधिसूचना को रद्द करने का फैसला लिया। यह फैसला लेने में प्रशासन को करीब 25 दिन लग गए। पूरे मामले पर इंजीनियरिंग, एक्साइज और आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने अधिसूचना रद्द करने की रिपोर्ट एडवाइजर को दी थी। इसी रिपोर्ट की प्रजेंटेशन प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के सामने हुई। कानूनी पचड़ों से बचने के लिए मामले पर कानूनी राय भी ली गई। एलआर ने भी कानूनी राय में अधिसूचना रद्द करने को हरी झंडी दे दी। फिर फाइनल तौर पर प्रशासक की मंजूरी के बाद अधिसूचना को रद्द कर दिया गया। वहीं, प्रशासन ने साफ किया है इन सड़कों की मरम्मत पहले की तरह ही की जाएगी। नगर निगम के अंडर में आने वाली सड़कों की वह मरम्मत निगम करेगा, जबकि प्रशासन के अंडर में आने वाली सड़कों की देखरेख प्रशासन ही करेगी।
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जो हाईवे बचे हैं इनमें भी दक्षिण मार्ग पहले से ही नेशनल हाईवे है। ट्रिब्यून चौक और फिर पिकाडली चौक से होते हुए यह पंजाब को चला जाता है। मध्य मार्ग इकलौता स्टेट हाईवे बचा है। नई अधिसूचना के तहत सिर्फ मध्य मार्ग को ही स्टेट हाईवे रखा गया है। बाकी सभी मार्गों को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड में बदल दिया गया है। इससे पहले 2005 की अधिसूचना में वी-1, वी-2 वी-3 सड़कों को स्टेट हाईवे का दर्जा दिया गया था। उस समय प्रशासन ने यह सभी मुख्य सड़कें नगर निगम को नहीं देने के लिए इन्हें स्टेट हाईवे का दर्जा दिया था।
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लेकिन दिसंबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्टेट और नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे से शराब के ठेके हटाने के आदेश दिए थे। इस कारण चंडीगढ़ के करीब 80 शराब के ठेकों पर बंद होने की तलवार लटक गई थी। ठेके बंद होने से करोड़ों रुपये का रेवेन्यू भी हाथ से चला जाता।
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इस रेवेन्यू की वजह से ही प्रशासन ने स्टेट हाईवे की अधिसूचना को रद्द करने का फैसला लिया। यह फैसला लेने में प्रशासन को करीब 25 दिन लग गए। पूरे मामले पर इंजीनियरिंग, एक्साइज और आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने अधिसूचना रद्द करने की रिपोर्ट एडवाइजर को दी थी। इसी रिपोर्ट की प्रजेंटेशन प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के सामने हुई। कानूनी पचड़ों से बचने के लिए मामले पर कानूनी राय भी ली गई। एलआर ने भी कानूनी राय में अधिसूचना रद्द करने को हरी झंडी दे दी। फिर फाइनल तौर पर प्रशासक की मंजूरी के बाद अधिसूचना को रद्द कर दिया गया। वहीं, प्रशासन ने साफ किया है इन सड़कों की मरम्मत पहले की तरह ही की जाएगी। नगर निगम के अंडर में आने वाली सड़कों की वह मरम्मत निगम करेगा, जबकि प्रशासन के अंडर में आने वाली सड़कों की देखरेख प्रशासन ही करेगी।
अभी भी 22 ठेके करने होंगे शिफ्ट
अभी भी 22 ठेके करने होंगे शिफ्ट
अधिसूचना रद्द करने के बाद भी प्रशासन के 22 शराब के ठेके वहां नहीं खुल सकेंगे जहां वह खुलते हैं। दक्षिण और मध्य मार्ग पर पड़ने वाले सभी ठेकों को बंद करना होगा। इन ठेकों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर भागा दौड़ शुरू हो गई है। इनमें से कुछ ठेके पेरीफेरी एरिया में शिफ्ट होंगे। वहीं कुछ के लिए शहर में ही जगह तलाशी जा रही है। चंडीगढ़ में इस समय 99 शराब के ठेके हैं।
होटल-रेस्टोरेंट में छलकते रहेंगे जाम
