नोट बंदी का कड़वा पहलू, खुले पैसे न मिलने पर बेटे ने चुनी मौत
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केंद्र के 500 और एक हजार रूपये के नोट बंद करने के बाद परेशान युवक ने सोमवार को रिसालू रोड पर नीम के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। युवक ने उससे पहले पिता से खुले पैसे मांगे थे, लेकिन पिता ने देने से इनकार कर दिया।
इससे नाराज होकर ही उसने आत्मघाती कदम उठाया। सूचना पर पहुंची थाना चांदनी बाग पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर सिविल अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया हैं।
अनिल (22) मूल निवासी कनवरमंकपुर, बदायूं का शव रिसालू रोड पर नीम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। अनिल रविवार शाम से ही घर से लापता था। अनिल के भाई सुनील ने बताया कि उसका भाई दो साल पहले सेक्टर-29 पार्ट टू स्थित फैक्ट्री में काम करने के लिए आया था।
युवक ने पिता से मांगे थे 500 रुपये खुले
अनिल फैक्ट्री में ही रहता था। शनिवार को उनके पिता त्रिवाणी अनिल के पास आए थे। अनिल ने रविवार को अपने पिता त्रिवाणी से 500 रुपये के खुले मांगे थे। अनिल के पास 500 रुपये का नोट था और वह खुले पैसों के लिए परेशान था।
पिता ने अनिल से कहा कि उसके पास खुले पैसे नहीं हैं। इससे पहले त्रिवाणी 300 रुपये अनिल को दे चुके थे। परिजनों के अनुसार पिता के इनकार से अनिल नाराज हो गया और रविवार शाम को घर से चला गया।
उन्होंने देर रात तक अनिल को तलाश किया, लेकिन उसका पता नहीं चला। सोमवार सुबह उन्हें अनिल का शव रिसालू रोड पर नीम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत चांदनी बाग थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद एसएचओ जसपाल सिंह मौके पर पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक युवक शनिवार को नाराज होकर घर से चला गया था। युवक ने रिसालू रोड पर नीम के पेड़ पर फंदा लगाकर जान दी। सूचना मिलने पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में भिजवा दिया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।- जसपाल सिंह, प्रभारी थाना चांदनी बाग