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Haryana News: कबूतरबाजी पर अनिल विज बेहद सख्त, SIT की गठित, इस अधिकारी को सौंपी कमान
Thu, 13 Apr 2023 10:53 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 13 Apr 2023 10:53 PM IST
सार
यह एसआईटी प्रदेश के युवाओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले और उनसे लाखों रुपये ऐंठकर गैर-कानूनी तरीके से विदेश भेजने वाले कबूतरबाजी के मामलों की जांच करेगी। टीम को सख्ती से इन मामलों से निपटने के दिशा-निर्देश गृह मंत्री अनिल विज ने दिया है।
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गृह मंत्री अनिल विज।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
हरियाणा में एक बार फिर तेजी से बढ़ते कबूतरबाजी के मामलों को देखते हुए प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने नए सिरे से एसआईटी का गठन किया है। अब एसआईटी के हेड अंबाला रेंज के आईजी सिबास कविराज होंगे। साथ ही उनके साथ अंबाला के एसपी जशनदीप सिंह रंधावा और कैथल के एसपी अभिषेक जोरवाल एसआईटी के सदस्य होंगे।
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यह एसआईटी प्रदेश के युवाओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले और उनसे लाखों रुपये ऐंठकर गैर-कानूनी तरीके से विदेश भेजने वाले कबूतरबाजी के मामलों की जांच करेगी। टीम को सख्ती से इन मामलों से निपटने के दिशा-निर्देश गृह मंत्री अनिल विज ने दिया है।
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गौरतलब है कि लॉकडाउन के समय 2020 में विदेश गए काफी संख्या में युवकों को अमेरिका ने वापस भेज दिया था। इसमें सैंकड़ों की संख्या हरियाणा के युवकों की थी। इसके बाद जून 2020 में सरकार ने करनाल की आईजी भारती अरोड़ा की अध्यक्षता में सात सदस्यीय एसआईटी बनाई थी। एसआईटी में आईपीएस नाजनीन भसीन, राहुल शर्मा, हिमांशु गर्ग, लोकेंद्र सिंह, शशांक कुमार और मोहित हांडा को शामिल किया गया था।
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इस एसआईटी ने 450 से ज्यादा मामले कबूतरबाजों पर दर्ज करते हुए 657 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। साथ ही दो करोड़ से अधिक की रिकवरी की गई थी। दिसंबर, 2021 में आईपीएस भारती अरोड़ा ने वीआरएस ले ली थी और बाद में सरकार ने आईजी करनाल सतेंद्र गुप्ता को इस एसआईटी का हेड बनाया था। अब दोबारा से प्रदेश में बढ़ते मामलों को देखते हुए अनिल विज ने नए सिरे से एसआईटी का गठन किया है।