नेहा शौरी हत्याकांडः लाइसेंस पर नहीं हुई थी हथियार की एंट्री, पति ने इन पर जताया शक
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डॉ. नेहा शौरी की हत्या करने वाले बलविंदर ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद हथियार खरीदा और उसकी एंट्री भी जारी हुए आर्म्स लाइसेंस पर नहीं करवाई। घटनाक्रम पर प्रशासनिक लापरवाही के चलते चौतरफा आलोचना से घिरी पंजाब सरकार ने अब हत्याकांड के तथ्यों की जांच के लिए हाई पावर कमेटी बना दी है। सूत्रों के अनुसार इस कमेटी में आईजी रोपड़ वी नीरजा सहित एसएसपी मोहाली, एसएसपी रोपड़, एडीसी जनरल रोपड़ को शामिल किया गया है।
डॉ. नेहा शौरी को बलविंदर ने जिस रिवाल्वर से गोली मारी, उसका आर्म्स लाइसेंस चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले 8 मार्च को जारी किया गया था। 10 मार्च को चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लागू हो गई। लिहाजा बलविंदर ने आचार संहिता लागू होने के बाद रोपड़ के विपिन गन हाउस से हथियार खरीदा।
डीसी रोपड़ सुमित जारंगल ने माना कि बलविंदर के आर्म्स लाइसेंस पर खरीदे गए हथियार की एंट्री नहीं हुई थी। वहीं आर्म्स डीलर की सेल एंट्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि आर्म्स डीलर को 31 मार्च तक अपनी सेल की तिमाही रिपोर्ट देनी थी। अभी यह नहीं कहा जा सकता कि डीलर की रिपोर्ट में बलविंदर को बेचे गए हथियार की एंट्री है या नहीं।
बता दें कि डॉ. शौरी हत्याकांड की जांच के लिए एसएसपी मोहाली हरचरण सिंह भुल्लर ने एसआईटी का गठन किया था। ये एसआईटी अपना काम करेगी, जबकि स्टेट हाई पावर कमेटी उच्चस्तरीय जांच करेगी।
डॉ. नेहा शौरी हत्याकांड की परिवार ने की सीबीआई जांच की मांग
डॉ. नेहा शौरी हत्या के मामले में अब परिजनों ने सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई है। सोमवार को बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। साथ ही आश्वासन दिया कि वह सीबीआई जांच की मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करके मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा मामले में आज गठित की गई एसआईटी के गठन और अब तक की पुलिस जांच पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि कुछ घंटों में पुलिस बयान लेकर मामले को बंद करने की कोशिश में है। आचार संहिता के बाद लाइसेंस जारी करना संदेहात्मक है। इस मामले में गहनता से जांच की जानी चाहिए। इस मामले में सिविल एवं क्रिमनल पक्ष भी है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे पर सवार होकर पंजाब में कैप्टन सरकार सत्ता में आई थी। उसे एक यंग महिला अफसर अपनी जिम्मेदारी से निभा रही थी।
वह नशे के खिलाफ काम कर रही थी। लेकिन पंजाब सरकार द्वारा मामले को दबाने की कोशिश करना बहुत ही निंदनीय है। डॉ. नेहा शौरी के पति वरुण मोंगा ने हत्या मामले में ड्रग माफिया का हाथ होने का शक जताया है। खरड़ स्थित इतने संवेदनशील विभाग में सुरक्षा पर हैरानी जताई है।