महंगाई की मार: पंजाब में दो साल से मध्याह्न भोजन योजना की लागत में नहीं हुई वृद्धि, दाम बढ़े 40 फीसदी
बढ़ती महंगाई को देखते हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत हाल ही में मध्याह्न भोजन योजना सहित सभी प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए समीक्षा बैठक की थी।
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पंजाब में स्कूलों की रसोई महंगाई की मार झेल रही है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि दो साल से मध्याह्न भोजन योजना की लागत में भी कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि खाद्य सामग्री के दामों में पिछले दो साल में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है। स्कूलों में योजना के तहत खाना पकाने की लागत में पंजाब की तत्कालीन सरकार ने 15 मई, 2020 को वृद्धि की थी।
रिफाइंड तेल, बेसन, दाल और मसालों की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद, प्रति छात्र मध्याह्न भोजन की खाना पकाने की लागत को पिछले दो वर्षों से संशोधित नहीं किया गया है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत हाल ही में मध्याह्न भोजन योजना सहित सभी प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए समीक्षा बैठक की थी।
विशेष रूप से सभी सरकारी स्कूलों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों को मध्याह्न भोजन प्रदान किया जाता है। साथ ही प्री-प्राइमरी कक्षाओं के छात्रों को भी बिना सरकारी धन के भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। खाना पकाने की लागत पिछली बार 15 मई, 2020 को संशोधित की गई थी। स्कूलों के शिक्षकों ने कहा कि किराने का सामान और सब्जियों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन विभाग ने प्रति छात्र मध्याह्न भोजन की खाना पकाने की लागत में वृद्धि नहीं की गई है। कुछ शिक्षकों ने बताया कि अब नई गठित राज्य सरकार से इस मामले में कार्रवाई की उम्मीद है।
वर्तमान में दी जा रही कीमतें
प्राथमिक कक्षाओं के लिए दो साल पहले 4.48 रुपये प्रति छात्र मूल्य दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 4.97 रुपये कर दिया गया था। उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए 6.71 से 7.45 रुपये प्रति छात्र कर दिया गया था। केंद्र और राज्य सरकारें इस योजना को 60:40 के अनुपात में निधि देती हैं।
40 प्रतिशत महंगी खाद्य वस्तुएं
दो साल में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 40 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक हमें इस मामले की कोई शिकायत लिखित रूप में प्राप्त नहीं हुई है। फिर भी प्रति छात्र मध्याह्न भोजन योजना को लेकर विभाग की ओर से सरकार को अवगत कराया जाएगा।