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जालंधर में मिले नवजात ने अमृतसर में तोड़ा दम, प्लॉट में फेंकने वाला युवक गिरफ्तार
Sun, 09 Aug 2020 12:54 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 09 Aug 2020 12:54 PM IST
सार
- प्लॉट में मिले नवजात को कोरोना के कारण जालंधर में नहीं मिला वेंटिलेटर, अमृतसर में मौत
- नवजात को प्लॉट में फेंकने वाली मां फरार, उसका प्रेमी गिरफ्तार
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मासूम
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विस्तार
जालंधर के बूटा पिंड के खाली प्लॉट में मिले नवजात शिशु की अमृतसर में मौत हो गई। जालंधर में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण शिशु को वेंटिलेटर नहीं मिला और इलाज के दौरान अमृतसर में उसकी मौत हो गई। बच्चे की बिन ब्याही मां अभी फरार है लेकिन पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
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गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला रायबरेली के गांव सिजणी निवासी मुकेश कुमार के तौर पर हुई है। मुकेश बूटा पिंड में गोपी का वेहड़ा में रहता है। लड़की बिहार के जिला अररिया के थाना मदनपुर के गांव वरदान अराइया की निवासी है। वह अपनी बहन और जीजा के साथ रहती थी। दोनों के प्रेम संबंध बने तो 18 साल की लड़की गर्भवती हो गई। उसको सातवां महीना चल रहा था।
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मुकेश ने एक चिकित्सक से बात की तो उसने गर्भ गिराने की दवा दे दी। मुकेश ने दवा लड़की को पिला दी, जिससे बाथरूम में उसकी डिलीवरी हो गई। इसके बाद मुकेश ने बच्चा उठाकर प्लाट में फेंक दिया लेकिन उसकी सांस चल रही थी। आसपास कुत्ते मंडरा रहे थे। सैर कर रहे लोगों ने खाली प्लाट से बच्चे की रोने की आवाज सुनी।
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शिशु को जालंधर के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। लेकिन कोरोना के कारण वेंटिलेटर नहीं मिलने पर उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अमृतसर रेफर कर दिया गया। श्री गुरुनानक देव जी अस्पताल स्थित पीडिएट्रिक विभाग में वेंटिलेटर पर रखकर शिशु का उपचार किया जा रहा था। शरीर में भारी इंफेक्शन था और सांस लेने में भी तकलीफ थी।
डॉक्टरों ने नवजात को बचाने का भरसक प्रयास किया लेकिन शुक्रवार देर रात उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने नवजात का शव पुलिस के हवाले कर दिया है। थाना छह के एसएचओ सुरजीत सिंह का कहना है कि पुलिस ने मुकेश को काबू कर लिया है। अब चिकित्सक की तलाश की जा रही है। इसके अलावा लड़की को खोजा जा रहा है। उसको भी गिरफ्तार किया जाएगा।