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राहतः अब नहीं जाना पड़ेगा PGI, अस्पतालों में ही मिल जाएंगी ये दो बड़ी सुविधाएं
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 21 Feb 2017 09:20 AM IST
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लोगों को अब पीजीआई जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि जिला अस्पतालों में ही लोगों को दो बड़ी सुविधाएं मिल जाएंगी, वो भी काफी सस्ती कीमतों में। जाब में पहली बार सेहत विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। जिसके तहत 17 अस्पतालों में रेडियोलॉजिकल डायग्नॉस्टिक सेंटर (आरडीसी) स्थापित किए जाएंगे। पीपीपी मोड में निजी कंपनियों को मशीनें लगाने से लेकर संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
ऐसा होने से एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाएं जिला अस्पतालों में ही सस्ते रेट पर मिल सकेंगी। एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए अभी पंजाब के लोग निजी लैब पर ही निर्भर हैं। जहां पर जांच का खर्च बहुत ज्यादा आता है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन ने पहली बार टर्शियरी लेवल की जांच सुविधाएं अपने सेकेंडरी लेवल के जिला अस्पतालों में उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। जिसके लिए राज्य के 17 जिला अस्पतालों का चयन किया गया है।
इनमें आरडीसी स्थापित किए जाएंगे। कुछ अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन दोनों होंगे, कुछ में सीटी और एक अस्पताल में सिर्फ एमआरआई मशीन लगाई जाएगी। इनके लिए चार हजार वर्ग फुट से ज्यादा जगह विभाग मुहैया कराएगा। मशीनें कंपनी लगाएगी और उसे आठ साल तक सेंटर के संचालन का जिम्मा दिया जाएगा।
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ऐसा होने से एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाएं जिला अस्पतालों में ही सस्ते रेट पर मिल सकेंगी। एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए अभी पंजाब के लोग निजी लैब पर ही निर्भर हैं। जहां पर जांच का खर्च बहुत ज्यादा आता है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन ने पहली बार टर्शियरी लेवल की जांच सुविधाएं अपने सेकेंडरी लेवल के जिला अस्पतालों में उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। जिसके लिए राज्य के 17 जिला अस्पतालों का चयन किया गया है।
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इनमें आरडीसी स्थापित किए जाएंगे। कुछ अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन दोनों होंगे, कुछ में सीटी और एक अस्पताल में सिर्फ एमआरआई मशीन लगाई जाएगी। इनके लिए चार हजार वर्ग फुट से ज्यादा जगह विभाग मुहैया कराएगा। मशीनें कंपनी लगाएगी और उसे आठ साल तक सेंटर के संचालन का जिम्मा दिया जाएगा।
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पीजीआई से भी कम रेट तय किया गया है
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सबसे अहम बात यह है कि सेहत विभाग ने जांच की फीस पीजीआई से भी कम निर्धारित की है। इसके साथ ही यह शर्त भी रखी है कि सिर्फ उस जिला अस्पताल के मरीजों ही नहीं, बल्कि पूरे शहर से आने वाले मरीजों को उसी रेट पर जांच सुविधा देनी होगी। कंपनी को बारह घंटे में जांच रिपोर्ट देनी होगी और जांच सुविधा 24 घंटे देनी पड़ेगी।
सरकारी नीति के मुताबिक गरीबों को मुफ्त जांच सुविधा भी देनी होगी, जिसके लिए अस्पताल कंपनी को भुगतान करेंगे। मेडिको लीगल केसों का रिकॉर्ड रखना होगा। पीएचएससी के डायरेक्टर फाइनांस विपिन शर्मा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडरिंग की गई थी। जो कंपनियां आईं, उन्हें कुछ शर्तों पर ऐतराज था, कुछ उनकी मांगेें थीं। अब जल्द ही नए सिरे से टेंडरिंग की जाएगी। लोगों को पीजीआई से भी कम रेट पर जांच सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
टैली-रेडियोलॉजी से मिलेगी सलाह
सेहत विभाग ने योजना बनाई है कि आरडीसी में जांच के बाद माहिर डॉक्टरों की सलाह टैली-रेडियोलॉजी के जरिए दी जाएगी। इस समय विभाग ने जालंधर और फाजिल्का में यह सुविधा दी है। निजी कंपनी भी किसी एक सेंटर पर अपने विशेषज्ञ नियुक्त करेगी। जोकि पूरे पंजाब के अस्पतालों से टैली-रेडियोलॉजी के जरिेए जुड़ेंगे और उनके मरीजों को सलाह देंगे।
सरकारी नीति के मुताबिक गरीबों को मुफ्त जांच सुविधा भी देनी होगी, जिसके लिए अस्पताल कंपनी को भुगतान करेंगे। मेडिको लीगल केसों का रिकॉर्ड रखना होगा। पीएचएससी के डायरेक्टर फाइनांस विपिन शर्मा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडरिंग की गई थी। जो कंपनियां आईं, उन्हें कुछ शर्तों पर ऐतराज था, कुछ उनकी मांगेें थीं। अब जल्द ही नए सिरे से टेंडरिंग की जाएगी। लोगों को पीजीआई से भी कम रेट पर जांच सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
टैली-रेडियोलॉजी से मिलेगी सलाह
सेहत विभाग ने योजना बनाई है कि आरडीसी में जांच के बाद माहिर डॉक्टरों की सलाह टैली-रेडियोलॉजी के जरिए दी जाएगी। इस समय विभाग ने जालंधर और फाजिल्का में यह सुविधा दी है। निजी कंपनी भी किसी एक सेंटर पर अपने विशेषज्ञ नियुक्त करेगी। जोकि पूरे पंजाब के अस्पतालों से टैली-रेडियोलॉजी के जरिेए जुड़ेंगे और उनके मरीजों को सलाह देंगे।
इन अस्पतालों में मिलेगी जांच सुविधा
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अमृतसर, पठानकोट, कपूरथला, बरनाला, बठिंडा, फिरोजपुर, मानसा, मोगा, लुधियाना, होशियारपुर, मोहाली, पटियाला, नवांशहर, गुरदासपुर, रोपड़ में एमआरआई और सीटी स्कैन दोनों होंगी। जालंधर में एमआरआई मशीन लगाई जाएगी। जबकि, मुक्तसर, फतेहगढ़ साहिब और तरनतारन में सिर्फ सीटी स्कैन की सुुविधा दी जाएगी।
कई मॉडल स्टडी कर रहा है विभाग
सेहत विभाग इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए कई मॉडल स्टडी कर रहा है। जिनमें पड़ोसी राज्य हरियाणा का मॉडल भी है। हरियाणा ने अंबाला, फरीदाबा जैसे बड़े शहरों में यह सुविधा दी है। विभाग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु मॉडल भी स्टडी कर रहा है।
कई मॉडल स्टडी कर रहा है विभाग
सेहत विभाग इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए कई मॉडल स्टडी कर रहा है। जिनमें पड़ोसी राज्य हरियाणा का मॉडल भी है। हरियाणा ने अंबाला, फरीदाबा जैसे बड़े शहरों में यह सुविधा दी है। विभाग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु मॉडल भी स्टडी कर रहा है।