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रेप के आरोप के बाद 'नवकिरण' केंद्र पर लटका ताला, दो दिन पहले ही हुआ था उद्घाटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कपूरथला (पंजाब)
Updated Fri, 29 Jun 2018 09:50 AM IST
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बंद नवकिरण सेंटर
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सूबे का पहला महिलाओं और बच्चों का नशामुक्ति केंद्र ‘नवकिरण’ विवादों के चलते फिलहाल बंद हो गया है। 26 जून को उद्घाटन के चलते प्रबंधन की ओर से जहां 10 महिलाओं की मौजूदगी दिखाई, वहीं दो दिन बाद केंद्र पर ताला लटक रहा है। उद्घाटन के दिन दो पुलिस अफसरों पर नशे की लत लगाकर रेप करने के आरोप लगाने वाली युवतियों से मिलने वीरवार को नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा पहुंचे तो उन्हें केंद्र पर ताला लटकता मिला।
दो दिन पहले नवकिरण केंद्र उस समय विवादों में आ गया था, जब इसका उद्घाटन करने सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा आए थे। उस समय केंद्र में इलाज करवाने आई दो युवतियों ने डीएसपी और एसएचओ पर नशे की दलदल में धकेलने का आरोप जड़ा था, जिसके बाद सूबे की सियासत गरमा गई थी। सुखपाल सिंह खैरा ने इन युवतियों से मिलने का एलान किया था। जैसे ही नेता विपक्ष वीरवार सुबह सवा 11 बजे केंद्र पहुंचे तो इलाज के लिए भर्ती सभी महिलाओं व युवतियों को छुट्टी दे दी गई और केंद्र पर ताला लटका दिखा।
नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज मनोरोग डॉ. संदीप भोला ने कहा कि नवकिरण केंद्र में केवल दो ही इनडोर मरीज महिलाएं भर्ती थीं और आठ ओपीडी में दवा लेेेने आने वाली थी। डेढ़ माह के उपचार के बाद दाखिल एक युवती को मंगलवार को ही छुट्टी दे दी गई थी, उसके अभिभावक तो उसे लेकर जाने के लिए बैठे हुए थे। दूसरी महिला को बुधवार को छुट्टी दे दी गई। यह प्रक्रिया है। उन्हें केंद्र में दाखिल होने की जरूरत नहीं थी। नशा केंद्र के बंद होने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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कैप्टन फिर से सौगंध खाकर कहें कि सूबे में नशा खत्म : खैरा
नवकिरण केंद्र के बाहर पत्रकारों से बातचीत में खैरा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार नशे के मुद्दे पर बैकफुट पर हैं। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी का वफद दो जुलाई को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर से मिलेगा और सूबे में नशे और अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर विधानसभा में स्पेशल सत्र बुलाने की मांग की जाएगी। अगर मुख्यमंत्री उन्हें नहीं मिलेंगे तो आम आदमी पार्टी सीएम आवास के बाहर धरना देगी।
खैरा ने कहा कि पूरा मामला मीडिया में उजागर हो चुका है, लेकिन सरकार को अब भी लिखित शिकायत का इंतजार हैं। उन्होंने कहा कि सीएम एक बार फिर सरकार बनने के समय जिस तरह गुटका साहिब को हाथ में पकड़कर सौगंध खाई थी कि चार हफ्ते में नशा खत्म कर देंगे, वैसे ही अब फिर सौगंध खाकर कहें कि सूबे में नशा खत्म हो गया है। अब तो कांग्रेस के विधायक ने ही सामने आकर कह दिया है कि साड़े पल्ले कुछ नई है। इससे साफ जाहिर होता है कि नशे की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।
