एनआईए करेगी शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह हत्याकांड की जांच, 200 आतंकियों से लिया था लोहा
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शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह हत्याकांड की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। बता दें कि बलविंदर सिंह ने पंजाब में आतंकवाद के दौर में आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया था। तरनतारन के भिखीविंड में पिछले साल अक्तूबर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बलविंदर सिंह शौर्य चक्र विजेता थे और उनके जीवन पर कई टेलीफिल्में भी बनी थीं। इससे पहले उन पर 42 बार हमले हुए थे। उनके परिवार ने हत्यांकाड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। बलविंदर सिंह कस्बे में निजी स्कूल चलाते थे। वे कामरेड बलविंदर के नाम से मशहूर थे। स्कूल के ऊपर ही उनका आवास है।
जब 200 आतंकियों को खदेड़ा
सितंबर 1990 में पंजवड़ ने 200 आतंकवादियों के साथ बलविंदर सिंह के घर में हमला किया था। इसमें रॉकेट लांचर का भी इस्तेमाल किया था। बलविंदर के घर में पक्के बंकर बने थे। आतंकवादियों ने बलविंदर के घर को चारों तरफ से घेर लिया था, उनके घर की तरफ जाने वाले सभी रास्ते भी ब्लॉक कर दिए गए थे ताकि पुलिस व अर्धसैनिक बल मदद को न आ सकें।
पांच घंटे चली इस मुठभेड़ में पंजवड़ भाग खड़ा हुआ था और उसके कई गुर्गे मारे गए थे। घर में बनाए गए मोर्चे से परिवार के सभी सदस्यों ने स्टेनगन आदि हथियारों से आतंकवादियों का बहादुरी से मुकाबला किया था। इसके बाद बलविंदर सिंह का नाम सुर्खियों में आ गया था। इसके बाद 1993 में गृह मंत्रालय की सिफारिश पर तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने बलविंदर सिंह, उनके बड़े भाई रंजीत सिंह और उनकी पत्नियों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।
कांट्रैक्ट किलिंग थी बलविंदर की हत्या
शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या कांट्रैक्ट किलिंग थी। गैंगस्टर सुख भिखारीवाल ने गुरजीत सिंह और सुखदीप सिंह से शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या करने लिए तीन लाख रुपये में सौदा किया था। इसमें से एक लाख 20 हजार रुपये किसी करीबी के माध्यम से मुहैया करा दिए थे। भिखारीवाल ने हत्या करने के आरोपियों को बताया था कि बलविंदर सिंह मामूली आदमी है। दोनों आरोपियों ने शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू को आम आदमी समझ हत्या कर दी।
National Investigation Agency (NIA) says it has taken up the investigation of Saurya Chakra awardee Comrade Balwinder Singh Sandhu's murder case.
— ANI (@ANI) January 27, 2021
He was shot dead by unidentified persons in Bhikiwind area of Tarn Taran district of Punjab in October last year. pic.twitter.com/n0iUzkxEAw