होटल, रेस्टोरेंट, डिस्को और बार में भी शराब सर्व होती रहेगी। हरियाणा की तर्ज पर चंडीगढ़ प्रशासन ने एल-4 और एल-5 फार्मूले को अपना लिया है। इसके तहत कोई भी शराब को बाहर खुले तौर पर बेच नहीं सकता। कस्टमर्स को सर्व कर सकता है। यानी बंद बोतल को बाहर नहीं लाया जा सकता। इनके प्रिमिसिस में ही शराब का सेवन किया जा सकता है। हरियाणा सरकार पहले ही इस नियम को अपना कर अपने होटल, रेस्टोरेंट और बार को छूट दे चुकी है। अब चंडीगढ़ ने भी इसे अपना कर होटल, रेस्टोरेंट और बार को बचा लिया है।
अब एक्साइज पॉलिसी पर काम शुरू
स्टेट हाईवे का मामला सुलझने के बाद अब प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी पर काम शुरू कर दिया है। 31 मार्च को पुरानी एक्साइज पॉलिसी खत्म हो जाएगी। एक अप्रैल से नई पॉलिसी लागू होनी है। ठेके भी दोबारा से अलॉट किए जाने हैं। पॉलिसी पर लोगों से सुझाव और शिकायतें भी पूछी जाती हैं। इसलिए सप्ताह भर में पॉलिसी फाइनल करनी होगी। ताकि 1 अप्रैल से इसे लागू किया जा सके।
मुख्य मार्गों पर हैं 80 ठेके
वी-1, वी-2, वी-3 और वी-7 कैटेगरी में शहर के सभी मुख्य मार्ग आ जाते हैं। जिनमें मध्य मार्ग, दक्षिण मार्ग, जनपथ, उद्यन पथ, विद्या पथ, उद्योग पथ, विज्ञान पथ और विकास मार्ग के साथ पूर्वी मार्ग भी आ जाता है। कुल 99 शराब के ठेकों में से 80 से अधिक इन्हीं मुख्य मार्गों पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश जारी किए हैं उसमें नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर के दायरे में शराब का ठेका नहीं हो सकता। दो मुख्य मार्गों के बीच बसे सेक्टर की चौड़ाई 800 मीटर है। ऐसे में सेक्टर के बीच में भी कहीं ठेका शिफ्ट नहीं हो सकता था।
अधिसूचना रद्द करने के बाद भी प्रशासन के 22 शराब के ठेके वहां नहीं खुल सकेंगे जहां वह खुलते हैं। दक्षिण और मध्य मार्ग पर पड़ने वाले सभी ठेकों को बंद करना होगा। इन ठेकों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर भागा दौड़ शुरू हो गई है। इनमें से कुछ ठेके पेरीफेरी एरिया में शिफ्ट होंगे। वहीं कुछ के लिए शहर में ही जगह तलाशी जा रही है। चंडीगढ़ में इस समय 99 शराब के ठेके हैं।
होटल-रेस्टोरेंट में छलकते रहेंगे जाम
होटल, रेस्टोरेंट, डिस्को और बार में भी शराब सर्व होती रहेगी। हरियाणा की तर्ज पर चंडीगढ़ प्रशासन ने एल-4 और एल-5 फार्मूले को अपना लिया है। इसके तहत कोई भी शराब को बाहर खुले तौर पर बेच नहीं सकता। कस्टमर्स को सर्व कर सकता है। यानी बंद बोतल को बाहर नहीं लाया जा सकता। इनके प्रिमिसिस में ही शराब का सेवन किया जा सकता है। हरियाणा सरकार पहले ही इस नियम को अपना कर अपने होटल, रेस्टोरेंट और बार को छूट दे चुकी है। अब चंडीगढ़ ने भी इसे अपना कर होटल, रेस्टोरेंट और बार को बचा लिया है।
अब एक्साइज पॉलिसी पर काम शुरू
स्टेट हाईवे का मामला सुलझने के बाद अब प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी पर काम शुरू कर दिया है। 31 मार्च को पुरानी एक्साइज पॉलिसी खत्म हो जाएगी। एक अप्रैल से नई पॉलिसी लागू होनी है। ठेके भी दोबारा से अलॉट किए जाने हैं। पॉलिसी पर लोगों से सुझाव और शिकायतें भी पूछी जाती हैं। इसलिए सप्ताह भर में पॉलिसी फाइनल करनी होगी। ताकि 1 अप्रैल से इसे लागू किया जा सके।
मुख्य मार्गों पर हैं 80 ठेके
वी-1, वी-2, वी-3 और वी-7 कैटेगरी में शहर के सभी मुख्य मार्ग आ जाते हैं। जिनमें मध्य मार्ग, दक्षिण मार्ग, जनपथ, उद्यन पथ, विद्या पथ, उद्योग पथ, विज्ञान पथ और विकास मार्ग के साथ पूर्वी मार्ग भी आ जाता है। कुल 99 शराब के ठेकों में से 80 से अधिक इन्हीं मुख्य मार्गों पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश जारी किए हैं उसमें नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर के दायरे में शराब का ठेका नहीं हो सकता। दो मुख्य मार्गों के बीच बसे सेक्टर की चौड़ाई 800 मीटर है। ऐसे में सेक्टर के बीच में भी कहीं ठेका शिफ्ट नहीं हो सकता था।