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हरियाणा सरकार का फैसला: सचिवालयों, विभागों व मुख्यालयों में मंगलवार को नो मीटिंग डे, जनता से मिलेंगे अधिकारी
Sun, 23 Oct 2022 10:40 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 23 Oct 2022 10:40 AM IST
सार
सभी विभागों के मुख्यालयों व हरियाणा सिविल सचिवालयों में स्थित कार्यालयों में अधिकारी मंगलवार को पूरा समय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जनता को देंगे। विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेषकर शुक्रवार को फील्ड में जाकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने के साथ ही जमीनी स्तर पर मुद्दों को समझें।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
हरियाणा के चंडीगढ़ स्थित सचिवालयों, मुख्यालयों और पंचकूला में स्थित विभागों के दफ्तरों में मंगलवार को अब कोई बैठक नहीं होंगी। मनोहर लाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हर मंगलवार को ‘नो मीटिंग डे’ घोषित किया है। विभागाध्यक्षों को हर शुक्रवार को फील्ड का दौरा करना होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय ने राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडल आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और जिला उपायुक्तों को पत्र जारी कर दिया।
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सभी विभागों के मुख्यालयों व हरियाणा सिविल सचिवालयों में स्थित कार्यालयों में अधिकारी मंगलवार को पूरा समय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जनता को देंगे। विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विशेषकर शुक्रवार को फील्ड में जाकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने के साथ ही जमीनी स्तर पर मुद्दों को समझें।
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अभी जनप्रतिनिधियों, जनता को सचिवालय व मुख्यालय के अधिकारियों के साथ मिलने के लिए कोई दिन निर्धारित नहीं था। अफसरों के साथ जनप्रतिनिधि तो कभी भी मिल सकते थे लेकिन लोगों के लिए प्रतिदिन 11 से 12 बजे तक ही मिलने का समय तय था। लोगों के लिए एक घंटे का समय कम पड़ता था, जबकि अफसरों की बैठकें होने के कारण जनप्रतिनिधि भी अनेक बार उच्च अधिकारियो से काम के लिए नहीं मिल पाते थे। सरकार के पास इसकी शिकायतें पहुंची थीं, जिसे देखते हुए अब पूरा एक दिन मुलाकात के लिए रखा गया है।
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बीते दिनों विधायकों ने उठाया था मुद्दा
बीते दिनों चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री निवास पर हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में अनेक विधायकों ने मंत्रियों के न मिलने का मुद्दा उठाया था, जिस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तुरंत मंगलवार और बुधवार को सभी मंत्रियों को सचिवालय स्थित अपने कार्यालयों में बैठने के निर्देश जारी कर दिए थे। अब अगले सप्ताह से यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर कितने मंत्री अमल करते हैं।