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पंचकूला में नई व्यवस्था: बच्चा स्कूल पहुंचा या नहीं... आएगा मैसेज, बनाए जाएंगे RIFD चिप युक्त आई कार्ड
Wed, 09 Aug 2023 10:50 AM IST
निवेदिता वर्मा
आदेश चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
आदेश चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 09 Aug 2023 10:50 AM IST
सार
स्कूल के गेट पर आरआईएफडी डिवाइस लगाई जाएगी। बच्चों के आई कार्ड में भी इस डिवाइस से जुड़ी चिप लगाई जाएगी। इस व्यवस्था को बच्चे भेद नहीं पाएंगे। अगर कोई अपने साथी या दूसरे किसी विद्यार्थी को अपना आई कार्ड दे देता है तो डिवाइस पर बच्चे की हाजिरी लग जाएगी।
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विस्तार
पंचकूला के बरवाला ब्लॉक के बतौड़ गांव स्थित गवर्नमेंट संस्कृति मॉडल स्कूल में नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। जब बच्चा स्कूल पहुंचेगा तो अभिभावकों और अध्यापकों के मोबाइल पर मैसेज आएगा। ऐसे ही जब बच्चा स्कूल से निकलेगा तो फिर से उनके मोबाइल पर मैसेज पहुंचेगा। इसके लिए स्कूल के गेट पर आरआईएफडी डिवाइस लगाई जाएगी। बच्चों के आई कार्ड में भी इस डिवाइस से जुड़ी चिप लगाई जाएगी। ऐसा करने वाला बतौड़ गांव का यह स्कूल प्रदेश का पहला स्कूल होगा।
यह भी पढ़ें: Nuh Violence: अब डिप्टी सीएम बोले-हिंसा की जानकारी दोपहर डेढ़ बजे मिली थी, गृहमंत्री दे चुके हैं अलग बयान
स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा के लिए कई फैसले लिए हैं। कई बार अभिभावकों को यह पता नहीं चल पाता है कि बच्चा स्कूल जा रहा है या नहीं। इसलिए एसएमसी और स्कूल प्रशासन ने आरएफआईडी चिप का सहारा लिया है। यह सुविधा अगस्त के अंत तक शुरू हो जाएगी। इसके अलावा स्कूल का एक एप बनाने की भी योजना बनाई है। एप से अभिभावक बच्चों को दिए गए होमवर्क की जानकारी ले सकेंगे। अगर बच्चा होमवर्क नहीं करता है तो वह भी एप से ही पता चल जाएगा।
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व्यवस्था को भेद नहीं सकेंगे विद्यार्थी
बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाई गई इस व्यवस्था को बच्चे भेद नहीं पाएंगे। अगर कोई अपने साथी या दूसरे किसी विद्यार्थी को अपना आई कार्ड दे देता है तो डिवाइस पर बच्चे की हाजिरी लग जाएगी। मगर क्लासरूम में अध्यापकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से हाजिरी भी ली जाएगी। अगर कोई बच्चा होशियारी करेगा तो तुरंत पकड़ा जाएगा।
घर बैठे मिलेगी एसएलसी
स्कूल की ओर से यह भी व्यवस्था की जा रही है कि बच्चों को उनकी एसएलसी ऑनलाइन प्रदान की जाए। इससे बच्चों या उनके अभिभावकों को स्कूल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए स्कूल की वेबसाइट पर जाकर जरूरी जानकारी भरकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। यह सुविधा भी अब तक प्रदेश के किसी सरकारी स्कूल में नहीं है।
बच्चों को सुरक्षा और बेहतर शिक्षा देने के लिए एसएमसी और स्कूल प्रशासन ने यह सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। इस महीने के अंत तक आई कार्ड और डिवाइस का काम पूरा हो जाएगा। जल्द ही स्कूल का एप भी बनाया जाएगा और एसएलसी स्कूल की वेबसाइट के माध्यम से देने की योजना पर काम चल रहा है। -जितेंद्र शर्मा, प्रिंसिपल, गर्वमेंट संस्कृति मॉडल स्कूल, बतौड़
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स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा के लिए कई फैसले लिए हैं। कई बार अभिभावकों को यह पता नहीं चल पाता है कि बच्चा स्कूल जा रहा है या नहीं। इसलिए एसएमसी और स्कूल प्रशासन ने आरएफआईडी चिप का सहारा लिया है। यह सुविधा अगस्त के अंत तक शुरू हो जाएगी। इसके अलावा स्कूल का एक एप बनाने की भी योजना बनाई है। एप से अभिभावक बच्चों को दिए गए होमवर्क की जानकारी ले सकेंगे। अगर बच्चा होमवर्क नहीं करता है तो वह भी एप से ही पता चल जाएगा।
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व्यवस्था को भेद नहीं सकेंगे विद्यार्थी
बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाई गई इस व्यवस्था को बच्चे भेद नहीं पाएंगे। अगर कोई अपने साथी या दूसरे किसी विद्यार्थी को अपना आई कार्ड दे देता है तो डिवाइस पर बच्चे की हाजिरी लग जाएगी। मगर क्लासरूम में अध्यापकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से हाजिरी भी ली जाएगी। अगर कोई बच्चा होशियारी करेगा तो तुरंत पकड़ा जाएगा।
घर बैठे मिलेगी एसएलसी
स्कूल की ओर से यह भी व्यवस्था की जा रही है कि बच्चों को उनकी एसएलसी ऑनलाइन प्रदान की जाए। इससे बच्चों या उनके अभिभावकों को स्कूल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए स्कूल की वेबसाइट पर जाकर जरूरी जानकारी भरकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। यह सुविधा भी अब तक प्रदेश के किसी सरकारी स्कूल में नहीं है।
बच्चों को सुरक्षा और बेहतर शिक्षा देने के लिए एसएमसी और स्कूल प्रशासन ने यह सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। इस महीने के अंत तक आई कार्ड और डिवाइस का काम पूरा हो जाएगा। जल्द ही स्कूल का एप भी बनाया जाएगा और एसएलसी स्कूल की वेबसाइट के माध्यम से देने की योजना पर काम चल रहा है। -जितेंद्र शर्मा, प्रिंसिपल, गर्वमेंट संस्कृति मॉडल स्कूल, बतौड़