खैरा ने पुरुष नशामुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों की समस्याएं सुनीं और उन्हें दूर करने के लिए केंद्र प्रबंधन से कहा। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के गुरभेज सिंह औलख, गुरमीत सिंह पन्नू, लवप्रीत सिंह डडविंडी, गुलशन भट्टी, गुरपाल इंडियन, कुलदीप सिंह तेजी, सतनाम सिंह काला संघिया, संजू खुशी, बग्गा सिंह, कुलविंदर सिंह चाहल, जसमीत सिंह, जगजीत सिंह, अवतार सिंह थिंद, राकेश दोआबा, दारा सिंह, मास्टर चरणजीत सिंह और जेएल आनंद मौजूद थे।
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दो दिन पहले नवकिरण केंद्र उस समय विवादों में आ गया था, जब इसका उद्घाटन करने सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा आए थे। उस समय केंद्र में इलाज करवाने आई दो युवतियों ने डीएसपी और एसएचओ पर नशे की दलदल में धकेलने का आरोप जड़ा था, जिसके बाद सूबे की सियासत गरमा गई थी। सुखपाल सिंह खैरा ने इन युवतियों से मिलने का एलान किया था। जैसे ही नेता विपक्ष वीरवार सुबह सवा 11 बजे केंद्र पहुंचे तो इलाज के लिए भर्ती सभी महिलाओं व युवतियों को छुट्टी दे दी गई और केंद्र पर ताला लटका दिखा।
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नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज मनोरोग डॉ. संदीप भोला ने कहा कि नवकिरण केंद्र में केवल दो ही इनडोर मरीज महिलाएं भर्ती थीं और आठ ओपीडी में दवा लेेेने आने वाली थी। डेढ़ माह के उपचार के बाद दाखिल एक युवती को मंगलवार को ही छुट्टी दे दी गई थी, उसके अभिभावक तो उसे लेकर जाने के लिए बैठे हुए थे। दूसरी महिला को बुधवार को छुट्टी दे दी गई। यह प्रक्रिया है। उन्हें केंद्र में दाखिल होने की जरूरत नहीं थी। नशा केंद्र के बंद होने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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कैप्टन फिर से सौगंध खाकर कहें कि सूबे में नशा खत्म : खैरा
नवकिरण केंद्र के बाहर पत्रकारों से बातचीत में खैरा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार नशे के मुद्दे पर बैकफुट पर हैं। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी का वफद दो जुलाई को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर से मिलेगा और सूबे में नशे और अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर विधानसभा में स्पेशल सत्र बुलाने की मांग की जाएगी। अगर मुख्यमंत्री उन्हें नहीं मिलेंगे तो आम आदमी पार्टी सीएम आवास के बाहर धरना देगी।
खैरा ने कहा कि पूरा मामला मीडिया में उजागर हो चुका है, लेकिन सरकार को अब भी लिखित शिकायत का इंतजार हैं। उन्होंने कहा कि सीएम एक बार फिर सरकार बनने के समय जिस तरह गुटका साहिब को हाथ में पकड़कर सौगंध खाई थी कि चार हफ्ते में नशा खत्म कर देंगे, वैसे ही अब फिर सौगंध खाकर कहें कि सूबे में नशा खत्म हो गया है। अब तो कांग्रेस के विधायक ने ही सामने आकर कह दिया है कि साड़े पल्ले कुछ नई है। इससे साफ जाहिर होता है कि नशे की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।
खैरा ने पुरुष नशामुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों की समस्याएं सुनीं और उन्हें दूर करने के लिए केंद्र प्रबंधन से कहा। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के गुरभेज सिंह औलख, गुरमीत सिंह पन्नू, लवप्रीत सिंह डडविंडी, गुलशन भट्टी, गुरपाल इंडियन, कुलदीप सिंह तेजी, सतनाम सिंह काला संघिया, संजू खुशी, बग्गा सिंह, कुलविंदर सिंह चाहल, जसमीत सिंह, जगजीत सिंह, अवतार सिंह थिंद, राकेश दोआबा, दारा सिंह, मास्टर चरणजीत सिंह और जेएल आनंद मौजूद थे।