Punjab: गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए बनेगा डीलक्स दर्शन स्थल, बिना पासपोर्ट हो सकेंगे दर्शन
यह दर्शन स्थल लैंड पोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया की ओर से बनाया जाएगा। जिसके लिए बाकायदा टेंडर जारी कर आवेदनों की मांग की गई है। इस स्थल को बनाने के लिए आरक्षित कीमत 3 करोड़ 22 लाख रुपये रखी गई है।
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सिख समुदाय के लोगों की मांग को मानते हुए केंद्र ने छह माह में भारतीय सीमा पर नया अत्याधुनिक दर्शन स्थल (व्यूइंग गैलरी) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद पाकिस्तान न जा सकने वाले तीर्थयात्री अब अत्याधुनिक दर्शन स्थल से दूरबीन के जरिये पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के दर्शन कर सकेंगे।
बनाए गए कॉरिडोर के जरिये तीर्थयात्री पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन के लिए जा रहे हैं। लेकिन श्रद्धालुओं की तरफ से एक नए दर्शन स्थल की मांग उठाई जा रही थी। ये ऐसे श्रद्धालु थे जिनके पास पासपोर्ट नहीं होते थे, इसके अलावा कई अन्य कारणों से पाकिस्तान दर्शन के लिए नहीं जा सकते थे।
यह दर्शन स्थल लैंड पोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया की ओर से बनाया जाएगा। जिसके लिए बाकायदा टेंडर जारी कर आवेदनों की मांग की गई है। इस स्थल को बनाने के लिए आरक्षित कीमत 3 करोड़ 22 लाख रुपये रखी गई है और टेंडर अलॉट होने के बाद छह माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
नए दर्शन स्थल में होंगी दो मंजिलें
नए दर्शन स्थल में दो मंजिलें होंगी, जिसमें पहली मंजिल पर करतारपुर गुरुद्वारे का दृश्य देखने के लिए 8.5 मीटर ऊंची इमारत होगी। यह गैलरी गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग में 435 वर्ग मीटर में बनेगी। बता दें कि तीर्थयात्री करतारपुर गुरुद्वारे के दर्शन के लिए इसी गलियारे से निकलते हैं, जहां यह इमारत स्थित है।
पहली मंजिल पर वातानुकूलित दर्शन स्थल पर दर्शन करने के लिए बने डैक के साथ एक वीआईपी व्यूइंग डैक भी होगा, जिसके साथ डिजीटल स्क्रीन के साथ एक वीआईपी व्यूइंग लाउंज बनाया जाएगा। जबकि ग्राउंड फ्लोर पर एक कॉफी शॉप और एक सोविनियर की दुकान के साथ-साथ शौचालय भी होंगे। अगले माह काम आवंटित होने के बाद छह माह की समय सीमा तय की गई है और इस माह की शुरुआत में निविदाएं आमंत्रित किए जाने के बाद गत सप्ताह एक बैठक आयोजित की गई थी।
पाकिस्तान जाने में असमर्थ लोगों के लिए होगी सहूलियत
बताते चलें कि इस संबंध में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू, विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पिछले साल केंद्र से नया दर्शन स्थल बनाने की अपील करते हुए कहा था कि यह उन हजारों तीर्थयात्रियों के लिए वरदान होगा, जो मौजूदा गलियारे के बावजूद विभिन्न कारणों से श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन करने में असमर्थ हैं।अभी तक गलियारे के माध्यम से गुरुद्वारे की यात्रा के लिए श्रद्धालु के पास पासपोर्ट होना चाहिए। इसके अलावा पाकिस्तानी अधिकारियों को 20 डॉलर शुल्क का भुगतान करना होता है और अनुमति के लिए दो सप्ताह पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है।