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फ्लैट अलॉटमेंटः इंस्पेक्टरों पर कार्रवाई नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 24 Apr 2014 10:31 AM IST
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सेक्टर-48 स्थित यूनिवर्सल एंक्लेव में यूटी प्रशासन के कोऑपरेटिव सोसाइटी विभाग के दो इंस्पेक्टरों ने मिलीभगत कर एक फ्लैट के अलॉटमेंट में गड़बड़ी की। इसकी जांच हुई तो फ्लैट तो सही अलॉटी को मिल गया। लेकिन, इन दोनों ही इंस्पेक्टरों के खिलाफ डेढ़ साल पहले मामला दर्ज होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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जांच रिपोर्ट में भी दोनों इंस्पेक्टरों अमरजीत सिंह और उधम सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने को कहा गया था। लेकिन, अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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हरसिमरन कौर सेक्टर-21 यूनिवर्सल कोऑपरेटिव हाउस, बिल्डिंग फर्स्ट सोसाइटी की सदस्य थीं। 2003 में उन्होंने अपनी सदस्यता और शेयर सरेंडर किया और उन्हें उनकी अर्नेस्ट मनी भी वापस कर दी गई। इसके बाद सोसाइटी का सदस्य बनने के लिए इच्छुक लोगों से आवेदन मंगवाए गए।
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इसके आधार पर विंग कमांडर स्वर्गीय आरआर शर्मा को सोसाइटी का वैकल्पिक सदस्य बनाया गया। शर्मा ने पत्नी सरोज शर्मा को नॉमिनी बनाया था। शर्मा और उनकी पत्नी ने सोसाइटी के पास 13.82 लाख रुपये जमा कराए।
नवंबर, 2004 में शर्मा के निधन के बाद सोसाइटी की मैनेजमेंट ने यह फ्लैट सरोज शर्मा के नाम पर ट्रांसफर कर दिया। वर्ष में 2008 सरोज शर्मा को इस फ्लैट (नंबर 1176) का पजेशन दे दिया गया।
बैक डेट में तैयार किया जाली पत्र
इस दौरान रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी ने वैकल्पिक मामलों के लिए इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह और उधम सिंह को सोसाइटी का प्रशासक नियुक्त किया। इस दौरान हरसिमरन कौर ने प्रशासक को पत्र भेजकर लिखा कि उन्होंने फ्लैट सरेंडर नहीं किया है।
हालांकि कौर ए कैटेगरी के फ्लैट के लिए योग्य थीं लेकिन उन्हें बी कैटेगरी का वही फ्लैट (1176) अलॉट कर दिया गया जो कि सरोज शर्मा को अलॉट हो चुका था।
हरसिमरन कौर पर यह आरोप लगा कि उन्होंने अपने पिता कुलवंत सिंह और सोसाइटी के प्रशासकों के साथ मिलकर सोसाइटी के रिकार्ड में छेड़छाड़ की और कौर का फ्लैट रिकार्ड में जाली दस्तावेजों के आधार पर बदल दिया। बैक डेट में जाली पत्र तैयार किया गया, जबकि नियम यह था कि किसी भी सदस्य की कैटेगरी नहीं बदल सकती।
ताला तोड़ कर किया था कब्जा
प्रशासकों अमरजीत सिंह और उधम सिंह की ओर से जारी अलॉटमेंट लैटर के अनुसार फ्लैट नंबर 1176 हरसिमरन कौर के नाम अलॉट था जबकि सोसाइटी की प्रबंधन समिति ने यह फ्लैट सरोज शर्मा को अलॉट किया था।
जनवरी, 2009 में दोनों इंस्पेक्टरों ने हरसिमरन कौर और उनके पिता कुलवंत सिंह के साथ मिलकर फ्लैट नंबर 1176 का ताला तोड़ दिया जो कि सरोज शर्मा ने लगाया था और जबरदस्ती फ्लैट का कब्जा ले लिया।
सरोज शर्मा के शिकायत करने पर इस पूरे मामले की जांच तत्कालीन उपायुक्त ने कराई और इस जांच के आधार पर हरसिमरन कौर के नाम पर हुई फ्लैट की अलॉटमेंट को रद किया गया और फ्लैट का पोजेशन सरोज शर्मा को दे दी गई।
इसी रिपोर्ट में इंस्पेक्टर उधम सिंह और अमरजीत सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने को भी कहा गया था। अगस्त, 2012 में सरोज शर्मा ने हरसिमरन कौर, कुलवंत सिंह और दोनों इंस्पेक्टरों के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया था।
विभाग की ओर से इस मामले में दोनों इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिख कर दे दिया था। आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी थी। कार्रवाई क्यों नहीं हुई इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता।
-बलबीर सिंह डोल, ज्वाइंट रजिस्ट्रार, कोऑपरेटिव सोसाइटीज