बहन के सबसे छोटे देवर से संबंध, फिर बड़े देवर संग की शादी, बच्ची जन्मी तो खाली फ्लॉट में छोड़ा
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यमुनानगर के थाना छप्पर पुलिस ने एक पांच दिन की बच्ची को मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन के पास एक प्लॉट से बरामद किया है। बच्ची के बारे गांव ऊंचा चांदना के सरपंच ने पुलिस को सूचना दी थी। इसी सूचना पर पुलिस ने तेजी दिखाई और चंद मिनटों में बच्ची को बचा लिया। पुलिस बच्ची को लेकर जगाधरी सिविल अस्पताल पहुंची और सूचना चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की अंजू वाजपेयी को दी।
चाइल्ड लाइन ने बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया। वहीं पुलिस ने बच्ची के मां-बाप को ढूंढ लिया है। पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जबकि मां चाइल्ड लाइन के पास है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस पिता पर केस दर्ज करने की तैयारी में जुटी है। बच्ची के मां-बाप की उम्र सिर्फ 19 साल है।
चाइल्ड लाइन कमेटी की जिलाध्यक्ष डॉ. अंजू वायपेयी ने बताया कि मां-बाप ने ही बच्ची से छुटकारा पाने के लिए उसे प्लॉट में छोड़ा था। चूंकि बच्ची का पिता युवती का पति नहीं बल्कि उसका 14 वर्षीय देवर है। युवती ने चार महीने पहले ही अपने घर से भाग कर प्रेम विवाह किया था। अब यमुनानगर के सिविल अस्पताल में शनिवार को बच्ची को जन्म दिया था।
यह बात आई सामने
इस मामले में यह बात सामने आई है कि इस बच्ची का पिता युवती का पति नहीं कोई ओर है। चूंकि 19 वर्षीय युवती ने चार महीने पहले ही प्रेम विवाह किया है। वहीं पिता का कहना है कि प्रेम प्रसंग के दौरान उसने युवती के साथ कभी शारीरिक संबंध ही नहीं बनाए तो उसकी बच्ची कैसे हो गई। युवती ने बताया कि वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बनारस की रहने वाले हैं। उसकी यहां मां रहती है।
युवती ने बताया कि उसकी बड़ी बहन की शादी बनारस में हुई है। इस दौरान वह अपनी बहन के पास रहती थी। जहां उसकी बहन का सबसे छोटा देवर उसके करीब आ गया और उनके संबंध बनने लगे। वहीं उसकी बहन का बड़ा देवर यानि उसका पति उसे प्रेम करता था और शादी करना चहता था। करीब चार महीने पहले उसने घर से भागकर अपनी बहन के बड़े देवर से शादी कर ली।
इस दौरान पति को पता चल गया कि वह गर्भवती है तो उसने सारी बात बता दी। शनिवार को युवती ने यमुनानगर सिविल अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। बुधवार को वह बच्ची को लेकर शाम को ट्रेन से मुस्तफाबाद पहुंचे और मौका पाकर गांव ऊंचा चांदना के खाली प्लॉट में छोड़ दिया।