फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Notice in PGI staff rigged the clerk became superintendent

पीजीआई में धांधली कर क्लर्क से सुपरिंटेंडेंट बने कर्मचारियों को नोटिस

Sat, 10 Dec 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 10 Dec 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
Notice in PGI staff rigged the clerk became superintendent
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : demo pics
पीजीआई में आयोजित परीक्षा में धांधली के बाद क्लर्क से सुपरिंटेंडेंट बने कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीजीआई प्रशासन की ओर से उन्हें शो-काज नोटिस देकर दस दिन के भीतर जवाब दाखिल देने को कहा गया है। यह परीक्षा पिछले साल आयोजित की गई थी।
विज्ञापन


परीक्षा में बैठे क्लर्क को प्रमोट कर सुपरिंटेंडेंट  बना दिया गया था। उसके बाद आरोप लगे थे कि परीक्षार्थियों की कापी चेक किए बिना उन्हें जमकर नंबर दिए गए। जिन सवालों के जवाब नहीं लिखे, उनके भी नंबर दे दिए गए थे। इसके बाद विजिलेंस जांच की गई तो मामला उजागर हो गया। लेकिन आरोपियों को नहीं हटाया गया। फिर से शिकायत दी गई। हाईकोर्ट में केस डाला गया। फिर से पीजीआई ने डा. गाबा के नेतृत्व में एक कमेटी बनाकर पुनर्मूल्याकंन किया। उसमें भी धांधली सामने आई। अब जाकर करीब एक साल बाद सुपरिंटेंडेंट को शो-काज नोटिस दिया गया है। सुपरिंटेंडेंट की 11 पोस्ट थी।
विज्ञापन


अमर उजाला के हाथ लगी थी कापियां
अमर उजाला ने परीक्षार्थियों की कापियां भी हासिल की थीं। उसमें रोल नंबर 1003 के परीक्षार्थी को दूसरे पेपर के प्रश्न नंबर तीन पर 30 के बजाए 34 नंबर दिए गए। प्रश्न नंबर चार पर 18 नंबर के बजाए 19 नंबर दिए गए। रोल नंबर 1007 के परीक्षार्थी ने दूसरे पेपर के प्रश्न नंबर तीन को हल नहीं किया, इसके बावजूद उन्हें आठ नंबर दे दिए गए। रोल नंबर 1019 पहले पेपर का प्रश्न नंबर पांच नहीं किया, इसके बावजूद परीक्षार्थी को 15 नंबर दे दिए गए। रोल नंबर 1031 ने पहले पेपर का प्रश्न नंबर तीन नहीं किया, इस पर परीक्षार्थी को 12 नंबर दिए गए। रोल नंबर 1010 को दूसरे पेपर के प्रश्न नंबर तीन का उत्तर देने पर 32 के बजाए 34 नंबर दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विजिलेंस जांच में हुआ था मामला उजागर, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

Notice in PGI staff rigged the clerk became superintendent
चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल - फोटो : PTI
कांपी जांचने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं
विजिलेंस जांच सामने आने के बाद भी पीजीआई प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हैरत की बात यह है कि जिन एग्जामिनर ने कापी की जांच की तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अब पीजीआई प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि विजिलेंस रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने उसे पुनर्मूल्यांकन की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जांच में पहले ही सामने आ चुका था कि धांधली हुई। इसके बावजूद पीजीआई ने कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट का भी समय खराब किया। इस पूरे मामले में पीजीआई के पूर्व अधिकारी आरोपी हैं। मेरी मांग है कि पीजीआई उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करे। कापी जांचने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मेरी लड़ाई सिर्फ भ्रष्टाचारियों से है, न किसी शख्स से। -सुभाष चंदर, चेयरमैन एंटी करप्शन फ्रंट पीजीआई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed