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चौथे दिन भी नहीं मिला बच्चा, सेना से मांगी मदद
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Tue, 09 Sep 2014 12:15 AM IST
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राजौंद। गांव किठाना में कुएं में फेंके गए तीन वर्षीय मासूम का घटना के चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया। गांव के लोगों ने डीसी से मिलकर सहायता की मांग की, जिस पर डीसी ने सेना के एरिया कमांडर को इस मामले में मदद के लिए पत्र लिखा है।
विदित रहे कि गांव किठाना में एक महिला ने अपने तीन वर्षीय बेटे को कुएं में फेंक दिया था। इसके बाद वह अपने दूसरे बेटे के साथ खुद भी कुएं में कूद गई थी। लोगों ने महिला एवं उसके बड़े बेटे को तो ग्रामीणों ने बचा लिया था, लेकिन तीन वर्ष मासूम के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। लगातार तीन दिनों से पुलिस, प्रशासन, गांव वासी एवं कुरुक्षेत्र से आए गोताखोर बच्चे को ढूंढने में लगे हैं।
लेकिन उसके बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया। गोताखोर कुएं की तलहटी तक बच्चे को खोज चुके हैं। कुंआ पुराना होने के कारण इसमें मिट्टी धंसने का भी खतरा बना हुआ है।
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वहीं ग्रामीणाें का एक दल बच्चे को निकालने में मदद की मांग को लेकर डीसी से मिला। इस बारे सोमवार को जिला उपायुक्त को मिलने गए गांव की सरपंच के बेटे कृष्ण कुमार के साथ पूरी ग्राम पंचायत, महासिंह, रामपाल, राममेहर, मेवा राम, भाग सिंह, फकीर चंद, प्रीताें, पाला, सत्यनारायण, जिया लाल नंबरदार, राजेश कुमार, फूल कुमार ने बताया कि बच्चों को कुएं से निकालने को लेकर गांव किठाना से गणमान्य व्यक्तियों का एक दल जिला उपायुक्त को मिला।
जिला उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही वह इस बारे में नया हल निकालकर बच्चाें को कुएं से निकालने का प्रयास करेंगे। डीसी ने सेना कमांडर को पत्र लिखकर मदद के लिए आग्रह किया है। उम्मीद है कि सेना शीघ्र गांव में पहुंच कर बच्चे की तलाश आरंभ करेगी।
उधर चौथे दिन भी कुएं पर पुलिस के जवान मौजूद रहे। राजौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि उन्हाेंने बच्चे को कुएं से निकालने के लिए आर्मी को लिखा है। जैसे आर्मी या जिला प्रशासन की तरफ से सुझाव मिलते हैं उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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विदित रहे कि गांव किठाना में एक महिला ने अपने तीन वर्षीय बेटे को कुएं में फेंक दिया था। इसके बाद वह अपने दूसरे बेटे के साथ खुद भी कुएं में कूद गई थी। लोगों ने महिला एवं उसके बड़े बेटे को तो ग्रामीणों ने बचा लिया था, लेकिन तीन वर्ष मासूम के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। लगातार तीन दिनों से पुलिस, प्रशासन, गांव वासी एवं कुरुक्षेत्र से आए गोताखोर बच्चे को ढूंढने में लगे हैं।
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लेकिन उसके बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया। गोताखोर कुएं की तलहटी तक बच्चे को खोज चुके हैं। कुंआ पुराना होने के कारण इसमें मिट्टी धंसने का भी खतरा बना हुआ है।
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वहीं ग्रामीणाें का एक दल बच्चे को निकालने में मदद की मांग को लेकर डीसी से मिला। इस बारे सोमवार को जिला उपायुक्त को मिलने गए गांव की सरपंच के बेटे कृष्ण कुमार के साथ पूरी ग्राम पंचायत, महासिंह, रामपाल, राममेहर, मेवा राम, भाग सिंह, फकीर चंद, प्रीताें, पाला, सत्यनारायण, जिया लाल नंबरदार, राजेश कुमार, फूल कुमार ने बताया कि बच्चों को कुएं से निकालने को लेकर गांव किठाना से गणमान्य व्यक्तियों का एक दल जिला उपायुक्त को मिला।
जिला उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही वह इस बारे में नया हल निकालकर बच्चाें को कुएं से निकालने का प्रयास करेंगे। डीसी ने सेना कमांडर को पत्र लिखकर मदद के लिए आग्रह किया है। उम्मीद है कि सेना शीघ्र गांव में पहुंच कर बच्चे की तलाश आरंभ करेगी।
उधर चौथे दिन भी कुएं पर पुलिस के जवान मौजूद रहे। राजौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि उन्हाेंने बच्चे को कुएं से निकालने के लिए आर्मी को लिखा है। जैसे आर्मी या जिला प्रशासन की तरफ से सुझाव मिलते हैं उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।