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Chandigarh News: पीयू में नई शिक्षा नीति इसी सत्र से, 40% से कम अंक वाले होंगे फेल
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी इस सत्र (2023-24) से स्नातक के पहले वर्ष में नई शिक्षा नीति-2020 लागू करने जा रही है। इसमें नई शिक्षा नीति के नियमों के तहत ही दाखिले होंगे और कोर्स संचालित किया जाएगा। वहीं, पीयू से संबद्ध पंजाब और चंडीगढ़ के कॉलेजों में नई शिक्षा नीति-2020 अगले सत्र (2024-25) से लागू की जाएगी। पीयू की ओर से शनिवार को आयोजित सीनेट की बैठक में कॉलेजों और पीयू में नई शिक्षा नीति को लागू करने को लेकर करीब ढाई-तीन घंटे बहस चली, इसके बाद अधिकतर सदस्यों की असहमति को देखते हुए कुलपति प्रो. रेणु विग ने कॉलेजों के लिए इस सत्र में नई शिक्षा नीति लागू करने के फैसले को वापस ले लिया। पीयू की ओर से बनाए गए नियमों के अनुसार, अब 40 प्रतिशत से कम अंक वाले छात्र को फेल माना जाएगा। इसके लिए पीयू ने आकलन और अंकन का पूरा कार्यक्रम बनाया है। वहीं नियमों के अनुसार, छात्रों को दूसरे साल में अपने प्रमुख विषय को बदलने का मौका मिलेगा। उम्मीदवार को पहले वर्ष में मूल विषय के साथ एक अतिरिक्त विषय का चयन करना होगा। पहला वर्ष पूरा करने के बाद उम्मीदवार को विकल्प दिया जाएगा कि वो अपने मूल विषय को अतिरिक्त और अतिरिक्त विषय को मूल में बदल सकता है। इससे अगर छात्र की मूल विषय में रुचि नहीं बन पाई तो उसे दूसरे वर्ष में एक मौका मिल सकेगा। इसके अलावा छात्रों को बहु-विषयक पाठ्यक्रम, योग्यता संवर्धन पाठ्यक्रम, कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम, मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम भी पढ़ाए जाएंगे।
ये रहेगा चार वर्ष की पढ़ाई का कार्यक्रम
अध्ययन का समय
कुल सेमेस्टर
सर्टिफिकेट अर्जित
चार वर्ष
आठ सेमेस्टर
बैचलर डिग्री ऑनर्स
तीन वर्ष
छह सेमेस्टर
बैचलर डिग्री
दो वर्ष
चार सेमेस्टर
अंडर ग्रेजुएट डिप्लोमा
एक वर्ष
दो सेमेस्टर
अंडरग्रेजुएट प्रमाण पत्र (चयनित विषय में)
कई बार प्रवेश और निकासी का रहेगा विकल्प
पीयू अभी पहले वर्ष के लिए नई शिक्षा नीति लागू करने जा रही है। इससे सिर्फ पहले वर्ष के कोर्स के पाठ्यक्रम और दाखिला प्रक्रिया के साथ आकलन का तरीका बदलने जा रहा है। छात्रों के पास कई बार प्रवेश करने और निकासी का विकल्प भी होगा। अगर वह किसी कारणवश पहले कॉलेज छोड़ देते हैं और अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाते हैं तो उन्हें अगले सालों में फिर से अपनी पढ़ाई पूरी करने की इजाजत दी जाएगी। इसके लिए मापदंड तय किए जाएंगे।
परिणाम एसजीपीए के आधार पर होगा जारी
अंक प्रतिशत
ग्रेड प्वाइंट
लेटर ग्रेड
95 से 100
10
ओ (आउटस्टैंडिग)
85 से 95
9
ए प्लस ( एक्सीलेंट)
75 से 8
8
ए (वैरी गुड)
65 से 75
7
बी प्लस (गुड)
55 से 65
6
बी (अबव एवरेज)
45 से 55
5
सी (एवरेज)
40 से 45
4
पी (पास)
40 से कम
0
फेल
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ये रहेगा चार वर्ष की पढ़ाई का कार्यक्रम
अध्ययन का समय
कुल सेमेस्टर
सर्टिफिकेट अर्जित
चार वर्ष
आठ सेमेस्टर
बैचलर डिग्री ऑनर्स
तीन वर्ष
छह सेमेस्टर
बैचलर डिग्री
दो वर्ष
चार सेमेस्टर
अंडर ग्रेजुएट डिप्लोमा
एक वर्ष
दो सेमेस्टर
अंडरग्रेजुएट प्रमाण पत्र (चयनित विषय में)
कई बार प्रवेश और निकासी का रहेगा विकल्प
पीयू अभी पहले वर्ष के लिए नई शिक्षा नीति लागू करने जा रही है। इससे सिर्फ पहले वर्ष के कोर्स के पाठ्यक्रम और दाखिला प्रक्रिया के साथ आकलन का तरीका बदलने जा रहा है। छात्रों के पास कई बार प्रवेश करने और निकासी का विकल्प भी होगा। अगर वह किसी कारणवश पहले कॉलेज छोड़ देते हैं और अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाते हैं तो उन्हें अगले सालों में फिर से अपनी पढ़ाई पूरी करने की इजाजत दी जाएगी। इसके लिए मापदंड तय किए जाएंगे।
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परिणाम एसजीपीए के आधार पर होगा जारी
अंक प्रतिशत
ग्रेड प्वाइंट
लेटर ग्रेड
95 से 100
10
ओ (आउटस्टैंडिग)
85 से 95
9
ए प्लस ( एक्सीलेंट)
75 से 8
8
ए (वैरी गुड)
65 से 75
7
बी प्लस (गुड)
55 से 65
6
बी (अबव एवरेज)
45 से 55
5
सी (एवरेज)
40 से 45
4
पी (पास)
40 से कम
0
फेल