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रवनीत बिट्टू का आरोप: भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब से कोई सदस्य नहीं, केंद्र करना चाहता है कब्जा

Wed, 28 Sep 2022 10:40 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 28 Sep 2022 10:40 AM IST
सार

बिट़्टू ने आम आदमी पार्टी के विश्वास प्रस्ताव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विश्वास प्रस्ताव लाने की किसी भी दल ने मांग नहीं की थी फिर यह सब ड्रामा करने की जरूरत क्या थी। उन्होंने कहा कि असल में आप जिस ऑपरेशन लोटस की बात कर रही है, वह अरविंद केजरीवाल की चाल है।

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No member from Punjab in Bhakra Beas Management Board says Ravneet Singh
प्रेसवार्ता करते सांसद रवनीत सिंह बिट्टू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्र सरकार पर भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड पर कब्जा कर पंजाब के अधिकारों को खत्म करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब के सदस्य को रिटायर हुए दो माह बीत गए हैं लेकिन केंद्र ने बोर्ड में अब तक पंजाब से किसी सदस्य को नहीं लिया है। फिलहाल बोर्ड में इस समय केंद्र के अधिकारी बतौर चेयरमैन तैनात हैं। 

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उन्होंने कहा कि बोर्ड में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली से सदस्य लिए जाते है। इनका काम है कि किस राज्य की नहरों को कितना पानी व बिजली देनी है लेकिन केंद्र ने साजिश के तहत पंजाब से बोर्ड में किसी को भी सदस्य नहीं लिया है। चूंकि हरियाणा में भाजपा की सरकार है। इसलिए हरियाणा से कोई सदस्य जानबूझ कर नहीं लिया गया है। ऐसे में आवाज बुलंद करने वाला कोई नहीं है। केंद्र मनमानी कर रहा है। 
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बोर्ड पर पंजाब का पूर्ण अधिकार, छीनने नहीं देंगे
उन्होंने कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब का पूर्ण अधिकार है। इसे हम छीनने नहीं देंगे। बिट्टू ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार को पंजाब के हक की पहवाह नहीं है। वह आंखें मूंदे बैठी है। पंजाब सरकार को चाहिए कि वह केंद्र के पास यह मुद्दा रखे और पंजाब से सदस्य की नियुक्ति कराए। यही नहीं इस मुद्दे को विधानसभा में रखे। ताकि सबको पता चले। मुद्दा बहुत गंभीर है। पंजाब सरकार इस पर जल्द फैसला ले। उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर केंद्र तक बात पहुंचाए।

ऑपरेशन लोटस केजरीवाल की चाल
बिट़्टू ने आम आदमी पार्टी के विश्वास प्रस्ताव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विश्वास प्रस्ताव लाने की किसी भी दल ने मांग नहीं की थी फिर यह सब ड्रामा करने की जरूरत क्या थी। उन्होंने कहा कि असल में आप जिस ऑपरेशन लोटस की बात कर रही है, वह अरविंद केजरीवाल की चाल है। अगर आप के विधायक कह रहे कि भाजपा ने उनके विधायकों को पैसे देकर तोड़ने की कोशिश की तो आप के विधायक ये क्यों नहीं बताते कि किस नंबर से फोन आया, फोन करने वाले का क्या नाम है। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की जांच भी बैठा दी है तो रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं करती। असल में सरकार वादों पर खरा नहीं उतर पा रही है। आप सरकार आबकारी और खनन नीति पर घिर गई है। दिल्ली की तरह पंजाब में भी आबकारी नीति में भ्रष्टाचार की बातें सामने आ रही हैं तो वहीं अवैध खनन भी हो रहा है। प्रदेश में रेत महंगा बिक रहा है। सीएम मान चुप है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि ईडी के चक्कर में वे फंसे।   

बस माफिया को कांग्रेस ने की खत्म करने की कोशिश
बिट्टू ने कहा कि पंजाब में बस माफिया को पूर्व कांग्रेस सरकार ने खत्म करने की कोशिश की। आरोप लगाया कि बादल की बसें सभी रूटों और एयरपोर्ट पर जा रही हैं। दावा किया कि सभी रूटों की टाइमिंग में बादल की बसों को पहल दी जा रही है। ऐसा क्यों इसकी जांच होनी चाहिए। 

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शिअद का साथ दे रही आप
बिट़्टू ने शिअद नेता बिक्रम मजीठिया की रिहाई पर आप सरकार को घेरा। आरोप लगाया कि बिक्रम मजीठिया आप सरकार की मदद से जेल से बाहर आए हैं। आरोप लगाया कि आप सरकार ने कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की। इसका उन्हें फायदा मिला वे छूट गए। उन्होंने कहा कि आप पार्टी अकाली दल का साथ दे रही है। उन्होंने कहा कि बड़े बादल चुप बैठे है, वे कुछ नहीं बोल रहे।

अकाली दल पर भी साधा निशाना
एसजीपीसी के मुद्दे पर कहा कि जब प्रदेशों में अलग-अलग कमेटियां है तो पंजाब में क्यों नहीं। बंदी सिखों की रिहाई पर कहा कि पंजाब में 10 साल अकाली दल की सरकार रही। हरसिमरत व सुखबीर बादल केंद्र में सांसद व मंत्री रहे, तब उन्हें क्यों नहीं रिहा करवाया। असल में अकाली दल पंजाब में कमजोर हो गया। इसलिए वे बंदी सिखों का मुद्दा उठाकर सिखों जनाधार बनाए रखना चाहते है लेकिन लोग समझ गए है कि वे कोरी राजनीति कर रहे है।

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