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चंडीगढ़ियों को झटका, मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलाव पर नहीं मिली राहत
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चंडीगढ़। सीएचबी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में दिल्ली की तर्ज पर मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलाव (नीड बेस चेंज) के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी नहीं दी गई। इससे शहरवासियों को झटका लगा है। ऐसे में हजारों लोगों के घरों पर एक बार फिर मकान टूटने की तलवार लटक गई है।
वर्षों बाद इस मुद्दे पर बोर्ड की बैठक में चर्चा होनी थी। लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सीएचबी के चेयरमैन व प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने इस मामले पर सचिव की अध्यक्षता में एक नई कमेटी गठित कर दी, जो बोर्ड के सदस्यों, आरडब्ल्यूए व फेडरेशन के सदस्यों के साथ नए सिरे से चर्चा करेगी और समाधान का रास्ता तलाशेगी, जिसे बाद में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लाया जाएगा।
इस कमेटी में प्रशासन के अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। सीएचबी ने जरूरत के मुताबिक बदलाव लागू किया हुआ है, लेकिन आवंटी इस राहत से संतुष्ट नहीं हैं और दिल्ली की तर्ज पर इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं। बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक ने बताया कि बैठक में दिल्ली की तर्ज पर जरूरत के मुताबिक बदलाव को शहर में लागू करने पर काफी चर्चा हुई, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके बाद ही उन्होंने इसे लेकर छह मांगें रखीं, जिसके बाद काफी हद तक लोगों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार हट जाएगी।
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प्रेम कौशिक की छह मांगें, जिन पर विचार के लिए कमेटी गठित
- छोटे घरों में दी जाए कैंटिलीवर बनाने की सुविधा
- ग्राउंड फ्लोर पर किचन बनाने के लिए साथ लगती जगह पर अतिरिक्त जमीन आवंटित की जाए
- स्वतंत्र छोटे मकानों के लिए सीढ़ियां बनाने की मंजूरी दी जाए
- स्वतंत्र छोटे मकानों के लिए अतिरिक्त फ्लोर बनाने की छूट दी जाए
- वॉल टू वॉल बॉलकनी की अनुमति मिले
- साइज के हिसाब से बैकयार्ड में अतिरिक्त कमरा बनाने की छूट मिले
जिनके मकान रद्द, उन्हें 31 दिसंबर तक का दिया समय
सीएचबी ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में जिन आवंटियों के मकानों का आवंटन रद्द किया है, उनके आवंटियों को अब 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। ऐसे आवंटियों को दो शर्तें पूरी करनी होंगी। एक तो उन्हें 31 दिसंबर 2021 तक अवैध निर्माण तोड़ना होगा और दूसरा तय शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके अलावा बोर्ड ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अधिकतम राशि को 50 हजार बढ़ाकर एक लाख रुपये वार्षिक कर दिया है। बैठक में सीएचबी के स्टाफ क्वाटर्स की यूटी प्रशासन की तर्ज पर नवीकरण करवाने पर भी फैसला लिया गया है।
सीएचबी में क्लर्क के40 पदों पर होगी सीधी भर्ती
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बैठक में क्लर्क के 40 पदों को भरने का भी फैसला लिया गया। हालांकि एजेंडे के अनुसार, सीएचबी में क्लर्क के 72 पद खाली हैं। इनमें से 6 पद पदोन्नति से भरे जाएंगे और इसके बाद बचे 66 पदों पर सीधी भर्ती की जानी है लेकिन बैठक में फिलहाल 40 पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई है।
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वर्षों बाद इस मुद्दे पर बोर्ड की बैठक में चर्चा होनी थी। लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सीएचबी के चेयरमैन व प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने इस मामले पर सचिव की अध्यक्षता में एक नई कमेटी गठित कर दी, जो बोर्ड के सदस्यों, आरडब्ल्यूए व फेडरेशन के सदस्यों के साथ नए सिरे से चर्चा करेगी और समाधान का रास्ता तलाशेगी, जिसे बाद में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लाया जाएगा।
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इस कमेटी में प्रशासन के अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। सीएचबी ने जरूरत के मुताबिक बदलाव लागू किया हुआ है, लेकिन आवंटी इस राहत से संतुष्ट नहीं हैं और दिल्ली की तर्ज पर इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं। बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक ने बताया कि बैठक में दिल्ली की तर्ज पर जरूरत के मुताबिक बदलाव को शहर में लागू करने पर काफी चर्चा हुई, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके बाद ही उन्होंने इसे लेकर छह मांगें रखीं, जिसके बाद काफी हद तक लोगों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार हट जाएगी।
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प्रेम कौशिक की छह मांगें, जिन पर विचार के लिए कमेटी गठित
- छोटे घरों में दी जाए कैंटिलीवर बनाने की सुविधा
- ग्राउंड फ्लोर पर किचन बनाने के लिए साथ लगती जगह पर अतिरिक्त जमीन आवंटित की जाए
- स्वतंत्र छोटे मकानों के लिए सीढ़ियां बनाने की मंजूरी दी जाए
- स्वतंत्र छोटे मकानों के लिए अतिरिक्त फ्लोर बनाने की छूट दी जाए
- वॉल टू वॉल बॉलकनी की अनुमति मिले
- साइज के हिसाब से बैकयार्ड में अतिरिक्त कमरा बनाने की छूट मिले
जिनके मकान रद्द, उन्हें 31 दिसंबर तक का दिया समय
सीएचबी ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में जिन आवंटियों के मकानों का आवंटन रद्द किया है, उनके आवंटियों को अब 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। ऐसे आवंटियों को दो शर्तें पूरी करनी होंगी। एक तो उन्हें 31 दिसंबर 2021 तक अवैध निर्माण तोड़ना होगा और दूसरा तय शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके अलावा बोर्ड ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति की अधिकतम राशि को 50 हजार बढ़ाकर एक लाख रुपये वार्षिक कर दिया है। बैठक में सीएचबी के स्टाफ क्वाटर्स की यूटी प्रशासन की तर्ज पर नवीकरण करवाने पर भी फैसला लिया गया है।
सीएचबी में क्लर्क के40 पदों पर होगी सीधी भर्ती
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बैठक में क्लर्क के 40 पदों को भरने का भी फैसला लिया गया। हालांकि एजेंडे के अनुसार, सीएचबी में क्लर्क के 72 पद खाली हैं। इनमें से 6 पद पदोन्नति से भरे जाएंगे और इसके बाद बचे 66 पदों पर सीधी भर्ती की जानी है लेकिन बैठक में फिलहाल 40 पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई है।