माता के दर पर श्रद्धा अपार, श्रद्धालु पहुंचे 55 हजार
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यह दरबार मातारानी का है। इस दरबार में श्रद्धालुओं की इतना श्रद्धा है कि दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आ रहे हैं। नवरात्र मेले के पहले ही दिन श्री माता मनसादेवी मंदिर में करीब 55 हजार श्रद्धालु पहुंचे।
श्रद्धालु मातारानी के जयकारे लगाते हुए मेले में पहुंच रहे हैं। पहले दिन श्रद्धालुओं ने श्री माता मनसादेवी एवं काली माता मंदिर में 12 लाख 42 हजार 471 रुपये दानस्वरूप अर्पित किए।
श्री माता मनसादेवी पूजास्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक एवं उपायुक्त पंचकूला विवेक आत्रेय ने बताया कि श्रद्धालुओं ने श्री माता मनसादेवी के चरणों में नौ लाख, 97 हजार, 845 रुपये की राशि दानस्वरूप अर्पित की।
श्री माता मनसादेवी मंदिर में सोने के तीन, जबकि चांदी के 53 नग दानस्वरूप अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने डॉलर और पौंड भी अर्पित किए।
काली माता मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें
कालका स्थित सिद्ध शक्तिपीठ काली माता मंदिर में नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि भक्तों की कतारें पुराने एनएच तक लगी रही।
नवरात्र के पहले दिन काली माता मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। सुबह होते-होते भक्तों की लाइनें पुराने एनएच पर परवाणू बैरियर व कालका बाजार की ओर तक लग गईं।
काली माता मंदिर भंडारा कमेटी ने भंडारा हॉल में दिन-रात भंडारा भी शुरू कर दिया है। लोगों ने मांग की है कि दर्शन करने आने वाले विकलांग, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार भक्तों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की जाए।
मनसादेवी श्राइन बोर्ड के मुख्य पुजारी शिव कुमार शास्त्री ने बताया कि पहले दिन हजारों भक्तों ने मां महाकाली के चरणों में शीश झुकाया।
जगह-जगह पर भंडारों का आयोजन
रायपुररानी कस्बे में स्थित ऐतिहासिक शक्तिपीठ समलाशनदेवी मंदिर, शारदा माता मंदिर छोटा त्रिलोकपुर व समलौठा मोरनी स्थित देवी मंदिर में प्रथम नवरात्र के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ रही।
श्री दुर्गा सेवा निर्माण समिति की ओर से भंडारा शुरू कर दिया गया है। छोटा त्रिलोकपुर व समलौठादेवी मंदिरों में बनाई गई कमेटियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है।
वहीं, साकेतवासी श्रीश्री 108 बाबा भगवतदास महाराज की 18वीं पुण्यतिथि व प्रथम नवरात्र पर रामकुंडी आश्रम में संगीतमय रामकथा शुरू की गई है।
मुख्य सहायक शाम मंगल व भूपेश सिंघल ने बताया कि कथा का भोग 28 मार्च को श्रीरामनवमी उत्सव के दिन किया जाएगा। अगले दिन ध्वजारोहण कर भंडारा लगाया जाएगा। महामंडलेश्वर अशोक दास महाराज रामकथा में अमृतवर्षा करेंगे।