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‘नील जल की सोन मछलियां’ का विमोचन
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Nov 2013 11:07 AM IST
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गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 में शनिवार को श्री शिव साई राम सेवा समिति के सौजन्य से पुनीता बावा की तीसरी पुस्तक ‘नील जल की सोन मछलियां’ का विमोचन हुआ।
सांसद पवन कुमार बंसल, वरिष्ठ साहित्यकार रमेश कुंतल मेघ और हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक श्याम सखा श्याम ने पुस्तक का विमोचन किया।
आचार्य कुल ट्रस्ट चंडीगढ़ के अध्यक्ष केके शारदा ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में पुनीता बावा ने चंडीगढ़ में अपनी पहचान बनाई है।
सांसद पवन बंसल ने कहा कि पुनीता बावा ने थोड़े ही समय में अपनी साहित्यिक यात्रा के कई सोपान पार कर लिए हैं। भविष्य में उनके ठोस और समाज हितकारी प्रयास सामने आएंगे। इस काव्य संग्रह में 70 कविताएं हैं।
रमेश कुंतल मेघ ने कहा कि पुनीता ने नारी मन में उठने वाले प्रत्येक भाव को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। वह नारी को द्रोह करने को नहीं उसकाती, लेकिन नारी हृदय की पीड़ा को प्रस्तुत करने को अपनी कलम में भरपूर स्याही रखती हैं।
कार्यक्रम में गांधी स्मारक भवन के निदेशक देवराज त्यागी, प्रेम विज, विजय कपूर, चंद भार्गव, बलवीर तन्हा के अलावा पुनीता बावा ने भी अपने विचार रखे। श्री शिव साईं राम सेवा समिति के अध्यक्ष आरके गर्ग ने पुनीता बाबा की प्रशंसा करते हुए पुस्तक के लिए बधाई दी।
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सांसद पवन कुमार बंसल, वरिष्ठ साहित्यकार रमेश कुंतल मेघ और हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक श्याम सखा श्याम ने पुस्तक का विमोचन किया।
आचार्य कुल ट्रस्ट चंडीगढ़ के अध्यक्ष केके शारदा ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में पुनीता बावा ने चंडीगढ़ में अपनी पहचान बनाई है।
सांसद पवन बंसल ने कहा कि पुनीता बावा ने थोड़े ही समय में अपनी साहित्यिक यात्रा के कई सोपान पार कर लिए हैं। भविष्य में उनके ठोस और समाज हितकारी प्रयास सामने आएंगे। इस काव्य संग्रह में 70 कविताएं हैं।
रमेश कुंतल मेघ ने कहा कि पुनीता ने नारी मन में उठने वाले प्रत्येक भाव को शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है। वह नारी को द्रोह करने को नहीं उसकाती, लेकिन नारी हृदय की पीड़ा को प्रस्तुत करने को अपनी कलम में भरपूर स्याही रखती हैं।
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कार्यक्रम में गांधी स्मारक भवन के निदेशक देवराज त्यागी, प्रेम विज, विजय कपूर, चंद भार्गव, बलवीर तन्हा के अलावा पुनीता बावा ने भी अपने विचार रखे। श्री शिव साईं राम सेवा समिति के अध्यक्ष आरके गर्ग ने पुनीता बाबा की प्रशंसा करते हुए पुस्तक के लिए बधाई दी।
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