राजनीति: नवजोत सिंह सिद्धू ने अमरिंदर सिंह को फिर सौंपा पत्र, पंजाब कांग्रेस भवन में मंत्रियों के बैठने की उठाई मांग
नवजोत सिंह सिद्धू ने इससे पहले 27 जुलाई को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की थी। इस दौरान भी उन्होंने एक पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इसमें उन्होंने बिजली समझौतों को रद्द करने और नशे के मामलों पर कार्रवाई की मांग की थी। बाद में सिद्धू ने इस पत्र को अपने ट्विटर हैंडल पर अपलोड कर दिया था।
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पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू शुक्रवार को पार्टी महासचिव परगट सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत सिंह नागरा के साथ सिसवां स्थित कैप्टन अमरिंदर सिंह के फार्म हाऊस में मिलने पहुंचे। इस दौरान सिद्धू ने अमरिंदर सिंह को एक पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि वे अपने कैबिनेट मंत्रियों को पंजाब कांग्रेस भवन में हर रोज बैठने के निर्देश दें, जहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुलझाएं। सिद्धू ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से मंत्रियों के लिए रोस्टर बनाने की मांग भी की।
प्रदेश प्रधान बनने के बाद सिद्धू की कैप्टन से यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले 27 जुलाई को वह पंजाब सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में कैप्टन से मिलने गए थे। उस समय भी उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र सौंपकर जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर जोर देने के साथ-साथ बिजली समझौतों और ड्रग के मामलों पर कार्रवाई की मांग की थी।
यह पत्र सौंपने के साथ ही सिद्धू ने इसे अपने ट्विटर हैंडल पर वायरल भी कर दिया था लेकिन शुक्रवार को सौंपे गए पत्र का लहजा कुछ बदला-बदला सा रहा। सिद्धू ने अपने ताजा पत्र में मुख्यमंत्री से अपील की है कि पार्टी की मजबूती के लिए पार्टी प्रबंधन को और मजबूत किए जाने की जरूरत है, जिसके तहत कैबिनेट मंत्रियों को रोज पंजाब कांग्रेस भवन में बैठकर पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और आम लोगों की बात सुनने को कहा जाए।
सिद्धू ने यह लिखा पत्र में
पार्टी प्रधान के रूप में रोजाना सैकड़ों-हजारों पार्टी के साथियों से बातचीत कर रहा हूं और उनकी समस्याएं सुन रहा हूं। पंजाब के लोगों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मसले हैं, जिन्हें रोज पंजाब कांग्रेस पार्टी के ध्यान में लाया जा रहा है। मेरा, पार्टी के कार्यकारी प्रधानों का और सीनियर लीडरशिप का मानना है कि अगर हमारी कैबिनेट के मंत्री, प्रतिदिन एक मंत्री के आधार पर पंजाब कांग्रेस भवन चंडीगढ़ में बैठें तो इन मसलों को प्रभावी ढंग से हल किया जा सकता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं, यूनियनों और लोगों की चिंताएं सुनने के लिए मंत्री अगर हफ्ते के पांच दिन कांग्रेस भवन में नियमित तौर पर बैठकर मसलों पर तुरंत कार्रवाई करें तो अपने सेवाएं निभाने का यह एक बढ़िया तरीका होगा। कुशल प्रबंधन के लिए एक रोस्टर बनाना और प्रत्येक मंत्री को विभिन्न विभागों और क्षेत्रों के संबंधित मुद्दों को सुनने के लिए सिलसिलेवार बैठने की इजाजत देना, लोगों के मसले हल करने में एक अहम कदम हो सकता है।